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Budaun News: आरटीई के तहत दाखिले के लिए भटक रहे अभिभावक

Tue, 28 Jan 2025 12:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jan 2025 12:31 AM IST
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Parents are wandering for admission under RTE
बदायूं। नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत बड़ी संख्या में पात्र विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं हो पा रहा है। अभिभावकों को संबंधित विद्यालय से लेकर शिक्षा विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों के यहां चक्कर लगाना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में शिकायतें बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंच रहीं हैं।
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प्राइवेट स्कूलों ने आरटीई के तहत गरीब बच्चों को दाखिला देने से बचने के लिए नया रास्ता तलाशा है। कुछेक स्कूल पूर्व में अपने आप को बंद भी दिखा चुके हैं तो कुछ जगहों पर आरटीई की वेबसाइट पर स्कूल के बारे में लिखकर आ रहा है कि प्री प्राइमरी कक्षा के लिए विद्यालय मैप नहीं है। स्कूलों और विभाग का आपसी तालमेल न होने की वजह से गरीब बच्चों को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा।
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शासन द्वारा आरटीई के तहत गरीब बच्चों को कांवेंट स्कूलों में निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। हालांकि संबंधित स्कूलों को शासन द्वारा तय मानक के अनुसार पूरे साल की फीस दी जाती है, जिससे स्कूल प्रशासन अभिभावकों से मोटी रकम नहीं वसूल पाते हैं। आरटीई के तहत आरक्षित सीटें न भरनी पड़ें, इसके लिए जिले में कई स्कूलों ने अपने आप को बंद दर्शाकर आरटीई पोर्टल से अपना नाम हटा लिया है, जबकि स्कूल संचालित हैं।
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इस साल पहली सूची में बच्चे को शामिल करने के लिए मोहम्म्द एजाज ने अपनी बेटी इनाया सिद्दीकी का फार्म ऑनलाइन जमा कराया था। स्कूल भी जो चुना उसका नाम आ रहा था। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट लगाकर फार्म को अग्रसारित भी कर दिया, लेकिन स्कूल संचालक ने सीट न होने का हवाला देकर आवेदन निरस्त कर दिया।
उसके बाद दूसरी लिस्ट के ऑनलाइन आवेदन किया तो स्कूल का नाम ही गायब हो गया। जब लोगों ने आरटीई के पोर्टल पर बच्चे का एडमिशन कराने के लिए आवेदन किया तो पोर्टल पर अच्छे स्कूलों का नाम ही नहीं आ रहा था। ऐसे स्कूलों के नाम आ रहे हैं जो गली-कूंचों में चल रहे हैं। या फिर बंद पड़े हैं। ऐसे में अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


इसकी वजह से बच्चों के दाखिले नहीं हो पा रहे हैं। लोगों को मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत की है। इस संबंध में बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इसकी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो इसको दिखवाते हैं। कहां पर दिक्कत आ रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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