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सांसद का गोद लिया गांव भी ‘अनाथ’
दहगवां।
Updated Wed, 15 Apr 2015 11:30 PM IST
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सांसद धर्मेंद्र यादव अपने गोद लिए गांव दुर्गपुर जरीफनगर अभी तक नहीं पहुंचे हैं, जबकि किसान फसल बर्बाद होने पर आंसू बहा रहा है। इस गांव के किसानों को अभी कोई राहत भी नहीं बंटी है। किसानों को उम्मीद थी कि इन बुरे हालात में वह उनकी खैर-सुध लेने जरूर आएंगे। हालांकि सांसद के गोद लिए गांव में विकास से गांव के लोग खुश हैं।
गांव दुर्गपुर जरीफनगर के किसान तब अपने को भाग्यशाली समझ रहे थे जब उनके गांव को सांसद धर्मेंद्र यादव ने गोद लिया था। यहां के किसानों पर भी जिले के किसानों के साथ मुसीबत आई। रबी की फसलें तबाह हो गईं। गरीब किसान तो दाने-दाने को मोहताज हो गया। इन हालातों में अपने गोद लिए गांव के दुखी किसानों के पास जाकर उन्हें ढांढस बंधाने का समय भी सांसद शायद नहीं निकाल सके। इसका दर्द छोटे और मझोले किसानों को साल रहा है। दबी जुबान में किसान चर्चा करते हैं। इस गांव के किसान को अभी राहत का कोई चेक भी नहीं मिला है।
गांव के किसानों का ये है कहना
- किसान जवाहर सिंह का कहना है कि सांसद आते तो गांव के किसानों का हौसला बढ़ता और प्रशासनिक अधिकारी भी जल्दी सुनवाई करते।
- किसान भूप सिंह ने बताया कि खराब मौसम के कारण कुछ ज्यादा ही नुकसान किसानों का हो गया। अब तक किसानों को राहत के चेक भी नहीं मिले हैं। अगर, सांसद गांव में आते तो उन्हें पूरी स्थिति पता लग जाती।
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- किसान नरेंद्र सिंह ने कहा है कि आज का समय ऐसा है कि कोई भी अधिकारी/कर्मचारी बिना दबाव के काम नहीं करता। सांसद गांव का ख्याल रखते हैं, लेकिन वह ऐसे समय में गांव आकर गांव वालों की पीड़ा पूछ लेते तो किसानों की हिम्मत बढ़ती।
- किसान रामप्रकाश ने बताया कि पिछले दिनों मौसम ने किसानों को बर्बाद कर दिया। किसानों की इस बर्बादी में क्या मिले-क्या न मिले अभी कुछ पता नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी अन्य जगहों पर तो चेक बंटवा रहे हैं, लेकिन सांसद के गांव में अभी कोई पूछने वाला तक नहीं है।
सांसद ने गांव में आकर तो हाल नहीं जाना, लेकिन थाने आए तो उन्हें बुलवाकर गांव के लोगों की फसलों के बारे में पूछताछ की थी। सांसद उनके गांव के लोगों की पूरी सहायता करवाएंगे। -जितेंद्र यादव, प्रधान सुमन के पति
गांव का रकबा 545.322 है, जिसमें करीब 35 प्रतिशत रकबा की फसलें नष्ट हुई हैं। बड़ा गांव है अभी नहीं तो जल्दी ही किसानों को नुकसान के चेक बन जाएंगे।
ओमकार, लेखपाल।
गांव के किसानों के चेक बनाए जा रहे हैं। जल्दी ही बन जाएंगे। चेक बन जाने के बाद उनका वितरण भी जल्दी ही करा दिया जाएगा।
-हरीशंकर, एसडीएम, सहसवान
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गांव दुर्गपुर जरीफनगर के किसान तब अपने को भाग्यशाली समझ रहे थे जब उनके गांव को सांसद धर्मेंद्र यादव ने गोद लिया था। यहां के किसानों पर भी जिले के किसानों के साथ मुसीबत आई। रबी की फसलें तबाह हो गईं। गरीब किसान तो दाने-दाने को मोहताज हो गया। इन हालातों में अपने गोद लिए गांव के दुखी किसानों के पास जाकर उन्हें ढांढस बंधाने का समय भी सांसद शायद नहीं निकाल सके। इसका दर्द छोटे और मझोले किसानों को साल रहा है। दबी जुबान में किसान चर्चा करते हैं। इस गांव के किसान को अभी राहत का कोई चेक भी नहीं मिला है।
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गांव के किसानों का ये है कहना
- किसान जवाहर सिंह का कहना है कि सांसद आते तो गांव के किसानों का हौसला बढ़ता और प्रशासनिक अधिकारी भी जल्दी सुनवाई करते।
- किसान भूप सिंह ने बताया कि खराब मौसम के कारण कुछ ज्यादा ही नुकसान किसानों का हो गया। अब तक किसानों को राहत के चेक भी नहीं मिले हैं। अगर, सांसद गांव में आते तो उन्हें पूरी स्थिति पता लग जाती।
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- किसान नरेंद्र सिंह ने कहा है कि आज का समय ऐसा है कि कोई भी अधिकारी/कर्मचारी बिना दबाव के काम नहीं करता। सांसद गांव का ख्याल रखते हैं, लेकिन वह ऐसे समय में गांव आकर गांव वालों की पीड़ा पूछ लेते तो किसानों की हिम्मत बढ़ती।
- किसान रामप्रकाश ने बताया कि पिछले दिनों मौसम ने किसानों को बर्बाद कर दिया। किसानों की इस बर्बादी में क्या मिले-क्या न मिले अभी कुछ पता नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी अन्य जगहों पर तो चेक बंटवा रहे हैं, लेकिन सांसद के गांव में अभी कोई पूछने वाला तक नहीं है।
सांसद ने गांव में आकर तो हाल नहीं जाना, लेकिन थाने आए तो उन्हें बुलवाकर गांव के लोगों की फसलों के बारे में पूछताछ की थी। सांसद उनके गांव के लोगों की पूरी सहायता करवाएंगे। -जितेंद्र यादव, प्रधान सुमन के पति
गांव का रकबा 545.322 है, जिसमें करीब 35 प्रतिशत रकबा की फसलें नष्ट हुई हैं। बड़ा गांव है अभी नहीं तो जल्दी ही किसानों को नुकसान के चेक बन जाएंगे।
ओमकार, लेखपाल।
गांव के किसानों के चेक बनाए जा रहे हैं। जल्दी ही बन जाएंगे। चेक बन जाने के बाद उनका वितरण भी जल्दी ही करा दिया जाएगा।
-हरीशंकर, एसडीएम, सहसवान