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Budaun News: गांव संग्रामपुर में कुआं के समीप मंदिर होने का दावा, मूर्ति रखकर पूजा करने लगे ग्रामीण
Mon, 30 Dec 2024 04:39 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 30 Dec 2024 04:39 PM IST
सार
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव संग्रामपुर के जंगल में एक कदंब के पेड़ और कुआं के पास ग्रामीणों ने रविवार को भी पूजा-अर्चना की। मामले की जानकारी के बाद तहसीलदार दबतोरी चौकी पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से जानकारी की।
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ग्राम संग्रामपुर के जंगल में पहुंचे तहसीलदार बिसौली व प्रभारी निरीक्षक। संवाद
विस्तार
बदायूं के बिसौली क्षेत्र के गांव संग्रामपुर के जंगल में एक पेड़ और कुआं के पास मंदिर होने का दावा करते हुए लोगों ने भगवान शिव की मूर्ति रखकर पूजा अर्चना शुरू कर दी। लोगों का दावा है कि यहां पर 700 साल पहले बड़े महादेव का मंदिर हुआ करता था, जिसे मुगलों ने नष्ट कर दिया। लोगों ने वहां पर मंदिर स्थापित कराने की मांग को लेकर एसडीएम को ऑनलाइन शिकायती पत्र भेजा है।
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गांव सिरसावा निवासी ओमवीर सिंह, सुरेश, रमनपाल सिंह, तेजवीर सिंह, ग्राम प्रधान के भाई मनीराम शनिवार की शाम गांव संग्रामपुर के जंगल में पहुंचे। जहां पर ग्रामीण पहुंचे वहां पर एक कुआं और कदम का वृक्ष है। जमीन ग्राम समाज की है। ग्रामीणों ने दावा किया कि लगभग 700 साल पहले यहां पर बड़े महादेव का मंदिर हुआ करता था। मंदिर को 700 साल पहले नष्ट कर दिया गया था। हमारे पूर्वज यहां पर पूजा अर्चना करते थे।
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दूसरे दिन भी पूजा अर्चना की
ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि हमें पूजा अर्चना करने के लिए अनुमति मिलनी चाहिए। साथ ही यहां पर मंदिर की स्थापना भी होनी चाहिए। इस दौरान पड़ोसी गांव बिजोरी के ग्रामीण भी पहुंच गए। बाद में लोगों ने कदंब के वृक्ष के पास एक भगवान शिव की मूर्ति को रखकर पूजा अर्चना शुरू कर दी। ग्रामीणों ने दूसरे दिन रविवार को भी पूजा-अर्चना की।
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मामले की जानकारी के बाद तहसीलदार दबतोरी चौकी पहुंच गए। उन्होंने सिरसावा बिजौरी व संग्रामपुर को चौकी बुलाया, लेकिन संग्रामपुर के ग्रामीण नहीं पहुंचे। इसके बाद तहसीलदार ने मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से कहा कि नई परंपरा नहीं पड़ने दी जाएगी। अगर यहां पर मंदिर था तो जिलाधिकारी से मिलकर ग्रामीण अपनी बात रखें।