{"_id":"68bc87e7ea3b967c1f06e3a6","slug":"pet-question-paper-was-simple-candidates-were-confused-after-seeing-five-options-badaun-news-c-123-1-sbly1001-146468-2025-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच 15 हजार विद्यार्थियों ने दी पीईटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच 15 हजार विद्यार्थियों ने दी पीईटी
विज्ञापन
पीईटी देने के बाद अभ्यर्थी अपना सामान लेते हुए। संवाद
बदायूं। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2025 शनिवार को जिले में कड़ी सुरक्षा इंतजामों के बीच हुई। जनपद के 24 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों में 14832 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण बनाने के लिए सख्त इंतजाम किए थे। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक आयोजित की गई। इसमें कुल 9840 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 7370 परीक्षार्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। दूसरी पाली में 7462 अभ्यर्थी शामिल हुए।
सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की भीड़ जुट गई थी। अधिकांश परीक्षार्थी समय से काफी पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए। जैसे-जैसे गेट खोलने का समय नजदीक आता गया, वैसे-वैसे कतारें लंबी होती चली गईं। कई जगहों पर तो सड़क तक अभ्यार्थियों की लंबी लाइन दिखाई दी।
विज्ञापन
परीक्षा केंद्रों के गेट खुलते ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान प्रत्येक अभ्यर्थी की गहन जांच की गई। सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त थी कि कई परीक्षार्थियों को एक से अधिक बार तलाशी देनी पड़ी। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ियां और यहां तक कि पेन तक भीतर नहीं ले जाने दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर ही पेन उपलब्ध कराए गए।
किसी का कलावा काटा तो उतरवाई घड़ी
परीक्षा केंद्रों पर तमाम ऐसे परीक्षार्थी भी पहुंचे जो कलावा व घड़ी पहने थे। तलाशी के दौरान इन अभ्यर्थियों के कलावा केंद्र के बाहर ही कटवा दिए गए। घड़ी भी उतरवाई गई। कई छात्र अपना सामान सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए भी परेशान दिखे।
उमस और धूप में अभिभावक हुए परेशान
तेज धूप और उमस ने अभिभावकों को खासा परेशान किया, लेकिन उन्होंने बाहर खड़े होकर अपने बच्चों का मनोबल बढ़ाया। प्रशासन की ओर से जगह-जगह पानी की व्यवस्था और टेंट लगाए गए थे। इससे परीक्षार्थियों और अभिभावकों को राहत रही। कई केंद्रों के बाहर स्थानीय लोगों ने भी छांव और पानी की व्यवस्था कर सहयोग दिया।
केंद्रों के अंदर रही सख्त निगरानी
परीक्षा कक्षों में पूरी तरह से शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल के अलावा मजिस्ट्रेट और पर्यवेक्षक लगातार निगरानी करते रहे। सभी परीक्षा कक्ष सीसी कैमरों की निगरानी में रहे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखने के लिए प्रशासनिक अमला सतर्क रहा। डीएम अवनीश राय और एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने कई केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षार्थियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
प्रशासन ने भी रखी निगरानी
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अफवाह फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी। साइबर सेल की टीम लगातार सक्रिय रही, ताकि कोई भी भ्रामक पोस्ट वायरल न हो सके। अधिकारियों के अनुसार, शासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया। जिले के सभी केंद्रों से शांति और पारदर्शिता के साथ परीक्षा हुई।
विज्ञापन
प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण बनाने के लिए सख्त इंतजाम किए थे। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक आयोजित की गई। इसमें कुल 9840 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 7370 परीक्षार्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। दूसरी पाली में 7462 अभ्यर्थी शामिल हुए।
विज्ञापन
सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की भीड़ जुट गई थी। अधिकांश परीक्षार्थी समय से काफी पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए। जैसे-जैसे गेट खोलने का समय नजदीक आता गया, वैसे-वैसे कतारें लंबी होती चली गईं। कई जगहों पर तो सड़क तक अभ्यार्थियों की लंबी लाइन दिखाई दी।
विज्ञापन
परीक्षा केंद्रों के गेट खुलते ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान प्रत्येक अभ्यर्थी की गहन जांच की गई। सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त थी कि कई परीक्षार्थियों को एक से अधिक बार तलाशी देनी पड़ी। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ियां और यहां तक कि पेन तक भीतर नहीं ले जाने दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर ही पेन उपलब्ध कराए गए।
किसी का कलावा काटा तो उतरवाई घड़ी
परीक्षा केंद्रों पर तमाम ऐसे परीक्षार्थी भी पहुंचे जो कलावा व घड़ी पहने थे। तलाशी के दौरान इन अभ्यर्थियों के कलावा केंद्र के बाहर ही कटवा दिए गए। घड़ी भी उतरवाई गई। कई छात्र अपना सामान सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए भी परेशान दिखे।
उमस और धूप में अभिभावक हुए परेशान
तेज धूप और उमस ने अभिभावकों को खासा परेशान किया, लेकिन उन्होंने बाहर खड़े होकर अपने बच्चों का मनोबल बढ़ाया। प्रशासन की ओर से जगह-जगह पानी की व्यवस्था और टेंट लगाए गए थे। इससे परीक्षार्थियों और अभिभावकों को राहत रही। कई केंद्रों के बाहर स्थानीय लोगों ने भी छांव और पानी की व्यवस्था कर सहयोग दिया।
केंद्रों के अंदर रही सख्त निगरानी
परीक्षा कक्षों में पूरी तरह से शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल के अलावा मजिस्ट्रेट और पर्यवेक्षक लगातार निगरानी करते रहे। सभी परीक्षा कक्ष सीसी कैमरों की निगरानी में रहे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखने के लिए प्रशासनिक अमला सतर्क रहा। डीएम अवनीश राय और एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने कई केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षार्थियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
प्रशासन ने भी रखी निगरानी
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अफवाह फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी। साइबर सेल की टीम लगातार सक्रिय रही, ताकि कोई भी भ्रामक पोस्ट वायरल न हो सके। अधिकारियों के अनुसार, शासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया। जिले के सभी केंद्रों से शांति और पारदर्शिता के साथ परीक्षा हुई।

पीईटी देने के बाद अभ्यर्थी अपना सामान लेते हुए। संवाद

पीईटी देने के बाद अभ्यर्थी अपना सामान लेते हुए। संवाद