{"_id":"4d0f246e459861d609ca75bbfc47cadb","slug":"rain-fair-gazing-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से मेले का मजा किरकिरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से मेले का मजा किरकिरा
Sahaswan
Updated Mon, 02 Mar 2015 08:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौराणिक और धार्मिक स्थल सरसोता पर चल रहे एकादशी मेला पर बारिश का साया पड़ने से इसका रंग फीका हो गया। सोमवार को सुबह से हो रही बारिश के कारण मेले में सन्नाटा रहा। दोपहर बाद बारिश थमने पर आईं महिलाओं ने सरसोता कुंड में स्नान कर पूजा-अर्चना की।
द्वादशी पर पहुंची महिलाओं ने स्नान के बाद हनुमान मंदिर में प्रसाद चढ़ाया और पूजा की। कुंड की परिक्रमा भी की। इसके बाद एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुरुआत की। मीना बाजार के अलावा कहीं ज्यादा भीड़ देखने को नहीं मिली। दोपहर को पहुंची महिलाओं ने मेले से रंग, बेर, गुलाल, मिट्टी के बर्तन आदि सामान खरीदा।
फाग गाने की परंपरा तोड़ रही दम
मालूम हो दूसरे दिन का मेला केवल महिलाओं के लिए ही होता है। मेले में महिलाओं की टोलियों द्वारा होली गीत और फाग गाने की परंपरा अब खत्म सी होती दिख रही है। मेले में इस बार महिलाओं की टोलियां ढोलक की थाप और मजीरों की संगत के संग फाग गाती नहीं दिखीं। अलबत्ता डनलपों पर बैठकर मेला आ रही कुछ महिलाओं ने इस परंपरा की रस्म अदायगी जरूर की।
विज्ञापन
विज्ञापन
द्वादशी पर पहुंची महिलाओं ने स्नान के बाद हनुमान मंदिर में प्रसाद चढ़ाया और पूजा की। कुंड की परिक्रमा भी की। इसके बाद एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुरुआत की। मीना बाजार के अलावा कहीं ज्यादा भीड़ देखने को नहीं मिली। दोपहर को पहुंची महिलाओं ने मेले से रंग, बेर, गुलाल, मिट्टी के बर्तन आदि सामान खरीदा।
विज्ञापन
फाग गाने की परंपरा तोड़ रही दम
मालूम हो दूसरे दिन का मेला केवल महिलाओं के लिए ही होता है। मेले में महिलाओं की टोलियों द्वारा होली गीत और फाग गाने की परंपरा अब खत्म सी होती दिख रही है। मेले में इस बार महिलाओं की टोलियां ढोलक की थाप और मजीरों की संगत के संग फाग गाती नहीं दिखीं। अलबत्ता डनलपों पर बैठकर मेला आ रही कुछ महिलाओं ने इस परंपरा की रस्म अदायगी जरूर की।
विज्ञापन