{"_id":"697bb83fce2cfd7a8c05fb1b","slug":"protests-and-rallies-were-held-in-various-places-against-the-ugc-badaun-news-c-123-1-bdn1037-156079-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: यूजीसी के विरोध में जगह जगह प्रदर्शन, निकाली रैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: यूजीसी के विरोध में जगह जगह प्रदर्शन, निकाली रैली
विज्ञापन
उसावां में यूजीसी का विरोध करते सर्वण समाज के लोग। संवाद
बदायूं। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में बृहस्पतिवार को भी कई जगह प्रदर्शन और बैठकें हुईं। बैठक में प्रधानमंत्री से स्वत: संज्ञान लेकर नियम निरस्त करने की मांग की गई।
बिसौली। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की ओर से बुधवार को कृष्णा कॉलोनी में बैठक हुई। मुख्य अतिथि कवि माधव मिश्र ने कहा कि यह नियम संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 की भावना के विपरीत है। सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे शिक्षण संस्थानों में भेदभाव व असंतोष बढ़ सकता है।
साथ ही बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के निलंबन को भी अनुचित बताया गया। बैठक में हरस्वरूप शर्मा, ओमवीर शर्मा, राजकिशोर शुक्ला, सुरेश चंद्र शर्मा, अरविन्द शर्मा, प्रवीण शर्मा आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता पं. ब्रह्मेन्द्र मिश्र शास्त्री व संचालन प्रवेश पाठक ने किया।
विज्ञापन
उसावां। सवर्ण समाज के युवाओं ने होली चौक से लेकर हनुमान गढ़ी के पास सेल्फी प्वाइंट तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन इंस्पेक्टर वीरपाल सौंपा। इस मौके पर समाज के अभय सिंह, अभिषेक सिंह, सोनू मिश्रा, हिमांशु गुप्ता, शिवम गौड़, पवन कुमार गुप्ता, सर्वेश गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
यूजीसी रेगुलेशन के विरुद्ध सौंपा पांच सूत्री ज्ञापन
बदायूं। महाराणा प्रताप चौक पर यूजीसी रेगुलेशन के विरुद्ध नारेबाजी व विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही पांच सूत्री ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, शिक्षा मंत्री के नाम डीएम को सौंपा।
क्षत्रिय महासभा व महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट की ओर से मांगपत्र में यूजीसी रेगुलेशन की समीक्षा करने, सामान्य के स्थान पर सवर्ण शब्द का प्रयोग करने, ईडब्लूएस को एससी की तरह आरक्षण का लाभ देते हुए पंचायतों, स्थानीय निकायों व सहकारी संस्थाओं में पद आरक्षित करने की मांग की। साथ ही अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के संसद सदस्य, राज्य विधान मण्डल सदस्य, प्रथम व द्वितीय श्रेणी के कार्मिकों के परिजनों को आरक्षण की परिधि से बाहर किए जाने की मांग की। वहीं, क्षत्रिय समाज के आर्थिक, सामाजिक व शैक्षिक अध्ययन के लिए आयोग गठित करने की मांग की गई। इस अवसर पर महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के जिलाध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठौड़, क्षत्रिय महासभा उप्र के प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार सिंह, मंडल उपाध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, मंडल संगठन मंत्री विजय पाल सिंह भदौरिया आदि मौजूद रहे। संवाद
यूजीसी की समता नियमावली पर सुप्रीम कोर्ट की रोक निराशाजनक
बदायूं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने यूजीसी की समता नियमावली पर सुप्रीम कोर्ट की रोक को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों समेत शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव होता है। इससे दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज के लोगों को जाति आधारित भेदभाव और पक्षपात का सामना करना पड़ता है। इसलिए उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, धर्म, लिंग, भाषा, क्षेत्र, दिव्यांगता अथवा किसी भी अन्य आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए कानून समय की जरूरत है। संवाद
यूजीसी पर रोक से खुश
सवर्ण समाज ने बांटे लड्डू
- उझानी में शांति मार्च स्थगित कर पालिका परिसर में जुटे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी। यूजीसी पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के सवर्ण समाज ने शांति मार्च निकालने का फैसला स्थगित कर दिया। इसके बाद भी सवर्ण समाज के प्रमुख लोग पालिका परिसर में इकट्ठे हो गए। उन्होंने रोक पर खुशी जताते हुए लड्डू वितरित किए।
पालिका के उमंग पार्क में बृहस्पतिवार अपराह्न करीब चार बजे जुटे सवर्ण समाज के प्रमुख लोगों ने यूजीसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीफ की। कहा कि रोक लगा दिए जाने से सवर्ण समाज के लोगों ने राहत महसूस की है। सवर्ण समाज की ओर से अमित प्रताप सिंह, किशनचंद्र शर्मा, संजीव गुप्ता और योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि यूजीसी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सवर्ण समाज को नीचा दिखाने के लिए यूजीसी लाया गया था। कोर्ट ने उनकी भावनाओं को समझा है।
