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प्रदूषण और बढ़ा, पुलिस लाइन के आसपास की हवा ज्यादा खराब
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कूड़े के ढेरों से उठता धुआं भी घोल रहा हवा में जहर। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। एनसीआर और देश की राजधानी दिल्ली की बदायूं से दूरी ज्यादा नहीं है। दिवाली की आतिशबाजी के बाद वायु प्रदूषण में वृद्धि का असर बदायूं में भी दिखने लगा है। शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को बदायूं की वायु की गुणवत्ता और ज्यादा खराब हुई है। यहां एक्यूआई 300 के पार हो गया है। शुक्रवार को यह 260 के आस-पास था। शहर में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण पुलिस लाइन के आस-पास दर्ज किया गया है।
हेमवती नंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी गढ़वाल के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आलोक सागर गौतम बदायूं से ताल्लुक रखते हैं। वह बदायूं समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के इलाकों में बढ़ते प्रदूषण पर अध्ययन करते हैं। शहर में आवास विकास के निवासी डॉ. गौतम के अनुसार बदायूं में वायु की गुणवत्ता तेजी से खराब हो रही है। बदायूं से सटे बुलंदशहर में तो वायु का एक्यूआई खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से मोबाइल एप पर वायु प्रदूषण के आंकड़े लगातार जारी किए जा रहे हैं। शनिवार को बदायूं में वायु की गुणवत्ता की बात करें तो यह भी खतरनाक स्तर पर थी। शुक्रवार को भी वायु में उत्सर्जित गैसों और धूल-धुएं के कणों की मात्रा बढ़ने के कारण धुंध छाई रही। प्रदूषक तत्व पीएम 2.5 और पीएम 10 का लगातार वायु में इजाफा होने के कारण सांस और अस्थमा के पीड़ित लोगों को समस्या होने लगी है।
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बदायूं में प्रमुख स्थानों पर शनिवार को एक्यूआई
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शहर में पुलिस लाइन चौराहा 310 एक्यूआई
शहर में खेड़ा नवादा चौराहा 305 एक्यूआई
शहर में बाईपास, लालपुल के पास 300 एक्यूआई
उझानी में बाईपास, सहसवान रोड 290 एक्यूआई
बिसौली में ओरछी के पास 280 एक्यूआई
शहर में बदायूं-दातागंज, बदायूं-बिल्सी रोड 220 एक्यूआई
बदायूं-उसावां-अलापुर-फर्रुखाबाद रोड 210 एक्यूआई
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वैज्ञानिकों की नजर में एक्यूआई के मानक
- शून्य से 50 के बीच (एक्यूआई) एयर क्वालिटी इंडेक्स हो तो यह अच्छी श्रेणी में आता है। एक्यूआई जब 51 से 100 के बीच हो तो इसे संतोषजनक माना जाता है। इसके अलावा 101 से 200 के बीच एक्यूआई को मौसम वैज्ञानिक मध्यम श्रेणी का मानते हैं। जब एक्यूआई 201 से 300 तक पहुंच जाता है तो इसे खराब और खतरनाक माना जाता है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि एक्यूआई 301 से 400 के बीच बेहद खराब और 401 से 500 के बीच बेहद गंभीर श्रेणी में माना जाता हे। इसका मानव स्वास्थ्य के साथ जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों पर भी प्रतिकूल असर होता है।
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चिकित्सक की सलाह
बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण सांस और अस्थमा संबंधी रोगियों को काफी समस्या बढ़ रही है। बच्चों और बुजुर्गों को इस बदलते मौसम में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। लोगों को मास्क अनिवार्य तौर पर लगाना चाहिए। कोरोना के साथ ही यह दूषित हवा के सीधे प्रभाव में आने से बचाएगा। अस्थमा के रोगी बाहर न निकलें तो बेहतर है। मॉर्निंग व ईवनिंग वॉक पर जाने से भी फिलहाल बचना चाहिए। दिक्कत होते ही नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।
-डॉ. अरुण यादव, फिजीशियन
