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Budaun News: मेला ककोड़ा को लेकर तैयारी शुरू, टीम ने किया मौका मुआयना
Sat, 28 Sep 2024 03:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 28 Sep 2024 03:47 AM IST
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कादरचौक। मेला ककोड़ा को लेकर जिला पंचायत की टीम शुक्रवार को ककोड़ा पहुंची। वहां पर उन्होंने गंगा की धार को देखा। इसके अनुसार अधिकारियों ने मेला को एक किलोमीटर कादरगंज पुल की ओर बढ़ाने की संभावना जताई।
रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध मेला ककोड़ा 15 नवंबर से शुरू होगा। इसको लेकर अभी से जिला पंचायत तैयारियों में जुट गया है। मेला को कहां पर लगाया जाना है, इसके लिए जगह का चयन करने के लिए अधिकारी ककोड़ा पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने गंगा नदी की मुख्य धार को देखा। जो पहले की अपेक्षा कासगंज सीमा की ओर और बढ़ गई है।
ऐसे में जिला पंचायत के अधिकारियों ने कादरगंज पुल की तरफ मुख्य घाट बनाने का निर्णय लिया। इसको ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत के एएमए मासूम राजा ने संभावना जताई है कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार मेला का एक किलोमीटर आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान विनेश कुमार, केएन पांडे, सुशील, लालता प्रसाद कश्यप और हेड मल्लाह मुसाकिर, राशिद मौजूद रहे।
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पिछली बार सही घाट न मिलने पर जताया था असंतोष
-पिछली साल जिला पंचायत की ओर से मुख्य घाट को लेकर काफी दिक्कत हुई थी। कई बार गंगा की धार को मोड़ने का प्रयास किया गया। लेकिन अधिकारी ऐसा नहीं कर पाए। इसकी वजह से गंगा की मुख्य बहती धारा में काफी श्रद्धालु स्नान नहीं कर पाए थे। जिसका साधु-संतों ने भी विरोध किया था। इस बार गंगा की बहती हुई धारा में स्नान करने के उद्देश्य मेला को आगे बढ़ाया जा सकता है।
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रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध मेला ककोड़ा 15 नवंबर से शुरू होगा। इसको लेकर अभी से जिला पंचायत तैयारियों में जुट गया है। मेला को कहां पर लगाया जाना है, इसके लिए जगह का चयन करने के लिए अधिकारी ककोड़ा पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने गंगा नदी की मुख्य धार को देखा। जो पहले की अपेक्षा कासगंज सीमा की ओर और बढ़ गई है।
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ऐसे में जिला पंचायत के अधिकारियों ने कादरगंज पुल की तरफ मुख्य घाट बनाने का निर्णय लिया। इसको ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत के एएमए मासूम राजा ने संभावना जताई है कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार मेला का एक किलोमीटर आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान विनेश कुमार, केएन पांडे, सुशील, लालता प्रसाद कश्यप और हेड मल्लाह मुसाकिर, राशिद मौजूद रहे।
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पिछली बार सही घाट न मिलने पर जताया था असंतोष
-पिछली साल जिला पंचायत की ओर से मुख्य घाट को लेकर काफी दिक्कत हुई थी। कई बार गंगा की धार को मोड़ने का प्रयास किया गया। लेकिन अधिकारी ऐसा नहीं कर पाए। इसकी वजह से गंगा की मुख्य बहती धारा में काफी श्रद्धालु स्नान नहीं कर पाए थे। जिसका साधु-संतों ने भी विरोध किया था। इस बार गंगा की बहती हुई धारा में स्नान करने के उद्देश्य मेला को आगे बढ़ाया जा सकता है।