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Budaun News: बारिश में त्वचा रोग और बुखार के मरीज बढ़े
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उझानी अस्पताल में दवा वितरण केंद्र के सामने जुटे मरीज। संवाद
उझानी। बारिश के साथ ही संक्रामक बीमारियों ने लोगों को जकड़ना शुरू कर दिया है। बुखार में हालांकि वायरल का प्रकोप है, लेकिन त्वचा के रोगी भी कम नहीं हैं। इलाके में जुकाम- बुखार समेत त्वचा रोगियों की संख्या पांच सौ के पार हो गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में मंगलवार सुबह से मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। रविवार के अवकाश और फिर अगले दिन मूसलाधार बारिश की वजह से दवा लेने के लिए मरीज अस्पताल नहीं पहुंचे थे। मंगलवार को पंजीकरण खिड़की के सामने से लेकर चिकित्सकों के कक्ष, दवा वितरण केंद्र और लैब में मरीजों की भीड़ नजर आई। बहादुरगंज निवासी नईम ने बताया कि तीन दिन से बुखार आ रहा है। डॉक्टर को दिखाने के बाद खून की जांच भी कराई है।
खांसी और बुखार के मरीजों के अलावा 30 फीसदी ऐसे महिला, पुरुष और बच्चे अस्पताल आए, जिन्हें त्वचा रोग बताया गया। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं ने भी अस्पताल आकर सामान्य परीक्षण कराया। उन्हे भी दवाएं वितरित की गईं। चिकित्साधीक्षक डॉ. राजकुमार गंगवार ने बताया कि दोपहर तक करीब चार सौ नये मरीजों ने पंजीकरण कराया। एक सौ से अधिक ऐसे मरीज भी आए, जो पहले भी दवा लेकर जा चुके थे। वायरल का प्रकोप बताया। खांसी के अलावा सर्दी जुकाम ने भी जोर पकड़ लिया है।
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124 मरीजों की जांच, किसी को डेंगू न मलेरिया
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जुकाम, बुखार, खांसी समेत संक्रमण से परेशान मरीजों में 124 का ब्लड सैंपल लेकर जांच की गई। लैब टेक्नीशियन नीलेश कुमार ने बताया कि इनमें 36 की मलेरिया, 24 का विडॉल (टाइफाइड), सात लोगों का डेंगू, 42 का हीमोग्लोबिन चेक किया गया। कोई भी पॉजीटिव नहीं निकला। 15 मरीजों की शुगर का चेकअप किया गया, उनका शुगर लेबल ठीकठाक था।
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गर्भवती महिलाओं में छह का हीमोग्लोबिन कम
- गर्भवती महिलाओं की ओपीडी में 80 महिलाओं ने पंजीकरण कराके चिकित्साधिकारी डॉ. हिना सबदर से परामर्श लिया। सामान्य प्रक्रिया के तहत 35 महिलाओं का हीमोग्लोबिन चेक कराया गया तो छह काम का लेबल काफी कम था। एलटी सौरभ सक्सेना ने बताया कि उनमें 12 ग्राम पर लीटर के विपरीत पांच- छह ग्राम पर लीटर ही हीमोग्लोबिन पाया गया। गर्भवती महिलाओं को दिनचर्या में बदलाव और हरी सब्जियों के साथ मौसम के फल खाने की सलाह दी गई।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में मंगलवार सुबह से मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। रविवार के अवकाश और फिर अगले दिन मूसलाधार बारिश की वजह से दवा लेने के लिए मरीज अस्पताल नहीं पहुंचे थे। मंगलवार को पंजीकरण खिड़की के सामने से लेकर चिकित्सकों के कक्ष, दवा वितरण केंद्र और लैब में मरीजों की भीड़ नजर आई। बहादुरगंज निवासी नईम ने बताया कि तीन दिन से बुखार आ रहा है। डॉक्टर को दिखाने के बाद खून की जांच भी कराई है।
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खांसी और बुखार के मरीजों के अलावा 30 फीसदी ऐसे महिला, पुरुष और बच्चे अस्पताल आए, जिन्हें त्वचा रोग बताया गया। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं ने भी अस्पताल आकर सामान्य परीक्षण कराया। उन्हे भी दवाएं वितरित की गईं। चिकित्साधीक्षक डॉ. राजकुमार गंगवार ने बताया कि दोपहर तक करीब चार सौ नये मरीजों ने पंजीकरण कराया। एक सौ से अधिक ऐसे मरीज भी आए, जो पहले भी दवा लेकर जा चुके थे। वायरल का प्रकोप बताया। खांसी के अलावा सर्दी जुकाम ने भी जोर पकड़ लिया है।
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124 मरीजों की जांच, किसी को डेंगू न मलेरिया
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जुकाम, बुखार, खांसी समेत संक्रमण से परेशान मरीजों में 124 का ब्लड सैंपल लेकर जांच की गई। लैब टेक्नीशियन नीलेश कुमार ने बताया कि इनमें 36 की मलेरिया, 24 का विडॉल (टाइफाइड), सात लोगों का डेंगू, 42 का हीमोग्लोबिन चेक किया गया। कोई भी पॉजीटिव नहीं निकला। 15 मरीजों की शुगर का चेकअप किया गया, उनका शुगर लेबल ठीकठाक था।
गर्भवती महिलाओं में छह का हीमोग्लोबिन कम
- गर्भवती महिलाओं की ओपीडी में 80 महिलाओं ने पंजीकरण कराके चिकित्साधिकारी डॉ. हिना सबदर से परामर्श लिया। सामान्य प्रक्रिया के तहत 35 महिलाओं का हीमोग्लोबिन चेक कराया गया तो छह काम का लेबल काफी कम था। एलटी सौरभ सक्सेना ने बताया कि उनमें 12 ग्राम पर लीटर के विपरीत पांच- छह ग्राम पर लीटर ही हीमोग्लोबिन पाया गया। गर्भवती महिलाओं को दिनचर्या में बदलाव और हरी सब्जियों के साथ मौसम के फल खाने की सलाह दी गई।