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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Police fired four bullets at Dhalu, not three; the mystery of one bullet was concealed.

Budaun News: पुलिस ने तीन नहीं, ढालू पर चलाईं चार गोलियां, एक गोली का रहस्य छिपाया

Sat, 04 Jul 2026 01:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 01:35 AM IST
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Police fired four bullets at Dhalu, not three; the mystery of one bullet was concealed.
बदायूं। पचास हजार के इनामी बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू को मुठभेड़ में मार गिराने के संबंध में पुलिस की आठ पेज की स्क्रिप्ट में कई झोल नजर आ रहे हैं। सिविल लाइन थाने के इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह की ओर से दर्ज कराई एफआईआर में कहा गया है कि आत्मरक्षार्थ पुलिस पार्टी की ओर से पिस्टल फायर के नाइन एमएम के तीन खोखा कारतूस मिल गए थे, काफी तलाशने पर एक खोखा कारतूस नहीं मिला, इसे तलाश किया जाएगा।
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स्क्रिप्ट से सवाल उठ रहा है कि पुलिस की ओर से तीन नहीं, चार गोलियां बदमाश ढालू पर चलाई गई थीं। चौथी गोली किसकी पिस्टल से चली, इसका कोई जिक्र नहीं है, जबकि रिपोर्ट में कहा गया है कि एक गोली एसपी सिटी, दूसरी सिविल लाइन इंस्पेक्टर तो तीसरी इंस्पेक्टर सहसवान की पिस्टल से चली थी।
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रिपोर्ट में लिखी पुलिस की स्क्रिप्ट में एक खोखा नहीं मिलने के अलावा कई अन्य झोल भी नजर आ रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक जुलाई की रात एआरटीओ चौराहे से आगे बिल्सी रोड पर नई जेल के लिए प्रस्तावित भूमि के सामने पहुंचे थे। 9:23 बजे के करीब गाड़ियों की हेडलाइट में सामने बिल्सी रोड की तरफ से मोटरसाइकिल पर एक व्यक्ति बहुत तेजी से आता हुआ दिखाई दिया।
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इसके पीछे कुछ दूरी पर पुलिस की गाड़ी भी आती दिखाई पड़ी। यह देख हम लोग समझ गए कि यही मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति पुलिस पर फायर करके भाग रहा है।
बदमाश होने का यकीन होने पर उसे रोकने के लिए सामने अपने वाहन लगाकर घेराबंदी की तो नजदीक आकर मोटर साइकिल सवार ने गाड़ी धीमी कर सामने से पुलिस पर फायर कर दिया। यह फायर इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह की गाड़ी के सामने वाले बंफर में लगा, जिससे पुलिस वाले बाल-बाल बच गए।
बदमाश ने अपनी गाड़ी नई जेल के लिए प्रस्तावित भूमि की तरफ मोड़ दी। पक्की सड़क से उत्तर दिशा में करीब 250 मीटर अंदर जाकर मोटर साइकिल ऊबड़-खाबड़ भूमि पर लड़खड़ाकर गिर गई। मोटरसाइकिल छोड़कर बदमाश फायर करते हुए जंगल की तरफ भाग गया था। रिपोर्ट के अनुसार, दरोगा नीरज, सिपाही को गोली लगने के साथ इंस्पेक्टर और एसपी सिटी की बुलट प्रूफ जैकेट में सीने की तरफ गोली लगी। इसके बाद बदमाश के पैर और सीने में गोली लगी थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रात 9:35 बजे बदमाश ने चिल्लाते हुए गोली लगने की बात कही थी, लेकिन पुलिस टीम ढालू को जिला अस्पताल लेकर 9:55 बजे ही पहुंच गई थी। महज बीस मिनट में पुलिस टीम ने बदमाश से घटनास्थल पर पूछताछ कर ली और उसे अस्पताल भी ले गए। वहीं, रिपोर्ट में घटनास्थल पर ही आठ पेज की फर्द टार्च की रोशनी में तैयार करने का दावा किया गया है।



पुलिस मुठभेड़ में मारे गए ढालू के प्रकरण की होगी मजिस्ट्रियल जांच
- डीएम ने एसडीएम सदर को जांच अधिकारी किया नामित, 10 जुलाई तक मांगे साक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। एक जुलाई की रात पुलिस मुठभेड़ में मारे गए जितेंद्र उर्फ ढालू के प्रकरण में डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। डीएम अविनाश राय के निर्देश पर उप जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम सदर) मोहित कुमार को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
जांच अधिकारी ने घटना से संबंधित किसी भी व्यक्ति से साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील की है। इसके लिए 10 जुलाई तक किसी भी कार्य दिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होकर अपने बयान या साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं। यहां उपलब्ध कराए गए सभी साक्ष्यों को मजिस्ट्रियल जांच में शामिल किया जाएगा। डीएम अविनाश राय ने शुक्रवार को बताया कि पुलिस की बदमाश के साथ मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।



तीन पिस्टलों व तमंचे के साथ बरामद खोखों की भी होगी बैलिस्टिक जांच
बदायूं। इनामी बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू के साथ हुई मुठभेड़ में चार पिस्टल और एक तमंचे से गोलियां चली थीं। सभी हथियार सील हैं। इन पिस्टल और तमंचे के साथ खोखों की भी वैज्ञानिक तरीके से जांच होगी। विवेचना के तहत मुठभेड़ में जवाबी फायरिंग करने वाले एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह, सिविल लाइंस इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह और सहसवान इंस्पेक्टर धनंजय सिंह की सरकारी पिस्टलों को केस प्रॉपर्टी बनाकर सील किया गया है। इन्हें बदमाश से बरामद हुई ऑटोमेटिक पिस्टल और तमंचे के साथ फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) मुरादाबाद भेजा जाएगा।
एफएसएल में बैलिस्टिक विशेषज्ञ यह जांच करेंगे कि घटनास्थल से मिले खोखे किन-किन हथियारों से फायर हुए और किस असलहे से कितनी गोलियां चलाई गईं थीं। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू ने पुलिस टीम पर 14 राउंड फायरिंग की थी। उसके कब्जे से .32 बोर की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, .315 बोर का देशी तमंचा, कारतूस और खोखे बरामद किए गए थे।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से तीन राउंड फायर किए गए थे। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से बरामद सभी हथियार, खोखे, कारतूस और अन्य साक्ष्यों को सील कर केस प्रॉपर्टी बनाया गया है। अब पुलिस अधिकारियों की सरकारी पिस्टलों के साथ इनकी बैलिस्टिक जांच कराई जाएगी। एफएसएल की रिपोर्ट विवेचना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी, जो न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की जाएगी। संवाद
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