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Budaun News: तीन माह के स्टे पर 29 साल तक रहा कब्जा, अब निरस्त
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इब्राहिमपुर गढ़ी की इसी जमीन पर था विवाद। स्रोत ग्रामीण
बदायूं। सहसवान के एक गांव में ग्रामसभा की सवा सौ बीघा जमीन का 29 साल पहले तीन माह का स्टे लेकर अब तक 29 लोग काबिज है। यह लोग उसमें खेती कर रहे हैं। 2017 में एडीएम कोर्ट से पट्टा खारिज कर दिया गया था। उसके बाद पट्टा बहाल करने के लिए उन लोगों ने फिर से वाद दायर किया। अब 25 जून को एडीएम न्यायिक ने इस मामले की पत्रावली रद्द कर दी है।
सहसवान तहसील के इब्राहिमपुर गढ़ी में ग्रामसभा की जमीन पर वर्ष 1994 में सुभाष, देवराम, रामऔतार, जय सिंह, शिव सिंह और रामपाल सहित आठ लोगों के नाम पर पट्टा हुआ। इसके बाद वर्ष 1995 में इन्हीं लोगों के परिवार के 21 और लोगों का पट्टा हो गया। आवंटी सहसवान तहसील में शिव सिंह और रामपाल कर्मचारी थे। इन्होंने साठगांठ कर अपने परिवार के अपात्र लोगों का पट्टा करवा दिया।
शिकायत के बाद 1996 में सभी आवंटी को अपात्र घोषित करते हुए पट्टे को निरस्त कर एडीएम कोर्ट ने जमीन को ग्राम समाज में चढ़ाने के निर्देश सहसवान के एसडीएम को दिए थे, लेकिन आवंटी तहसील में कार्यरत होने के चलते उन्होंने आदेश को ग्रामसभा की जमीन पर चढ़ने नहीं दिया। इसी बीच आवंटी बरेली आयुक्त की कोर्ट में चले गए। वहां से 1996 में वह तीन माह का स्टे ले आएं। इसके बाद से वह लगातार जमीन पर खेती कर रहे हैं। 2017 में कोर्ट ने फिर से भूमि को ग्राम समाज में शामिल करा दिया। इसके बाद आवंटी दोबारा कोर्ट चले गए थे। इस मामले में 27 जून 2025 को वाद पत्र निरस्त कर दिया है।
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वर्ष 2016 से पैरवी कर रहे हैं पूर्व ग्राम
पूर्व ग्राम प्रधान देवेंद्र ने बताया कि जमीन की कीमत तीन करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस जमीन पर ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्होंने बरेली मंडलायुक्त कोर्ट से लेकर एडीएम कोर्ट तक पैरवी की। इसके बाद यह कार्रवाई हुई है। उन्होंने बताया कि जमीन पर पानी की टंकी, बारात घर, गोशाला, रिसोर्स सेंटर, शौचालय, स्नानघर बनाया जाना प्रस्तावित है।
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सपा सरकार का लिया पूरा फायदा
पट्टाधारक समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। सरकार आने पर उन्होंने दबंगई से जमीन पर कब्जा किया, इसके बाद जब-जब सरकार रही, उन्होंने जमीन पर फसल उगाई। उस समय अधिकारी भी उन पर कार्रवाई नहीं कर सकें।
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पीलीभीत के नायब तहसीलदार दे रहे दखल
पूर्व प्रधान देवेंद्र ने बताया कि अवैध पट्टाधारकों के परिवार के सदस्य का व्यक्ति पीलीभीत में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत है। वह सहसवान तहसील के कर्मचारियों से मिलकर जमीन को अपने परिवार के नाम कराना चाहता है। पूर्व प्रधान ने डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि खाली जमीन पर गोशाला का निर्माण कराया जाए।
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सहसवान तहसील के इब्राहिमपुर गढ़ी में ग्रामसभा की जमीन पर वर्ष 1994 में सुभाष, देवराम, रामऔतार, जय सिंह, शिव सिंह और रामपाल सहित आठ लोगों के नाम पर पट्टा हुआ। इसके बाद वर्ष 1995 में इन्हीं लोगों के परिवार के 21 और लोगों का पट्टा हो गया। आवंटी सहसवान तहसील में शिव सिंह और रामपाल कर्मचारी थे। इन्होंने साठगांठ कर अपने परिवार के अपात्र लोगों का पट्टा करवा दिया।
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शिकायत के बाद 1996 में सभी आवंटी को अपात्र घोषित करते हुए पट्टे को निरस्त कर एडीएम कोर्ट ने जमीन को ग्राम समाज में चढ़ाने के निर्देश सहसवान के एसडीएम को दिए थे, लेकिन आवंटी तहसील में कार्यरत होने के चलते उन्होंने आदेश को ग्रामसभा की जमीन पर चढ़ने नहीं दिया। इसी बीच आवंटी बरेली आयुक्त की कोर्ट में चले गए। वहां से 1996 में वह तीन माह का स्टे ले आएं। इसके बाद से वह लगातार जमीन पर खेती कर रहे हैं। 2017 में कोर्ट ने फिर से भूमि को ग्राम समाज में शामिल करा दिया। इसके बाद आवंटी दोबारा कोर्ट चले गए थे। इस मामले में 27 जून 2025 को वाद पत्र निरस्त कर दिया है।
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वर्ष 2016 से पैरवी कर रहे हैं पूर्व ग्राम
पूर्व ग्राम प्रधान देवेंद्र ने बताया कि जमीन की कीमत तीन करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस जमीन पर ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्होंने बरेली मंडलायुक्त कोर्ट से लेकर एडीएम कोर्ट तक पैरवी की। इसके बाद यह कार्रवाई हुई है। उन्होंने बताया कि जमीन पर पानी की टंकी, बारात घर, गोशाला, रिसोर्स सेंटर, शौचालय, स्नानघर बनाया जाना प्रस्तावित है।
सपा सरकार का लिया पूरा फायदा
पट्टाधारक समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। सरकार आने पर उन्होंने दबंगई से जमीन पर कब्जा किया, इसके बाद जब-जब सरकार रही, उन्होंने जमीन पर फसल उगाई। उस समय अधिकारी भी उन पर कार्रवाई नहीं कर सकें।
पीलीभीत के नायब तहसीलदार दे रहे दखल
पूर्व प्रधान देवेंद्र ने बताया कि अवैध पट्टाधारकों के परिवार के सदस्य का व्यक्ति पीलीभीत में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत है। वह सहसवान तहसील के कर्मचारियों से मिलकर जमीन को अपने परिवार के नाम कराना चाहता है। पूर्व प्रधान ने डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि खाली जमीन पर गोशाला का निर्माण कराया जाए।