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सिनोद ने कहा-भितरघात का था खतरा, सपाई ही चाहते थे हरवाना
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सिनोद शाक्य।
- फोटो : BADAUN
बदायूं। एमएलसी चुनाव में ऐन मौके पर नामांकन वापस लेने वाले सपा प्रत्याशी पूर्व विधायक सिनोद शाक्य ने सपा विधायकों के करीबियों पर चुनाव हरवाने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक विधायक के पीआरओ भाजपा प्रत्याशी वागीश पाठक के प्रस्तावक बन गए। सिनोद ने कहा कि वह समय रहते षड्यंत्र को भांप गए। वह पूरी निष्ठा और दमदारी से चुनाव मैदान में थे। सपाई उनके साथ धोखा कर रहे थे। जिपं चुनाव की तरह उनको एमएलसी चुनाव भी हरवाना चाहते थे। ऐसे में उन्होंने नामांकन वापस लेना ही उचित समझा।
सपा ने एमएलसी पद पर सिनोद शाक्य को प्रत्याशी बनाया था। सोमवार को पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, पूर्व राज्यमंत्री ओमकार सिंह, सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल पाल सिंह यादव, विधायक आशुतोष मौर्य, विधायक हिमांशु यादव, विधायक ब्रजेश यादव समेत सपा नेताओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर नामांकन दाखिल किया था। सिनोद ने नामांकन के बाद अपनी सौ प्रतिशत जीत का दावा भी किया। बृहस्पतिवार को नाम वापसी थी। इससे एक दिन पहले ही सिनोद ने बुधवार को नाम वापस लेकर सपा को जोर का झटका दे दिया। इसके साथ ही भाजपा प्रत्याशी वागीश पाठक के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया।
बुधवार को सिनोद की ओर से कोई बयान नहीं आया। बृहस्पतिवार को उन्होंने फोन पर अमर उजाला को बताया कि सपा विधायकों के कुछ कई करीबी उनको चुनाव हरवाना चाहते थे। यह लोग भाजपा प्रत्याशी से मिले हुए थे। एक सपा विधायक का खास प्रधान भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रधानों को एकजुट कर रहा था। जरीफनगर क्षेत्र का एक प्रधान भाजपा प्रत्याशी के साथ कार में घूमता देखा गया। जिपं चुनाव के दौरान भी उनको धोखा मिला। इस बार वह धोखा खाना नहीं चाहते थे। ऐसे में उन्होंने नामांकन वापस लेना ही उचित समझा। संवाद
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सपा ने एमएलसी पद पर सिनोद शाक्य को प्रत्याशी बनाया था। सोमवार को पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, पूर्व राज्यमंत्री ओमकार सिंह, सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल पाल सिंह यादव, विधायक आशुतोष मौर्य, विधायक हिमांशु यादव, विधायक ब्रजेश यादव समेत सपा नेताओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर नामांकन दाखिल किया था। सिनोद ने नामांकन के बाद अपनी सौ प्रतिशत जीत का दावा भी किया। बृहस्पतिवार को नाम वापसी थी। इससे एक दिन पहले ही सिनोद ने बुधवार को नाम वापस लेकर सपा को जोर का झटका दे दिया। इसके साथ ही भाजपा प्रत्याशी वागीश पाठक के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया।
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बुधवार को सिनोद की ओर से कोई बयान नहीं आया। बृहस्पतिवार को उन्होंने फोन पर अमर उजाला को बताया कि सपा विधायकों के कुछ कई करीबी उनको चुनाव हरवाना चाहते थे। यह लोग भाजपा प्रत्याशी से मिले हुए थे। एक सपा विधायक का खास प्रधान भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रधानों को एकजुट कर रहा था। जरीफनगर क्षेत्र का एक प्रधान भाजपा प्रत्याशी के साथ कार में घूमता देखा गया। जिपं चुनाव के दौरान भी उनको धोखा मिला। इस बार वह धोखा खाना नहीं चाहते थे। ऐसे में उन्होंने नामांकन वापस लेना ही उचित समझा। संवाद
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