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बहन का सुहाग बचाने को रवेंद्र देगा अपना गुर्दा
बदायूं।
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:04 AM IST
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Kidney
- फोटो : Demo
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बहन का सुहाग बचाने को रवेंद्र देगा अपना गुर्दा
बहनोई चंद्रशेखर के दोनों गुर्दे हो चुके हैं खराब
डीएम की अध्यक्षता वाली अंगदान कमेटी ने किया अनुमोदन
अब मेरठ में गुर्दा प्रत्यारोपण यूनिट में होगी जांच
संजय श्रीवास्तव
बदायूं। किसी को जीवनदान देने से बड़ा कोई दान नहीं होता। नगर पंचायत गुलड़िया के रवेंद्र सिंह (38) ने बहन का सुहाग बचाने के लिए यह महादान करने का निर्णय लिया है। दोनों गुर्दे खराब होने की वजह से जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे बहनोई को रवेंद्र अपना एक गुर्दा देंगे। डीएम की अध्यक्षता वाली अंगदान कमेटी ने रवेंद्र के निर्णय पर अनुमोदन दे दिया है।
आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच सामाजिक रिश्तों में बेहद गिरावट आई है। लोग मामूली बात या संपत्ति के लिए अपनों का खून बहा रहे हैं। बावजूद इसके समाज में अब भी ऐसे लोग हैं, जो खुद की चिंता किए बगैर परोपकार करने को आगे रहते हैं। इन्हीं लोगों में एक हैं रवेंद्र सिंह। गुलड़िया कस्बा निवासी रवेंद्र पुत्र डोरी सिंह शुक्रवार को दिन में करीब 3.30 बजे डीएम डीके सिंह के समक्ष कलक्ट्रेट स्थित सभागार में पेश हुुए। रवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने पांच-छह माह पहले एक पत्र डीएम को दिया था। इस पत्र में उन्होंने अपने बहनोई 40 वर्षीय चंद्रशेखर निवासी ग्राम सिलहरी को गुर्दा देने के लिए अनुमति मांगी थी।
डीएम की अध्यक्षता वाली अंगदान कमेटी के सामने रवेंद्र सिंह ने कहा था कि उनके बहनोई चंद्रशेखर के दोनों गुर्दे खराब हैं। दो साल से उनका मेरठ में इलाज चल रहा है। वह स्वेच्छा से अपने बहनोई चंद्रशेखर को अपना एक गुर्दा देना चाहता है। रावेंद्र ने कमेटी को इसका शपथ पत्र भी दिया। इसमें साफ कहा है कि वह अपनी मर्जी से मुफ्त में एक गुर्दा देना चाहता है। इसके लिए किसी तरह का कोई पैसा नहीं लिया है। वह गुर्दा दान करने को तैयार हैं। वह अपनी बहन का सुहाग और बहनोई का जीवन बचाना चाहते हैं। इस पर अंगदान कमेटी ने निर्णय लेते हुए रावेंद्र के पत्र पर अनुमोदन दे दिया।
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अंगदान कमेटी में ये हैं शामिल
डीएम दिनेश कुमार सिंह के अलावा संयोजक सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मंजीत सिंह, समाजसेवी पूजा रायजादा, आईएमए अध्यक्ष डॉ.चक्रेश जैन।
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रवेंद्र के गुर्दे की होगी मेरठ में जांच
बदायूं। सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने बताया कि अब रवेंद्र सिंह के गुर्दे की जांच मेरठ स्थित गुर्दा प्रत्यार्पण यूनिट में होगी। दोनों की मैचिंग होने पर ही रवेंद्र अपने बहनोई को गुर्दा दे सकेगा। सीएमओ के मुताबिक रवेंद्र सिंह का बहन के सुहाग को बचाने का बड़ा फैसला है।
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नहीं आएंगी कानूनी अड़चन
सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा ने कहा कि वैसे किसी को अंग दान में देना कानून के खिलाफ है, लेकिन जिले की कमेटी से अनुमोदन मिलने के बाद अंगदान करने में किसी तरह की कानूनी अड़चन नहीं आती है। लिहाजा रवेंद्र सिंह के इस मामले में कानूनी अड़चन नहीं आएगी।
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कोट....
