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आबादी बढ़ी, कॉलोनियां बसीं मगर सीवर लाइन नहीं पड़ी
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बदायूं। शहर के लोग लंबे समय से सीवर लाइन की मांग कर रहे हैं। पिछले दो दशक में शहर की आबादी दोगुनी हो चुकी है। इसके अलावा तमाम नए मोहल्ले और कॉलोनियां भी बस गई हैं। नगर पालिका क्षेत्र में ही 20 कॉलोनियां हैं। इससे कहीं ज्यादा कॉलोनियां और मोहल्ले नगर पालिका क्षेत्र से बाहर हैं। इसके बाद भी शहरवासियों की सीवर लाइन की मांग पूरी नहीं हो सकी।
प्रदेश में भाजपा सरकार को साढ़े चार साल हो चुके हैं। शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता को भी योगी मंत्रीमंडल में नगर विकास राज्यमंत्री पद पर करीब दो साल से ज्यादा बीत चुके हैं। अब चुनाव भी नजदीक हैं। ऐसे में एक बार फिर से शहर में सीवर लाइन की मांग जोर पकड़ रही है। शहर के लोग इस बात को लेकर भी मायूस हैं कि हर बार चुनाव के वक्त सीवर लाइन का मुद्दा उठता है। इसी तरह से इस बार भी सीवर लाइन का मुद्दा गरमाने लगा है।
दरअसल, पिछले दिनों खुद नगर विकास राज्यमंत्री ने शहर में सीवर लाइन का जिक्र कर दिया था। लोगों का यह भी कहना है कि अगर सीवर लाइन का सपना पूरा होता है तो शहर की न सिर्फ सूरत संवर जाएगी बल्कि गंदगी, कीचड़ और जलभराव से भी छुटकारा मिल जाएगा। हालांकि, शहर में सीवर लाइन का वादा पहले भी जनप्रतिनिधि करते रहे हैं। बदायूं महायोजना में भी सीवर लाइन शामिल थी, लेकिन कभी शहर के लोगों का यह सपना पूरा नहीं हो सका। महायोजना को भी आज तक मंजूरी नहीं मिल सकी।
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करोड़ों डूबे, पूरा नहीं हो सका सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट
- करोड़ों का बजट खर्च होने के बाद भी सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का सपना भी पूरा नहीं हो सका है। बसपा सरकार के दौरान सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को मंजूरी मिली थी। नगर पंचायत गुलड़िया के पास स्थित उतरना गांव में प्लांट लगाने का काम भी शुरू हुआ। पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप पर यह प्लांट लगना था। प्लांट 2012 तक शुरू होना था, लेकिन आज तक प्लांट चालू नहीं हो सका। करोड़ों की कीमत के उपकरण आज भी खुले आसमान के नीचे जंक खा रहे हैं।
सीवर लाइन इस समय शहर की बड़ी जरूरत है। कई मोहल्लों में तो बिना बारिश के ही जलभराव हो जाता है। नाले चोक होने के कारण ज्यादा समस्या है। सीवर लाइन के बाद कई समस्याएं खत्म हो जाएंगी। -अमृत गांधी, व्यापारी
हर बार चुनाव से पहले सीवर लाइन की बात उठती है। इस बार भी उठ रही है। नगर विकास राज्यमंत्री से इस बार लोगों को उम्मीद है। शायद शहर के लोगों को इस बार सीवर लाइन मिल जाए। -मुकेश श्रीवास्तव, व्यापारी
शहर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई कॉलोनियां हैं जो नगर पालिका क्षेत्र में नहीं हैं। इन कॉलोनियों की भी जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं है। सीवर लाइन के बाद व्यवस्था संभलेगी। -पुरुषोत्तम, व्यापारी
सीवर लाइन की मांग को काफी पुरानी है। अब तो नगर विकास राज्यमंत्री भी शहर के हैं। इसके बाद भी अगर सीवर लाइन का सपना पूरा नहीं हो सका तो लोगों को मायूसी मिलेगी। -राजेंद्र, व्यापारी
सीवर लाइन शहर की जरूरत है। शहर की आबादी काफी बढ़ चुकी है। पानी निकासी की ठीक व्यवस्था नहीं है। सोत नदी में नालों का पानी जा रहा है। इससे नदी भी नाले में तब्दील हो गई है। -सचिन, आम नागरिक
अगर शहर में सीवर लाइन पड़ती है तो जलभराव से मुक्ति मिलने के साथ ही शहर साफ सुथरा भी हो जाएगा। वर्षों पुरानी यह मांग कब पूरी होगी शहर के लोगों का इसका इंतजार है। - सलीम, नागरिक
सीवर लाइन शहर की बड़ी जरूरत है। कई समस्याओं का निस्तारण सीवर लाइन पड़ने से हो जाएगा। नगर पालिका के संसाधन भी बचेंगे। शहर साफ सुथरा होगा और माहौल भी सुधरेगा। -संजय, व्यापारी
अगर सीवर लाइन पड़ती है तो अच्छी बात है। हर बार की तरह इस बार भी यह चुनावी शिगूफा साबित हुआ तो शहर के लोगों को मायूसी मिलेगी। शासन स्तर पर पैरवी की जरूरत है। - अंकित, छात्र
ये शिगूफा नहीं, इस बार शहर को मिलेगी सीवर लाइन
