Budaun News: बजट में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान, रफ्तार पकड़ेगा गंगा एक्सप्रेस-वे का काम
प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण की गति फिलहाल बदायूं में सबसे धीमी है। बजट में सरकार ने गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 2000 करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया है। ऐसे में निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
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मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला गंगा एक्सप्रेस-वे सबसे ज्यादा 95 किमी दूरी बदायूं जिले में तय करेगा। 594 किमी का गंगा एक्सप्रेस-वे जिले की चार तहसीलों के 85 गांवों से होता हुआ गुजरेगा। प्रदेश सरकार का जोर था कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण कर दिया जाए, लेकिन भूमि विवाद समेत अन्य मामलों के कारण काम की गति कम रही।
मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों में बदायूं की स्थिति ज्यादा खराब रही। यहां भूमि अधिग्रहण को लेकर अब भी कई अड़चनें हैं। पिछले सप्ताह प्रदेश सरकार ने बजट में गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 2000 करोड़ से ज्यादा धनराशि का प्रावधान किया है। इसके बाद जिले में कई स्थानों पर निर्माण की गति बढ़ने लगी है।
औद्योगिक गलियारे को लेकर आ रहीं अड़चनें
गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा भी विकसित किया जाना है। इसके लिए जिले में 680 किसानों की भूमि चिह्नित की गई है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, अब तक 17 किसानों की भूमि का बैनामा भी हो चुका है। दूसरी ओर काफी संख्या में किसान विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि भूमि का सही मूल्य मिलने पर ही वह औद्योगिक गलियारे के लिए जमीन देंगे।
सिटी मजिस्ट्रेट/भूमि अध्यापित अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे का काम तेजी से चल रहा है। औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रगति पर है। जहां भी किसानों की समस्याएं हैं उनको दूर किया जा रहा है। बजट में सरकार ने गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 2000 करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया है। ऐसे में निर्माण में और तेजी आएगी।