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पीएनबी के लेजर रजिस्टरों में खंगाला जा रहा चेकों का रिकार्ड

Fri, 10 Jan 2020 07:40 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jan 2020 07:40 PM IST
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बदायूं। पावर कारपोरेशन के 64.56 लाख रुपये के चेक निजी खातों में भुगतान कर रकम हड़पने के मामले में कुछ बैंक अफसर भी फंसते नजर आ रहे हैं। पावर कारपोरेशन ने अपने चेकों का पूरा डाटा बैंक को दे दिया है। अब बैंक वर्ष 2009 से 2017 तक के लेजर खंगाल रहा है। अगर सभी लेजर मिल जाते हैं तो घपले को लेकर कई चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। यह भी साफ हो जाएगा कि रकम किसकी आईडी और पासवर्ड से निजी खातों में ट्रांसफर की गई।
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पावर कारपोरेशन के चेकों के 64.56 लाख रुपये निजी खातों में ट्रांसफर कर हड़पने के मामला जून 2018 में सामने आया। पावर कार्पोरेशन के एक्सईएन ने इसे पकड़ने के बाद बैंक के साथ लिखा-पढ़ी की थी। करीब एक साल की जांच के बाद बैंक ने घोटाले की बात मानी। रीजनल हेड प्रवीन कुमार जैन की ओर से मामले में चार जनवरी को चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी वीरबाला, उसके पति और बेटे समेत सात रिश्तेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, एफआईआर में किसी तत्कालीन शाखा प्रबंधक या कैशियर का नाम नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी कैसे अपने और रिश्तेदारों के खातों में इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर कर हड़प सकती है। कहा जा रहा है कि कुछ अफसरों ने महिला कर्मी को मोहरा बनाया है। शाखा प्रबंधक सुशांक का कहना है कि जांच चल रही है। इस बारे में अभी वह ज्यादा कुछ नहीं बता सकते। इसके लिए वह अधिकृत भी नहीं हैं।
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- पीएनबी में आने वाले पावर कारपोरेशन के चेकों की रकम 2009 से 2017 तक निजी खातों में ट्रांसफर की जाती रही। अगर लेजर रजिस्टर में सभी रिकार्ड मिल जाता है तो साफ हो जाएगा कि संबंधित चेक किस कैशियर ने चढ़ाया और रकम पावर कारपोरेशन के स्थान पर निजी खाते में ट्रांसफर की। हालांकि, कहा जा रहा है कि जांच अभी लंबी खिंच सकती है। पूरी तरह से पर्दा हटने के बाद सच्चाई सामने आने में अभी समय लग सकता है।
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मामले में आरोपी बैंक की बर्खास्त चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी वीरबाला, उसका बेटे समेत सात नाते-रिश्तेदार अपने घरों से भागे हुए हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी को दबिशें दे रही है। एफआईआर को पांच दिन बीत चुके हैं अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इंस्पेक्टर पंकज लवानिया का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।
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