फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Rape case

अगले दिन घर आने की कहकर गई निकली थी पर रात को लौटी लाश

Tue, 12 Jan 2021 12:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jan 2021 12:52 AM IST
विज्ञापन
Rape case
इसी धर्मस्थल पर हुई थी महिला के साथ वारदात। - फोटो : BADAUN
बदायूं। रविवार शाम को पांच बजे जब महिला पूजा के लिए घर से निकली थी तो उसने घरवालों से कहा था कि वह अगले दिन आएगी। क्योंकि वह वह अक्सर रविवार को मां से मिलने मायके चली जाती थी। इसी वजह से परिवार वाले निश्चिंत थे, लेकिन जब साढ़े 11 बजे वह लहूलुहान हालत में घर के दरवाजे पर आई तो सभी स्तब्ध रह गए। किसी को यह एहसास नहीं था कि उसके साथ ऐसा हो जाएगा। वे तो उसके अगले दिन सकुशल लौटने की उम्मीद में थे, लेकिन उसी रात उनको उसकी लाश देखने को मिली।
विज्ञापन

महिला के घर में उसका पति, बेटी और दो छोटी बेटियां रहती हैं। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। घटना वाले दिन रविवार शाम को महिला अपने पति और बेटे से कहकर निकली थी कि वह पूजा करने जा रही है और वहां से मायके अपनी मां के पास चली जाएगी। बेटे ने बताया कि पुजारी का सुबह से फोन आ रहा था। शाम को फोन आया तो मां ने उससे बात की और थोड़ी देर बाद घर से निकल गई। बेटे के अनुसार जिस गांव में मंदिर है उसे में मां का मायका है। यदि कच्चे रास्ते से होकर जाएं तो दूरी पांच किलोमीटर पड़ती है। बेटे ने बताया कि उन्हें पता था कि मां अगले दिन ही घर आएगी इसलिए परिवार के सभी लोग खाना खाकर सो गए। रात लगभग साढ़े 11 बजे पुजारी ने आवाज लगाई तो उसने दरवाजा खोला तो सामने पुजारी सत्यनारायण, वेदराम और जसपाल खड़े थे। तीनों मां को दरवाजे पर डालकर गाड़ी में बैठकर चले गए। अंधेरा और नींद में होने की वजह से वह मां को ढंग से नहीं देख सका।
विज्ञापन