सवर्ण समाज की ओर से बृहस्पतिवार को पालिका परिसर से नगर में शांति मार्च निकाले जाने का ऐलान किया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्थगित कर दिया गया। इस खुशी में सवर्ण समाज के लोगों ने मिठाई वितरित की। एक- दूसरे को लड्डू भी खिलाए। इस मौके पर गिरीशपाल सिंह, विनोद पाल, गोपीबल्लभ शर्मा, स्नेह शर्मा, कृपाराम शर्मा, एके तोमर, आकाश शर्मा, शिव भारद्वाज, रोहन शर्मा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
बिसौली। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की ओर से बुधवार को कृष्णा कॉलोनी में बैठक हुई। मुख्य अतिथि कवि माधव मिश्र ने कहा कि यह नियम संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 की भावना के विपरीत है। सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे शिक्षण संस्थानों में भेदभाव व असंतोष बढ़ सकता है।
विज्ञापन
साथ ही बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के निलंबन को भी अनुचित बताया गया। बैठक में हरस्वरूप शर्मा, ओमवीर शर्मा, राजकिशोर शुक्ला, सुरेश चंद्र शर्मा, अरविन्द शर्मा, प्रवीण शर्मा आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता पं. ब्रह्मेन्द्र मिश्र शास्त्री व संचालन प्रवेश पाठक ने किया।
विज्ञापन
उसावां। सवर्ण समाज के युवाओं ने होली चौक से लेकर हनुमान गढ़ी के पास सेल्फी प्वाइंट तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन इंस्पेक्टर वीरपाल सौंपा। इस मौके पर समाज के अभय सिंह, अभिषेक सिंह, सोनू मिश्रा, हिमांशु गुप्ता, शिवम गौड़, पवन कुमार गुप्ता, सर्वेश गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
यूजीसी रेगुलेशन के विरुद्ध सौंपा पांच सूत्री ज्ञापन
बदायूं। महाराणा प्रताप चौक पर यूजीसी रेगुलेशन के विरुद्ध नारेबाजी व विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही पांच सूत्री ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, शिक्षा मंत्री के नाम डीएम को सौंपा।
क्षत्रिय महासभा व महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट की ओर से मांगपत्र में यूजीसी रेगुलेशन की समीक्षा करने, सामान्य के स्थान पर सवर्ण शब्द का प्रयोग करने, ईडब्लूएस को एससी की तरह आरक्षण का लाभ देते हुए पंचायतों, स्थानीय निकायों व सहकारी संस्थाओं में पद आरक्षित करने की मांग की। साथ ही अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के संसद सदस्य, राज्य विधान मण्डल सदस्य, प्रथम व द्वितीय श्रेणी के कार्मिकों के परिजनों को आरक्षण की परिधि से बाहर किए जाने की मांग की। वहीं, क्षत्रिय समाज के आर्थिक, सामाजिक व शैक्षिक अध्ययन के लिए आयोग गठित करने की मांग की गई। इस अवसर पर महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के जिलाध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठौड़, क्षत्रिय महासभा उप्र के प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार सिंह, मंडल उपाध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, मंडल संगठन मंत्री विजय पाल सिंह भदौरिया आदि मौजूद रहे। संवाद
यूजीसी की समता नियमावली पर सुप्रीम कोर्ट की रोक निराशाजनक
बदायूं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने यूजीसी की समता नियमावली पर सुप्रीम कोर्ट की रोक को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों समेत शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव होता है। इससे दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज के लोगों को जाति आधारित भेदभाव और पक्षपात का सामना करना पड़ता है। इसलिए उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, धर्म, लिंग, भाषा, क्षेत्र, दिव्यांगता अथवा किसी भी अन्य आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए कानून समय की जरूरत है। संवाद
यूजीसी पर रोक से खुश
सवर्ण समाज ने बांटे लड्डू
- उझानी में शांति मार्च स्थगित कर पालिका परिसर में जुटे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी। यूजीसी पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के सवर्ण समाज ने शांति मार्च निकालने का फैसला स्थगित कर दिया। इसके बाद भी सवर्ण समाज के प्रमुख लोग पालिका परिसर में इकट्ठे हो गए। उन्होंने रोक पर खुशी जताते हुए लड्डू वितरित किए।
पालिका के उमंग पार्क में बृहस्पतिवार अपराह्न करीब चार बजे जुटे सवर्ण समाज के प्रमुख लोगों ने यूजीसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीफ की। कहा कि रोक लगा दिए जाने से सवर्ण समाज के लोगों ने राहत महसूस की है। सवर्ण समाज की ओर से अमित प्रताप सिंह, किशनचंद्र शर्मा, संजीव गुप्ता और योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि यूजीसी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सवर्ण समाज को नीचा दिखाने के लिए यूजीसी लाया गया था। कोर्ट ने उनकी भावनाओं को समझा है।
सवर्ण समाज की ओर से बृहस्पतिवार को पालिका परिसर से नगर में शांति मार्च निकाले जाने का ऐलान किया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्थगित कर दिया गया। इस खुशी में सवर्ण समाज के लोगों ने मिठाई वितरित की। एक- दूसरे को लड्डू भी खिलाए। इस मौके पर गिरीशपाल सिंह, विनोद पाल, गोपीबल्लभ शर्मा, स्नेह शर्मा, कृपाराम शर्मा, एके तोमर, आकाश शर्मा, शिव भारद्वाज, रोहन शर्मा आदि मौजूद थे।

उसावां में यूजीसी का विरोध करते सर्वण समाज के लोग। संवाद

उसावां में यूजीसी का विरोध करते सर्वण समाज के लोग। संवाद