{"_id":"6328b4c952f31516b40827e4","slug":"police-badaun-news-bly4981132179","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला सिपाही और मुंशी में हाथापाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला सिपाही और मुंशी में हाथापाई
सार
हालांकि बाद में अपने कमरे पर चली गई लेकिन पुलिस कर्मियों को लगा कि कुछ अनहोनी न हो जाए, इससे उसे खोजने के लिए रेलवे स्टेशन तक पहुंच गए।मामले की शुरुआत किसने की, यह पुलिस की जांच का विषय है लेकिन महिला सिपाही ने दोपहर बाद बदायूं जाकर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह को पूरी बात बताई। जिन दो महिला सिपाहियों का तबादला हुआ है, उनकी आपस में बनती नहीं थी, सो विभागीय अफसरों को रिपोर्ट भेज दी गई थी।-दो साल पहले कोतवाली में एसएसआई को मारी गई थी गोलीपुलिस कर्मियों में मनमुटाव को लेकर यह कोई पहला मामला नहीं है। उन्हें मरा समझकर सिपाही ललित ने खुद को भी गोली से उड़ा लेने की कोशिश की लेकिन गोली उसके कंधे में लगी थी।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उझानी (बदायूं)। जरीफनगर तबादला होने के बाद रवानगी को लेकर उझानी कोतवाली के दफ्तर में मुंशी और महिला सिपाही के बीच हाथापाई हो गई। साथी पुलिस कर्मियों के हस्तक्षेप पर दोनों वहां से हट गए लेकिन इसको लेकर हंगामा खूब हुआ। पिटाई का आरोप लगाते हुए महिला सिपाही गुस्से में दफ्तर से बाहर निकलकर सड़क पर पहुंची तो पुलिस कर्मी घबरा गए। बाद में उसने एसएसपी के सामने पेश होकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। जिस पर उन्होंने जांच के आदेश दे दिए।
मामला सोमवार दोपहर का है। महिला सिपाही का एक दिन पहले ही जरीफनगर थाने के लिए तबादला हुआ। बैंक ड्यूटी पर तैनात महिला सिपाही की रवानगी कर दिए जाने की सूचना उसे फोन पर मुंशी के जरिये मिली। बताते हैं कि वह कोतवाली पहुंची तो मुंशी और उसके बीच कहासुनी हो गई। शोरगुल सुनकर प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार दफ्तर में पहुंच गए। उन्होंने और पुलिस कर्मियों ने दोनों को शांत कर दिया लेकिन इसके बाद महिला सिपाही बेवजह पीट दिए जाने की आवाज लगाती हुई दफ्तर से बाहर निकलीं और सड़क तक आ गई। हालांकि बाद में अपने कमरे पर चली गई लेकिन पुलिस कर्मियों को लगा कि कुछ अनहोनी न हो जाए, इससे उसे खोजने के लिए रेलवे स्टेशन तक पहुंच गए।
मामले की शुरुआत किसने की, यह पुलिस की जांच का विषय है लेकिन महिला सिपाही ने दोपहर बाद बदायूं जाकर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह को पूरी बात बताई। एसएसपी ने उसे जांच कराने का भरोसा दिलाया है। चर्चा है कि उसने अपने वरिष्ठ साथियों की भूमिका पर सवाल भी उठाया। उसका यहां तक कहना है कि अवकाश के मांगने पर उसे परेशान किया जाता रहा है। उसका तबादला भी कोतवाली स्तर की शिकायत पर किया गया है। इधर, प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कोई खास बात नहीं थी लेकिन दोनों के बीच कहासुनी हो गई। जिन दो महिला सिपाहियों का तबादला हुआ है, उनकी आपस में बनती नहीं थी, सो विभागीय अफसरों को रिपोर्ट भेज दी गई थी।
विज्ञापन
-
दो साल पहले कोतवाली में एसएसआई को मारी गई थी गोली
पुलिस कर्मियों में मनमुटाव को लेकर यह कोई पहला मामला नहीं है। पांच सितंबर-2020 को कोतवाली में तैनात सिपाही ललित कुमार ने एसएसआई रामऔतार सिंह पर इंसास रायफल से फायरिंग कर दी थी। उन्हें मरा समझकर सिपाही ललित ने खुद को भी गोली से उड़ा लेने की कोशिश की लेकिन गोली उसके कंधे में लगी थी। घायल एसएसआई पूरी तरह स्वस्थ होकर अभी ड्यूटी पर नहीं लौट पाए हैं तो सिपाही को बर्खास्त किया जा चुका है। उस वक्त महिला सिपाही स्थानीय कोतवाली में ही तैनात थी।
विज्ञापन
मामला सोमवार दोपहर का है। महिला सिपाही का एक दिन पहले ही जरीफनगर थाने के लिए तबादला हुआ। बैंक ड्यूटी पर तैनात महिला सिपाही की रवानगी कर दिए जाने की सूचना उसे फोन पर मुंशी के जरिये मिली। बताते हैं कि वह कोतवाली पहुंची तो मुंशी और उसके बीच कहासुनी हो गई। शोरगुल सुनकर प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार दफ्तर में पहुंच गए। उन्होंने और पुलिस कर्मियों ने दोनों को शांत कर दिया लेकिन इसके बाद महिला सिपाही बेवजह पीट दिए जाने की आवाज लगाती हुई दफ्तर से बाहर निकलीं और सड़क तक आ गई। हालांकि बाद में अपने कमरे पर चली गई लेकिन पुलिस कर्मियों को लगा कि कुछ अनहोनी न हो जाए, इससे उसे खोजने के लिए रेलवे स्टेशन तक पहुंच गए।
विज्ञापन
मामले की शुरुआत किसने की, यह पुलिस की जांच का विषय है लेकिन महिला सिपाही ने दोपहर बाद बदायूं जाकर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह को पूरी बात बताई। एसएसपी ने उसे जांच कराने का भरोसा दिलाया है। चर्चा है कि उसने अपने वरिष्ठ साथियों की भूमिका पर सवाल भी उठाया। उसका यहां तक कहना है कि अवकाश के मांगने पर उसे परेशान किया जाता रहा है। उसका तबादला भी कोतवाली स्तर की शिकायत पर किया गया है। इधर, प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कोई खास बात नहीं थी लेकिन दोनों के बीच कहासुनी हो गई। जिन दो महिला सिपाहियों का तबादला हुआ है, उनकी आपस में बनती नहीं थी, सो विभागीय अफसरों को रिपोर्ट भेज दी गई थी।
विज्ञापन
-
दो साल पहले कोतवाली में एसएसआई को मारी गई थी गोली
पुलिस कर्मियों में मनमुटाव को लेकर यह कोई पहला मामला नहीं है। पांच सितंबर-2020 को कोतवाली में तैनात सिपाही ललित कुमार ने एसएसआई रामऔतार सिंह पर इंसास रायफल से फायरिंग कर दी थी। उन्हें मरा समझकर सिपाही ललित ने खुद को भी गोली से उड़ा लेने की कोशिश की लेकिन गोली उसके कंधे में लगी थी। घायल एसएसआई पूरी तरह स्वस्थ होकर अभी ड्यूटी पर नहीं लौट पाए हैं तो सिपाही को बर्खास्त किया जा चुका है। उस वक्त महिला सिपाही स्थानीय कोतवाली में ही तैनात थी।