- शहर में सीवर लाइन के लिए मैं खुद शासन स्तर पर संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हूं। मुख्यमंत्री से भी सीवर लाइन के संबंध में बात हो चुकी है। सीवर लाइन को चुनावी शिगूफा समझना गलत है। इस बार शहर को सीवर लाइन मिल जाएगी। - महेश गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री
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प्रदेश में भाजपा सरकार को साढ़े चार साल हो चुके हैं। शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता को भी योगी मंत्रीमंडल में नगर विकास राज्यमंत्री पद पर करीब दो साल से ज्यादा बीत चुके हैं। अब चुनाव भी नजदीक हैं। ऐसे में एक बार फिर से शहर में सीवर लाइन की मांग जोर पकड़ रही है। शहर के लोग इस बात को लेकर भी मायूस हैं कि हर बार चुनाव के वक्त सीवर लाइन का मुद्दा उठता है। इसी तरह से इस बार भी सीवर लाइन का मुद्दा गरमाने लगा है।
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दरअसल, पिछले दिनों खुद नगर विकास राज्यमंत्री ने शहर में सीवर लाइन का जिक्र कर दिया था। लोगों का यह भी कहना है कि अगर सीवर लाइन का सपना पूरा होता है तो शहर की न सिर्फ सूरत संवर जाएगी बल्कि गंदगी, कीचड़ और जलभराव से भी छुटकारा मिल जाएगा। हालांकि, शहर में सीवर लाइन का वादा पहले भी जनप्रतिनिधि करते रहे हैं। बदायूं महायोजना में भी सीवर लाइन शामिल थी, लेकिन कभी शहर के लोगों का यह सपना पूरा नहीं हो सका। महायोजना को भी आज तक मंजूरी नहीं मिल सकी।
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करोड़ों डूबे, पूरा नहीं हो सका सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट
- करोड़ों का बजट खर्च होने के बाद भी सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का सपना भी पूरा नहीं हो सका है। बसपा सरकार के दौरान सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को मंजूरी मिली थी। नगर पंचायत गुलड़िया के पास स्थित उतरना गांव में प्लांट लगाने का काम भी शुरू हुआ। पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप पर यह प्लांट लगना था। प्लांट 2012 तक शुरू होना था, लेकिन आज तक प्लांट चालू नहीं हो सका। करोड़ों की कीमत के उपकरण आज भी खुले आसमान के नीचे जंक खा रहे हैं।
सीवर लाइन इस समय शहर की बड़ी जरूरत है। कई मोहल्लों में तो बिना बारिश के ही जलभराव हो जाता है। नाले चोक होने के कारण ज्यादा समस्या है। सीवर लाइन के बाद कई समस्याएं खत्म हो जाएंगी। -अमृत गांधी, व्यापारी
हर बार चुनाव से पहले सीवर लाइन की बात उठती है। इस बार भी उठ रही है। नगर विकास राज्यमंत्री से इस बार लोगों को उम्मीद है। शायद शहर के लोगों को इस बार सीवर लाइन मिल जाए। -मुकेश श्रीवास्तव, व्यापारी
शहर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई कॉलोनियां हैं जो नगर पालिका क्षेत्र में नहीं हैं। इन कॉलोनियों की भी जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं है। सीवर लाइन के बाद व्यवस्था संभलेगी। -पुरुषोत्तम, व्यापारी
सीवर लाइन की मांग को काफी पुरानी है। अब तो नगर विकास राज्यमंत्री भी शहर के हैं। इसके बाद भी अगर सीवर लाइन का सपना पूरा नहीं हो सका तो लोगों को मायूसी मिलेगी। -राजेंद्र, व्यापारी
सीवर लाइन शहर की जरूरत है। शहर की आबादी काफी बढ़ चुकी है। पानी निकासी की ठीक व्यवस्था नहीं है। सोत नदी में नालों का पानी जा रहा है। इससे नदी भी नाले में तब्दील हो गई है। -सचिन, आम नागरिक
अगर शहर में सीवर लाइन पड़ती है तो जलभराव से मुक्ति मिलने के साथ ही शहर साफ सुथरा भी हो जाएगा। वर्षों पुरानी यह मांग कब पूरी होगी शहर के लोगों का इसका इंतजार है। - सलीम, नागरिक
सीवर लाइन शहर की बड़ी जरूरत है। कई समस्याओं का निस्तारण सीवर लाइन पड़ने से हो जाएगा। नगर पालिका के संसाधन भी बचेंगे। शहर साफ सुथरा होगा और माहौल भी सुधरेगा। -संजय, व्यापारी
अगर सीवर लाइन पड़ती है तो अच्छी बात है। हर बार की तरह इस बार भी यह चुनावी शिगूफा साबित हुआ तो शहर के लोगों को मायूसी मिलेगी। शासन स्तर पर पैरवी की जरूरत है। - अंकित, छात्र
ये शिगूफा नहीं, इस बार शहर को मिलेगी सीवर लाइन
- शहर में सीवर लाइन के लिए मैं खुद शासन स्तर पर संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हूं। मुख्यमंत्री से भी सीवर लाइन के संबंध में बात हो चुकी है। सीवर लाइन को चुनावी शिगूफा समझना गलत है। इस बार शहर को सीवर लाइन मिल जाएगी। - महेश गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री