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यह पहली बार नहीं है जब बदायूं में वायु की गुणवत्ता दिवाली के बाद अचानक से इतनी खराब हुई हो। एनसीआर और दिल्ली का असर भी यहां दिखता है। लोगों को वायु प्रदूषण के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब मौसम को लेकर लगातार आंकड़े देता है। अनुमान के मुताबिक शनिवार को बदायूं में वायु का एक्यूआई 300 के पार हो गया है। यह खतरनाक स्तर है।
-डॉ. आलोक सागर गौतम, मौसम वैज्ञानिक
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हेमवती नंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी गढ़वाल के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आलोक सागर गौतम बदायूं से ताल्लुक रखते हैं। वह बदायूं समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के इलाकों में बढ़ते प्रदूषण पर अध्ययन करते हैं। शहर में आवास विकास के निवासी डॉ. गौतम के अनुसार बदायूं में वायु की गुणवत्ता तेजी से खराब हो रही है। बदायूं से सटे बुलंदशहर में तो वायु का एक्यूआई खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से मोबाइल एप पर वायु प्रदूषण के आंकड़े लगातार जारी किए जा रहे हैं। शनिवार को बदायूं में वायु की गुणवत्ता की बात करें तो यह भी खतरनाक स्तर पर थी। शुक्रवार को भी वायु में उत्सर्जित गैसों और धूल-धुएं के कणों की मात्रा बढ़ने के कारण धुंध छाई रही। प्रदूषक तत्व पीएम 2.5 और पीएम 10 का लगातार वायु में इजाफा होने के कारण सांस और अस्थमा के पीड़ित लोगों को समस्या होने लगी है।
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बदायूं में प्रमुख स्थानों पर शनिवार को एक्यूआई
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शहर में पुलिस लाइन चौराहा 310 एक्यूआई
शहर में खेड़ा नवादा चौराहा 305 एक्यूआई
शहर में बाईपास, लालपुल के पास 300 एक्यूआई
उझानी में बाईपास, सहसवान रोड 290 एक्यूआई
बिसौली में ओरछी के पास 280 एक्यूआई
शहर में बदायूं-दातागंज, बदायूं-बिल्सी रोड 220 एक्यूआई
बदायूं-उसावां-अलापुर-फर्रुखाबाद रोड 210 एक्यूआई
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वैज्ञानिकों की नजर में एक्यूआई के मानक
- शून्य से 50 के बीच (एक्यूआई) एयर क्वालिटी इंडेक्स हो तो यह अच्छी श्रेणी में आता है। एक्यूआई जब 51 से 100 के बीच हो तो इसे संतोषजनक माना जाता है। इसके अलावा 101 से 200 के बीच एक्यूआई को मौसम वैज्ञानिक मध्यम श्रेणी का मानते हैं। जब एक्यूआई 201 से 300 तक पहुंच जाता है तो इसे खराब और खतरनाक माना जाता है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि एक्यूआई 301 से 400 के बीच बेहद खराब और 401 से 500 के बीच बेहद गंभीर श्रेणी में माना जाता हे। इसका मानव स्वास्थ्य के साथ जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों पर भी प्रतिकूल असर होता है।
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चिकित्सक की सलाह
बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण सांस और अस्थमा संबंधी रोगियों को काफी समस्या बढ़ रही है। बच्चों और बुजुर्गों को इस बदलते मौसम में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। लोगों को मास्क अनिवार्य तौर पर लगाना चाहिए। कोरोना के साथ ही यह दूषित हवा के सीधे प्रभाव में आने से बचाएगा। अस्थमा के रोगी बाहर न निकलें तो बेहतर है। मॉर्निंग व ईवनिंग वॉक पर जाने से भी फिलहाल बचना चाहिए। दिक्कत होते ही नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।
-डॉ. अरुण यादव, फिजीशियन
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यह पहली बार नहीं है जब बदायूं में वायु की गुणवत्ता दिवाली के बाद अचानक से इतनी खराब हुई हो। एनसीआर और दिल्ली का असर भी यहां दिखता है। लोगों को वायु प्रदूषण के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब मौसम को लेकर लगातार आंकड़े देता है। अनुमान के मुताबिक शनिवार को बदायूं में वायु का एक्यूआई 300 के पार हो गया है। यह खतरनाक स्तर है।
-डॉ. आलोक सागर गौतम, मौसम वैज्ञानिक