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Budaun News: जेल से जल्द रिहाई की कामना के साथ भाइयों की कलाई में बांधा रक्षा सूत्र
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रक्षाबंधन के अवसर पर जिला जेल में भाई को राखी बांधती बहन। संवाद
बदायूं। रक्षाबंधन पर जेल में बंद भाइयों को बहनें राखी बांधने पहुंचीं। भाइयों को देख बहनों की आंखों में आंसू आ गए। वह भाइयों के गले लगकर रोने लगीं। भाइयों ने ढांढस बंधाया। इसके बाद बहनों ने भाइयों के राखी बांधी, उन्हें मिठाई खिलाई। जेल में अंदर एक हॉल में राखी बांधने आईं बहनों के लिए मुलाकात का इंतजाम कराया गया था।
शनिवार सुबह से ही कभी बारिश तो कभी धूप के कारण मौसम का मिजाज बदलता रहा। जिला कारागार में सुबह 10 बजे से मुलाकात का दौर शुरू हुआ, जो शाम करीब छह बजे तक जारी रहा। जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनों का सुबह सात बजे से ही वहां पहुंचना शुरू हो गया था। बहनें लाइन लगाकर जेल के बाहर खड़ी रहीं। मुलाकात करने पहुंचीं बहनें जेल में राखी बांधते हुए भाइयों को देखकर रो पड़ीं। इस पर भाइयों ने गले लगाकर उन्हें ढांढस बंधाया। घर परिवार की बातें कीं। बहनें भाइयों के लिए मिठाई व पकवान भी लेकर आईं थीं।
जेल में बंद 607 बहनों ने भाइयों को बांधी राखी
जेल में 607 बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। 10 शिफ्ट में बहनों की भाइयों से मुलाकात कराई गई। वहीं छह महिला बंदी ऐसी थीं, जिनसे राखी बंधवाने के लिए उनके भाई जेल में पहुंचे। भाई जेल में बंद बहनों के लिए मिठाई व कपड़े लेकर आए थे। बहनों के साथ 247 बच्चों ने भी अपने मामा से मुलाकात की। जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि रक्षाबंधन पर बहनों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए टेंट, मैटिंग व पेयजल की व्यवस्था कराई गई थी। अपराध निरोधक कमेटी के सदस्यों ने भी सहयोग किया। इस मौके पर जेलर रणंजय सिंह समेत पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
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शनिवार सुबह से ही कभी बारिश तो कभी धूप के कारण मौसम का मिजाज बदलता रहा। जिला कारागार में सुबह 10 बजे से मुलाकात का दौर शुरू हुआ, जो शाम करीब छह बजे तक जारी रहा। जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनों का सुबह सात बजे से ही वहां पहुंचना शुरू हो गया था। बहनें लाइन लगाकर जेल के बाहर खड़ी रहीं। मुलाकात करने पहुंचीं बहनें जेल में राखी बांधते हुए भाइयों को देखकर रो पड़ीं। इस पर भाइयों ने गले लगाकर उन्हें ढांढस बंधाया। घर परिवार की बातें कीं। बहनें भाइयों के लिए मिठाई व पकवान भी लेकर आईं थीं।
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जेल में बंद 607 बहनों ने भाइयों को बांधी राखी
जेल में 607 बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। 10 शिफ्ट में बहनों की भाइयों से मुलाकात कराई गई। वहीं छह महिला बंदी ऐसी थीं, जिनसे राखी बंधवाने के लिए उनके भाई जेल में पहुंचे। भाई जेल में बंद बहनों के लिए मिठाई व कपड़े लेकर आए थे। बहनों के साथ 247 बच्चों ने भी अपने मामा से मुलाकात की। जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि रक्षाबंधन पर बहनों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए टेंट, मैटिंग व पेयजल की व्यवस्था कराई गई थी। अपराध निरोधक कमेटी के सदस्यों ने भी सहयोग किया। इस मौके पर जेलर रणंजय सिंह समेत पूरा स्टाफ मौजूद रहा।

रक्षाबंधन के अवसर पर जिला जेल में भाई को राखी बांधती बहन। संवाद

रक्षाबंधन के अवसर पर जिला जेल में भाई को राखी बांधती बहन। संवाद
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