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अंडरग्राउंड लाइन के हैंडओवर की तैयारी, कई जगह खुले पड़े केबल बॉक्स
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बदायूं। खामियों को पूरी तरह से दूर किए बिना ही अंडरग्राउंड बिजली लाइन को हैंडओवर करने की कवायद तेज हो गई है। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों पर भी दबाव है कि लाइन चुनाव आचार संहिता लगने से पहले ही सुपुर्दगी में लेली जाए। इधर, कई लोगों की जान ले चुकी लाइन की आज भी हालत खराब है। शहर में कई जगह केबल बॉक्स खुले पड़े हैं।
शहर में बिजली चोरी और लाइन लॉस रोकने के लिए करीब 93 करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर 2016 में काम शुरू हुआ था। जून 2018 के मध्य तक काम पूरा होना था। इस दौरान देरी के साथ लाइन की लागत भी बढ़ती गई तो आए दिन खासकर बारिश के दिनों में बेजुबानों की करंट से मौत और गणित प्रवक्ता और दरोगा के दिव्यांग बेटे की मौत के बाद एक महीने तक अंडरग्राउंड लाइन सुर्खियों में रही।
कार्यदायी संस्था राज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरसीएल) पिछले दो महीने से खामियां दूर करने का काम कर रही है। संस्थान ने करीब ढाई करोड़ के उपकरण भी मंगाए हैं लेकिन अब भी शहर में तमाम स्थानों पर खुले पड़े केबल बॉक्स हादसों को दावत दे रहे हैं। बारिश के सीजन में इस वर्ष भी कई बेजुबान की जान अंडरग्राउंड लाइन ले चुकी है।
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अब भी ओवरहेड से बिजली सप्लाई
शहर के तमाम इलाकों में अब भी अंडरग्राउंड लाइन से सप्लाई चालू नहीं हो सकी है। हालांकि, कार्यदायी संस्था को लाइन हैंडओवर करने के बाद अगले दो साल तक इसकी देखरेख भी करनी है। शहर में कुछ स्थानों पर खुले पड़े केबल बॉक्स बंद भी किए गए हैं। कुछ स्थानों पर केबल बॉक्स के ढक्कन चोरी होने और केबल बॉक्स खोलकर बिजली चोरी के मामले भी सामने आ चुके हैं। कई बार पावर कॉरपोरेशन और कार्यदायी संस्था के बीच भी अंडरग्राउंड लाइन को लेकर तनातनी हो जाती है।
अंडरग्राउंड लाइन में जहां भी खामियां हैं उनको दूर कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था शहर में काम करा रही है। सभी काम पूरे होने के बाद ही अंडरग्राउंड लाइन को सुपुर्दगी में लिया जाएगा। उपभोक्ताओं को भी चाहिए कि वह अंडरग्राउंड लाइन के केबल बॉक्स से दूर रहें किसी तरह की छेड़छाड़ न करें।
-प्रवेश कुमार, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड प्रथम
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शहर में बिजली चोरी और लाइन लॉस रोकने के लिए करीब 93 करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर 2016 में काम शुरू हुआ था। जून 2018 के मध्य तक काम पूरा होना था। इस दौरान देरी के साथ लाइन की लागत भी बढ़ती गई तो आए दिन खासकर बारिश के दिनों में बेजुबानों की करंट से मौत और गणित प्रवक्ता और दरोगा के दिव्यांग बेटे की मौत के बाद एक महीने तक अंडरग्राउंड लाइन सुर्खियों में रही।
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कार्यदायी संस्था राज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरसीएल) पिछले दो महीने से खामियां दूर करने का काम कर रही है। संस्थान ने करीब ढाई करोड़ के उपकरण भी मंगाए हैं लेकिन अब भी शहर में तमाम स्थानों पर खुले पड़े केबल बॉक्स हादसों को दावत दे रहे हैं। बारिश के सीजन में इस वर्ष भी कई बेजुबान की जान अंडरग्राउंड लाइन ले चुकी है।
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अब भी ओवरहेड से बिजली सप्लाई
शहर के तमाम इलाकों में अब भी अंडरग्राउंड लाइन से सप्लाई चालू नहीं हो सकी है। हालांकि, कार्यदायी संस्था को लाइन हैंडओवर करने के बाद अगले दो साल तक इसकी देखरेख भी करनी है। शहर में कुछ स्थानों पर खुले पड़े केबल बॉक्स बंद भी किए गए हैं। कुछ स्थानों पर केबल बॉक्स के ढक्कन चोरी होने और केबल बॉक्स खोलकर बिजली चोरी के मामले भी सामने आ चुके हैं। कई बार पावर कॉरपोरेशन और कार्यदायी संस्था के बीच भी अंडरग्राउंड लाइन को लेकर तनातनी हो जाती है।
अंडरग्राउंड लाइन में जहां भी खामियां हैं उनको दूर कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था शहर में काम करा रही है। सभी काम पूरे होने के बाद ही अंडरग्राउंड लाइन को सुपुर्दगी में लिया जाएगा। उपभोक्ताओं को भी चाहिए कि वह अंडरग्राउंड लाइन के केबल बॉक्स से दूर रहें किसी तरह की छेड़छाड़ न करें।
-प्रवेश कुमार, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड प्रथम