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नेताओं की शरण में पहुंचा भूमाफिया भाजपा नेता
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राहुल वार्ष्णेय। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। अब तक पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी भूमाफिया भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय के खिलाफ कार्रवाई के तमाम दावे करते नजर आ रहे थे लेकिन पिछले दो दिन से कार्रवाई की रफ्तार ढीली पड़ गई है। माना जा रहा है कि माफिया एक बार फिर माननीयों की शरण में पहुंच गया है। इसके अलावा वह लखनऊ के चक्कर भी लगा रहा है। इससे माफिया की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई नहीं हो सकी है।
बीते 26 मई को पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश पर वजीरगंज के भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय के खिलाफ ताबड़तोड़ मामले दर्ज कराए गए थे। तब लग रहा था कि जैसे अधिकारियों ने पिछले दो साल की कसर पूरी कर ली हो। तीसरे दिन भाजपा नेता को भूमाफिया घोषित कर दिया गया। उसी दिन उसके मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया। जहां तमाम कमियां बताकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया था।
उसे भूमाफिया घोषित करने के दौरान उसकी संपत्ति जब्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई। सूत्रों के अनुसार भाजपा नेता की संपत्ति जांच के लिए राजस्व विभाग की टीम भी लगाई गई थी। दावा किया जा रहा था कि दो-एक दिन में भाजपा नेता की संपत्ति जब्त होगी या फिर उसकी संपत्ति पर बुलडोजर चल जाएगा।
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लेकिन पिछले दो दिन में अधिकारियों ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने का जिक्र नहीं किया है। और तो और, अब अधिकारी बयान देने तक से बच रहे हैं। बताया जा रहा है कि माफिया जिले के दो माननीयों की शरण में पहुंच गया है। उसने खुद को बचाने के लिए मोटी रकम भी खर्च की है। इसके अलावा वह लखनऊ के भी चक्कर लगा रहा है। इससे अधिकारी ठंडे पड़े गए हैं। कार्रवाई के संबंध में तेजी दिखाने वाले पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों पर एक बार भाजपा नेता भारी पड़ता नजर आ रहा है।
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बीते 26 मई को पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश पर वजीरगंज के भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय के खिलाफ ताबड़तोड़ मामले दर्ज कराए गए थे। तब लग रहा था कि जैसे अधिकारियों ने पिछले दो साल की कसर पूरी कर ली हो। तीसरे दिन भाजपा नेता को भूमाफिया घोषित कर दिया गया। उसी दिन उसके मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया। जहां तमाम कमियां बताकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया था।
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उसे भूमाफिया घोषित करने के दौरान उसकी संपत्ति जब्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई। सूत्रों के अनुसार भाजपा नेता की संपत्ति जांच के लिए राजस्व विभाग की टीम भी लगाई गई थी। दावा किया जा रहा था कि दो-एक दिन में भाजपा नेता की संपत्ति जब्त होगी या फिर उसकी संपत्ति पर बुलडोजर चल जाएगा।
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लेकिन पिछले दो दिन में अधिकारियों ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने का जिक्र नहीं किया है। और तो और, अब अधिकारी बयान देने तक से बच रहे हैं। बताया जा रहा है कि माफिया जिले के दो माननीयों की शरण में पहुंच गया है। उसने खुद को बचाने के लिए मोटी रकम भी खर्च की है। इसके अलावा वह लखनऊ के भी चक्कर लगा रहा है। इससे अधिकारी ठंडे पड़े गए हैं। कार्रवाई के संबंध में तेजी दिखाने वाले पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों पर एक बार भाजपा नेता भारी पड़ता नजर आ रहा है।