महिला की बेटियों का भी यही कहना है कि जब उनकी मां रात में आई तो उसकी सांसें थम चुकी थी। खून से सनी रजाई और मां का मोबाइल दरवाजे पर पड़ा था। घटना के बाद से महिला का पति चुप्पी साधे है। वह न तो किसी से बात कर रहा है और न ही किसी बात का जवाब दे रहा है। घटना के अगले दिन भी वह एक कोने में बैठा रहा। घर पहुंचने वाले अधिकारियों समेत नेताओं ने भी उससे बात करने का प्रयास किया, लेकिन वह कुछ नहीं बोला।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेटा कहता है घर आने तक मां मर चुकी थी.. पति कहता है- जिंदा थी
बदायूं। सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में आखिर सच्चाई क्या है ये पुलिस की विवेचना पूरी होने के बाद ही पता चलेगा, लेकिन परिवार वालों ने जो बयान दिए हैं वह एक-दूसरे के विरोधाभासी हैं। जहां बेटा लगातार ये कह रहा है कि जब आरोपी उसकी मां को घर के दरवाजे पर फेंककर गए थे तब उसकी सांसे थम चुकी थीं, वहीं पति का कहना है कि महिला करीब आधा घंटा तक जिंदा रही। दम तोड़ने से पहले उसने बताया था कि उसकी यह हालत कुंए में गिरने से हुई है। ऐसे में अब पुलिस की जांच दोनों दिशाओं में चल रही है।
चार जनवरी को सुबह महिला का पति अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ थाने पहुंचा था। थाने में उसका कहना था कि पत्नी तीन जनवरी को शाम करीब पांच बजे जब पत्नी घर से निकली थी तब उसने बताया था कि वह मंदिर जा रही और अगले दिन सुबह लौटेगी। रात में मायके में मां के पास रुकेगी, लेकिन उसी रात करीब साढ़े 11 बजे पुजारी और उसके दो सहयोगी उसे घर लेकर पहुंचे थे। वह घायल अवस्था में थी। परिवार वालों से बोल भी रही थी तब उसने कहा था कि वह कुएं में गिर गई थी। इसके कुछ घंटे बाद यानी सोमवार दोपहर के समय उसके बेटे का बयान आया कि पुजारी और उसके सहयोग उसकी मां को मृत अवस्था में घर छोड़ गए थे। उसने दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया था।
जब से ये मामला सुर्खियों में आया है, तब से पुलिस भी कई बार उनसे जानकारी ले चुकी है। इसमें पिता-पुत्र ही नहीं महिला की दोनों बेटियों के बयान भी विरोधाभासी बताए गए हैं। इससे पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि महिला जब घर आई थी, तब जीवित थी और उसने परिवार वालों को आपबीती भी बताई थी। चार जनवरी को सामने आए वीडियो में महिला का पति भी यह बता रहा था कि महिला को जब आरोपी रात में घर के दरवाजे पर डालकर गए थे, तब वह जिंदा थी।
सोमवार शाम से पति ने साध ली चुप्पी
घटना के बाद जब महिला का पति सुबह थाने पहुंचा था तो उसने यही कहा था कि महिला ने उसे बताया था कि वह कुएं में गिर गई थी, लेकिन जब शाम को पुलिस और अन्य लोगों का जमावड़ा लगा तो उसने चुप्पी साध ली। इसके बाद वह बोला ही नहीं। लोगों के साथ मीडिया ने भी उससे बात करने की कोशिश की लेकिन उसने किसी बात का जवाब नहीं दिया। कुछ भी पूछने पर उसकी जुबां से कुछ नहीं निकला। ऐसे में पुलिस यह भी मानकर चल रही है कि उस पर किसी का दबाव है।
रात में पुलिस को नहीं दी गई थी सूचना
बदायूं। बयानों के आधार पर और पुलिस की तफ्तीश में एक और बात का खुलासा हुआ है कि परिवार वालों ने उसी समय सूचना नहीं दी थी। अगर परिवार वाले उसी समय सूचना देते और पुलिस इसे गंभीरता से लेती तो शायद ये मामला इतना न बिगड़ता। आगे की कार्रवाई महिला के बयानों के ही आधार पर होती। यदि उसके जिंदा रहने की स्थिति में उस समय ही महिला के बयान ले लिए जाते तो फिर चाहे उसके साथ दुष्कर्म होता या नहीं, आरोपियों को बचने का मौका नहीं मिलता।

‘लाश जला दो.. तुम्हारे पास पैसे भी नहीं है, कैसे लड़ पाओगी केस’
बदायूं। इस मामले में पुलिस शुरू से संवेदनशील नहीं रही, नहीं तो उसकी इतनी फजीहत नहीं होती। महिला की मां के अनुसार उसकी बेटी रविवार को पूजा करने आई थी। उसी रात को आरोपी उसे उसके घर के दरवाजे पर डाल गए थे। आरोपियों ने गाड़ी की लाइटें भी बंद कर रखी थी। इसके बाद तड़के सब लोग बाबा के पास आए थे तो वह मंदिर में लेटा था और उसके कपड़े खून में सने एक तरफ रखे थे। तभी गांव के लोग एकत्र हो गए और उन्होंने कहा था कि वह नहीं भागेगा। इसके बाद सुबह थाने गए थे, रोये भी, पुलिस वालों के पैर भी पकड़े कि बाबा को सजा तो मिलनी चाहिए उसे जाकर देख लें, लेकिन वहां मौजूद पुलिस वालों ने कहा कि जो हो गया उसे रहने दो, लाश जला दो। तुम्हारे पास तो इतने पैसे भी नहीं हैं कि केस लड़ पाओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed