फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Police reached Kaprol, got all the posters removed

Budaun News: कपरोल पहुंची पुलिस, हटवाए सभी पोस्टर

Sun, 07 Apr 2024 12:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 07 Apr 2024 12:24 AM IST
विज्ञापन
Police reached Kaprol, got all the posters removed
सड़क निकासी की मांग को लेकर खड़े कपरोल गांव के लोग।संवाद
इस्लामनगर। कपरोल से चंदोई जाने वाला रास्ता बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने गांव कपरोल बिकाऊ है के पोस्टर गांव में चस्पा कर अपना विरोध जताया था। जानकारी मिलने पर शनिवार को पुलिस ने गांव में पहुंचकर चस्पा पोस्टर वहां से हटा दिए, पर रास्ता अब भी बंद है।
विज्ञापन

ब्लॉक इस्लामनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत चंदोई का मझरा कपरोल है। यहां पर करीब 350 मतदाता हैं। तारावती, प्रेमवती, लड्डो, वीरेंद्र सिंह, राहुल कुमार समेत सभी गांव वालों का कहना है कि शनिवार को पुलिस ने आकर सभी चस्पा पोस्टर हटा दिए। उन्होंने कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
विज्ञापन

एसडीएम ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे के नीचे से एक रास्ता दिया गया है। वहां से यह लोग आ जा सकते हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जिस पुलिया से रास्ता दिया गया है वह इतनी छोटी है कि उसमें सीधे होकर निकलना मुश्किल है। कोई भी व्यक्ति सामान लेकर नहीं निकल सकता है। पिछले दिनों जब बारिश हुई थी। तब उस पुलिया के रास्ते पर एक माह तक पानी भरा रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि कपरोल गांव में न तो राशन की दुकान है, न ही कोई विद्यालय है। मतदान करने के लिए भी उन्हें चंदोई गांव में ही जाना पड़ता है। गंगा एक्सप्रेस-वे की वजह से गांव का सीधा संबंध खत्म हो गया है। अब उन्हें दूसरे गांव से होकर चंदोई जाना पड़ता है। साथ ही खेतों की देखभाल करने के लिए भी अन्य गांवों से होकर निकालना पड़ता है। अभी जो रास्ता है, उसमें कपरोल से चंदोई जाने के लिए 6 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है,जबकि गंगा एक्सप्रेस के लिए जब रास्ता नहीं रोका गया था तब मात्र एक किलोमीटर दूरी तय करके चंदोई पहुंच जाते थे।

कपरोल गांव पूरी तरह से चंदोई पर निर्भर है। कपरोल गांव के लोगों का राशन मिलना, सरकारी विद्यालय आदि यहीं है। यहां तक की मतदान भी इनको इसी गांव में आकर करना होता है। सड़क को खुलवाने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। -अनुपमा सिंह, प्रधान


कुछ दूरी पर इनके पैदल निकलने का रास्ता बना हुआ है। उसी का वह उपयोग करें। समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा। ग्रामीणों ने जिस ढंग से विरोध जताया, वह अनुचित है। - कल्पना जायसवाल, एसडीएम बिसौली
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed