{"_id":"5831e3604f1c1b9c28b396e8","slug":"private-hospital-not-taking-500-and-1000-note","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी अस्पताल नहीं ले रहे हजार-पांच सौ के नोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी अस्पताल नहीं ले रहे हजार-पांच सौ के नोट
ब्यूरो/बदायूं
Updated Sun, 20 Nov 2016 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद हो जाने केे बावजूद अस्पताल, परिवहन, बिजली बिल, टेलीफोन बिल, घरेलू गैस, पेट्रोलियम पदार्थ की बिक्री में छूट दी गई थी, लेकिन जिला प्रशासन के इस ओर ध्यान नहीं देने से लोगों को परेशानी हो रही है। यही नहीं, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे लोगों में भाजपा के प्रति रोष बढने लगा है। जिले के अधिकांश निजी अस्पतालों में बंद हो चुके नोट नहीं लिए जा रहे हैं। यहां तक क्लीनिक पर तो बंद नोट देखकर साफ मना कर दिया जाता है।
हजार पांच सौ रुपये के नोट बंद
शहर में इंदिरा चौक पर स्थित गुप्ता मैटरनिटी एवं नर्सिंग होम हजार और पांच सौ रुपये के नोट नहीं लिए जा रहे हैं। इस बारे में रिसेप्शन पर पर्ची बनाने वाले कर्मचारियों ने पूछने पर बताया। वहीं, पांच सौ रुपये का नोट देने पर करीब चार सौ रुपये की दवाई लेने पर मेडिकल मना नहीं करते हैं।
फीस में नहीं ऑपरेशन में लेते हैं बंद नोट
अशोका चौराहा पर स्थित मैटरनिटी होम में आने वाले मरीजों से फीस के रूप में पांच सौ और हजार के नोट नहीं लिए जा रहे हैं। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। वहीं रिसेप्शन पर बैठे कर्मचारी का कहना है यदि कोई ऑपरेशन या बड़ा केस होता है, तो बंद नोट ले लेते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
हजार पांच सौ रुपये के नोट बंद
शहर में इंदिरा चौक पर स्थित गुप्ता मैटरनिटी एवं नर्सिंग होम हजार और पांच सौ रुपये के नोट नहीं लिए जा रहे हैं। इस बारे में रिसेप्शन पर पर्ची बनाने वाले कर्मचारियों ने पूछने पर बताया। वहीं, पांच सौ रुपये का नोट देने पर करीब चार सौ रुपये की दवाई लेने पर मेडिकल मना नहीं करते हैं।
विज्ञापन
फीस में नहीं ऑपरेशन में लेते हैं बंद नोट
अशोका चौराहा पर स्थित मैटरनिटी होम में आने वाले मरीजों से फीस के रूप में पांच सौ और हजार के नोट नहीं लिए जा रहे हैं। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। वहीं रिसेप्शन पर बैठे कर्मचारी का कहना है यदि कोई ऑपरेशन या बड़ा केस होता है, तो बंद नोट ले लेते हैं।
विज्ञापन