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Budaun News: रोगी कल्याण खाता सीज, एमओआईसी की भूमिका संदिग्ध, स्पष्टीकरण तलब
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बदायूं। बिल्सी सीएचसी के रोगी कल्याण खाते को सीज कर दिया गया है। इस मामले में एमओआईसी की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। सीएमओ ने एमओआईसी से स्पष्टीकरण मांगा है कि चेक पर पहले से हस्ताक्षर क्यों किए गए थे, जबकि शासन की ओर से लगातार इसको लेकर पहले ही निर्देशित किया जा चुका है।
बिल्सी में रोगी जन कल्याण खाते से 24 अगस्त को चेक के माध्यम से अधिकरधारा ट्रस्ट के नाम पर 4.90 लाख रुपये भेजे गए थे। एक माह से ज्यादा समय होने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। 30 सितंबर को जब बैंक की ओर से खाता से निकासी की जानकारी आई तो विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई। हालांकि पहले विभागीय स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश की गई, लेकिन मामला बड़ा होने की वजह से एमओआईसी की ओर सीएमओ को पत्र भेजा गया।
इसके बाद बुधवार को सीएमओ की ओर से गठित जांच कमेटी में आरसीएच/उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजवीर गंगवार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सनोज मिश्रा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनिल मिश्रा और जिला लेखा प्रबंधक एनएचम आशीष बहादुर को शामिल किया गया। अब टीम बैंक खाते से हुए लेनदेन, चेक से संबंधित अभिलेखों और भुगतान की प्रक्रिया की जांच करेगी। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि धनराशि के अंतरण में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता तो नहीं हुई है। सीएमओ की ओर से जांच के संबंध में पत्र जारी होने बाद बुधवार को टीम जांच करने के लिए नहीं गई।
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यह जानकारी मेरे संज्ञान में 30 सितंबर को आई थी। अपने स्तर से जांच के बाद सात अक्तूबर को सीएमओ से शिकायत की गई है। अब कमेटी बनी है, जो जांच टीम आएगी, उसे मामले के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाएगी। -डॉ. राजकुमार वर्मा, एमओआईसी बिल्सी
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बिल्सी एमओआईसी की ओर से शिकायत मिली है। उसके आधार पर टीम गठित की गई है। टीम के सदस्य जांच कर जो रिपोर्ट देंगे उसके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रोगी कल्याण खाते को सीज कर दिया गया है। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
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बिल्सी में रोगी जन कल्याण खाते से 24 अगस्त को चेक के माध्यम से अधिकरधारा ट्रस्ट के नाम पर 4.90 लाख रुपये भेजे गए थे। एक माह से ज्यादा समय होने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। 30 सितंबर को जब बैंक की ओर से खाता से निकासी की जानकारी आई तो विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई। हालांकि पहले विभागीय स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश की गई, लेकिन मामला बड़ा होने की वजह से एमओआईसी की ओर सीएमओ को पत्र भेजा गया।
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इसके बाद बुधवार को सीएमओ की ओर से गठित जांच कमेटी में आरसीएच/उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजवीर गंगवार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सनोज मिश्रा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनिल मिश्रा और जिला लेखा प्रबंधक एनएचम आशीष बहादुर को शामिल किया गया। अब टीम बैंक खाते से हुए लेनदेन, चेक से संबंधित अभिलेखों और भुगतान की प्रक्रिया की जांच करेगी। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि धनराशि के अंतरण में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता तो नहीं हुई है। सीएमओ की ओर से जांच के संबंध में पत्र जारी होने बाद बुधवार को टीम जांच करने के लिए नहीं गई।
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यह जानकारी मेरे संज्ञान में 30 सितंबर को आई थी। अपने स्तर से जांच के बाद सात अक्तूबर को सीएमओ से शिकायत की गई है। अब कमेटी बनी है, जो जांच टीम आएगी, उसे मामले के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाएगी। -डॉ. राजकुमार वर्मा, एमओआईसी बिल्सी
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बिल्सी एमओआईसी की ओर से शिकायत मिली है। उसके आधार पर टीम गठित की गई है। टीम के सदस्य जांच कर जो रिपोर्ट देंगे उसके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रोगी कल्याण खाते को सीज कर दिया गया है। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