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Budaun News: छह साल से अंधेरे में है रघुनाथपुर नगला, नहीं हो सकी विद्युत सप्लाई
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छह साल पहले गांव रघुनाथपुर नगला को खींची गई बिजली लाइन । संवाद
बदायूं। बिसौली तहसील के गांव रघुनाथपुर नगला के लोगों ने छह साल से रात में बिजली नहीं देखी है। दिन में चार से पांच घंटे बिजली ट्यूबवेल की लाइन से सप्लाई दी जा रही है। विद्युत निगम ने खंभे भी लगा दिए और लाइन भी खींच दी, लेकिन सप्लाई नहीं दी है।
ग्राम पंचायत परौली का मजरा रघुनाथपुर नगला है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां की आबादी करीब 1500 है। गांव परौली में बिजली है, जबकि मजरा के लोग सालों से बिजली के लिए तरस रहे हैं। छह साल पहले अफसरों ने संज्ञान लिया। विद्युत विभाग ने परौली से रघुनाथपुर तक खंभे लगवा दिए। कुछ ही दिनों में तार भी खींच दिए गए, लेकिन विद्युत आपूर्ति नहीं की गई। ग्रामीणों ने फिर से शिकायतें की तो विभाग ने ट्यूबवेल वाली लाइन से गांव में बिजली सप्लाई दे दी। करीब छह साल से दिन में चार से पांच घंटे बिजली मिलती है, लेकिन रात में एक भी दिन बिजली नहीं मिली है। रात में बिजली न आने से चोरों का डर भी रहता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। गांव लगातार पिछड़ रहा है। ग्रामीणों ने मेन लाइन से बिजली सप्लाई शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने रात में बिजली सप्लाई की मांग करते हुए डीएम से शिकायत की है।
कोट,
गांव तक लाइन खींचने का काम पहले कराया गया था। किसी ने आपत्ति लगा दी, उसके बाद से लाइन अधूरी है। अभी कुछ ही दिन पहले यहां आया हूं। गांव में समस्या है। कृषि फीडर से बिजली सप्लाई दी जा रही है। गांव में लोगों को रात में बिजली सप्लाई नहीं मिल पा रही है। निगम का जैसा आदेश मिलेगा, उस पर काम करेंगे। - उमाशंकर, जेई, नागर झूना उपकेंद्र
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ग्राम पंचायत परौली का मजरा रघुनाथपुर नगला है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां की आबादी करीब 1500 है। गांव परौली में बिजली है, जबकि मजरा के लोग सालों से बिजली के लिए तरस रहे हैं। छह साल पहले अफसरों ने संज्ञान लिया। विद्युत विभाग ने परौली से रघुनाथपुर तक खंभे लगवा दिए। कुछ ही दिनों में तार भी खींच दिए गए, लेकिन विद्युत आपूर्ति नहीं की गई। ग्रामीणों ने फिर से शिकायतें की तो विभाग ने ट्यूबवेल वाली लाइन से गांव में बिजली सप्लाई दे दी। करीब छह साल से दिन में चार से पांच घंटे बिजली मिलती है, लेकिन रात में एक भी दिन बिजली नहीं मिली है। रात में बिजली न आने से चोरों का डर भी रहता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। गांव लगातार पिछड़ रहा है। ग्रामीणों ने मेन लाइन से बिजली सप्लाई शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने रात में बिजली सप्लाई की मांग करते हुए डीएम से शिकायत की है।
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कोट,
गांव तक लाइन खींचने का काम पहले कराया गया था। किसी ने आपत्ति लगा दी, उसके बाद से लाइन अधूरी है। अभी कुछ ही दिन पहले यहां आया हूं। गांव में समस्या है। कृषि फीडर से बिजली सप्लाई दी जा रही है। गांव में लोगों को रात में बिजली सप्लाई नहीं मिल पा रही है। निगम का जैसा आदेश मिलेगा, उस पर काम करेंगे। - उमाशंकर, जेई, नागर झूना उपकेंद्र
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