रवेंद्र ने स्वेच्छा से अपने बहनोई को गुर्दा देने का प्रार्थना पत्र दिया था। कमेटी ने परीक्षण के बाद अपना अनुमोदन दे दिया। इसकी रिपोर्ट लखनऊ हेल्थ डायरेक्टर को भेजी जाएगी। वहां से अनुमति के बाद रवेंद्र गुर्दा दान कर सकेगा।
- डीके सिंह, डीएम
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बहनोई चंद्रशेखर के दोनों गुर्दे हो चुके हैं खराब
डीएम की अध्यक्षता वाली अंगदान कमेटी ने किया अनुमोदन
अब मेरठ में गुर्दा प्रत्यारोपण यूनिट में होगी जांच
संजय श्रीवास्तव
बदायूं। किसी को जीवनदान देने से बड़ा कोई दान नहीं होता। नगर पंचायत गुलड़िया के रवेंद्र सिंह (38) ने बहन का सुहाग बचाने के लिए यह महादान करने का निर्णय लिया है। दोनों गुर्दे खराब होने की वजह से जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे बहनोई को रवेंद्र अपना एक गुर्दा देंगे। डीएम की अध्यक्षता वाली अंगदान कमेटी ने रवेंद्र के निर्णय पर अनुमोदन दे दिया है।
आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच सामाजिक रिश्तों में बेहद गिरावट आई है। लोग मामूली बात या संपत्ति के लिए अपनों का खून बहा रहे हैं। बावजूद इसके समाज में अब भी ऐसे लोग हैं, जो खुद की चिंता किए बगैर परोपकार करने को आगे रहते हैं। इन्हीं लोगों में एक हैं रवेंद्र सिंह। गुलड़िया कस्बा निवासी रवेंद्र पुत्र डोरी सिंह शुक्रवार को दिन में करीब 3.30 बजे डीएम डीके सिंह के समक्ष कलक्ट्रेट स्थित सभागार में पेश हुुए। रवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने पांच-छह माह पहले एक पत्र डीएम को दिया था। इस पत्र में उन्होंने अपने बहनोई 40 वर्षीय चंद्रशेखर निवासी ग्राम सिलहरी को गुर्दा देने के लिए अनुमति मांगी थी।
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डीएम की अध्यक्षता वाली अंगदान कमेटी के सामने रवेंद्र सिंह ने कहा था कि उनके बहनोई चंद्रशेखर के दोनों गुर्दे खराब हैं। दो साल से उनका मेरठ में इलाज चल रहा है। वह स्वेच्छा से अपने बहनोई चंद्रशेखर को अपना एक गुर्दा देना चाहता है। रावेंद्र ने कमेटी को इसका शपथ पत्र भी दिया। इसमें साफ कहा है कि वह अपनी मर्जी से मुफ्त में एक गुर्दा देना चाहता है। इसके लिए किसी तरह का कोई पैसा नहीं लिया है। वह गुर्दा दान करने को तैयार हैं। वह अपनी बहन का सुहाग और बहनोई का जीवन बचाना चाहते हैं। इस पर अंगदान कमेटी ने निर्णय लेते हुए रावेंद्र के पत्र पर अनुमोदन दे दिया।
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अंगदान कमेटी में ये हैं शामिल
डीएम दिनेश कुमार सिंह के अलावा संयोजक सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मंजीत सिंह, समाजसेवी पूजा रायजादा, आईएमए अध्यक्ष डॉ.चक्रेश जैन।
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रवेंद्र के गुर्दे की होगी मेरठ में जांच
बदायूं। सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने बताया कि अब रवेंद्र सिंह के गुर्दे की जांच मेरठ स्थित गुर्दा प्रत्यार्पण यूनिट में होगी। दोनों की मैचिंग होने पर ही रवेंद्र अपने बहनोई को गुर्दा दे सकेगा। सीएमओ के मुताबिक रवेंद्र सिंह का बहन के सुहाग को बचाने का बड़ा फैसला है।
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नहीं आएंगी कानूनी अड़चन
सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा ने कहा कि वैसे किसी को अंग दान में देना कानून के खिलाफ है, लेकिन जिले की कमेटी से अनुमोदन मिलने के बाद अंगदान करने में किसी तरह की कानूनी अड़चन नहीं आती है। लिहाजा रवेंद्र सिंह के इस मामले में कानूनी अड़चन नहीं आएगी।
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कोट....
रवेंद्र ने स्वेच्छा से अपने बहनोई को गुर्दा देने का प्रार्थना पत्र दिया था। कमेटी ने परीक्षण के बाद अपना अनुमोदन दे दिया। इसकी रिपोर्ट लखनऊ हेल्थ डायरेक्टर को भेजी जाएगी। वहां से अनुमति के बाद रवेंद्र गुर्दा दान कर सकेगा।
- डीके सिंह, डीएम