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Budaun News: बस अड्डे की टूटी बेंच, बंद स्क्रीन और अव्यवस्था से जूझ रहे यात्री
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रोडवेज परिसर में टूटी बेंच पर एक तरफ बैठे यात्री। संवाद
बदायूं। शहर के बीचो-बीच स्थित रोडवेज बस स्टैंड परिसर की स्थिति बदहाल है। यहां पर यात्रियों को बैठने के लिए लगाई गई बेंच टूटी हैं। बसों के आवागमन की सूचना देने वाली स्क्रीन बंद है। साफ- सफाई का भी अभाव है और हैंडपंप खराब है।
बस स्टैंड परिसर में बैठने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं हैं। जो लगी हुई हैं, उसमें अधिकतर टूटी हैं। महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों को खड़े रहकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। बसों के आवागमन के लिए लगाई गई इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन लंबे समय से बंद है। इससे बसों के समय और गंतव्य की सूचना नहीं मिल पाती। नतीजतन यात्रियों को इधर-उधर भटकना पड़ता है।
रोडवेज की ओर से बसों की सूचना देने के लिए बाहर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में बुजुर्गों और महिलाओं को बार-बार बाहर के चक्कर कटाने होते हैं। यात्री रमेश सिंह, ओमेंद्र राना का कहना है कि रोडवेज प्रशासन सिर्फ बसें चलाने तक सीमित है, लेकिन यात्री सुविधाओं पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्वच्छता की स्थिति भी बेहद खराब है। गंदगी और टूटे ढांचे से गुजरना यात्रियों की मजबूरी बन गई है।
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बस स्टैंड परिसर में बैठने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं हैं। जो लगी हुई हैं, उसमें अधिकतर टूटी हैं। महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों को खड़े रहकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। बसों के आवागमन के लिए लगाई गई इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन लंबे समय से बंद है। इससे बसों के समय और गंतव्य की सूचना नहीं मिल पाती। नतीजतन यात्रियों को इधर-उधर भटकना पड़ता है।
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रोडवेज की ओर से बसों की सूचना देने के लिए बाहर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में बुजुर्गों और महिलाओं को बार-बार बाहर के चक्कर कटाने होते हैं। यात्री रमेश सिंह, ओमेंद्र राना का कहना है कि रोडवेज प्रशासन सिर्फ बसें चलाने तक सीमित है, लेकिन यात्री सुविधाओं पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्वच्छता की स्थिति भी बेहद खराब है। गंदगी और टूटे ढांचे से गुजरना यात्रियों की मजबूरी बन गई है।

रोडवेज परिसर में टूटी बेंच पर एक तरफ बैठे यात्री। संवाद

रोडवेज परिसर में टूटी बेंच पर एक तरफ बैठे यात्री। संवाद
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