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पुलिस लाइन में दीक्षांत समारोह, पीएसी में शामिल हुए 200 रिक्रूट
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दीक्षांत समारोह में रिक्रूट को प्रतीक चिह्न व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करते एडीजी राजकुमार। सं
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। पुलिस लाइन मैदान पर मंगलवार को दीक्षांत समारोह आयोजित हुुआ, जिसमें दो सौ रिक्रूटों ने पासिंग आउट परेड में भाग लिया। इस मौके पर मौजूद एडीजी राजकुमार, डीएम दीपा रंजन और एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने उन्हें निष्ठा और अनुशासित ढंग से ड्यूटी करने की शपथ दिलाई, साथ ही उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। सभी रिक्रूट अब पीएसी में शामिल हो गए हैं।
इस मौके पर एडीजी राजकुमार ने कहा कि सिपाही हर वक्त सजगता से ड्यूटी करें। अधिकारियों के हर निर्देश का पालन करना ही ड्यूटी का दूसरा नाम है। इसमें लापरवाही न करें और अपने अधिकारियों से हमेशा पारदर्शिता बनाए रखें। डीएम दीपा रंजन ने कहा कि सुरक्षित समाज बनाना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। अपराधियों पर नकेल कसें और अपराध समाप्त करें। एसएसपी ने कहा कि यह गर्व की बात है जो आप लोग पुलिस का हिस्सा बने। केवल अपराधियों को ही नहीं बल्कि, अपराध को समाज से खत्म करने का काम करें।
इसके बाद एडीजी ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले 11 रिक्रूट को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इसके अलावा सभी दो सौ रिक्रूटों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। इस दौरान एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान, एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा, सीओ सिटी आलोक मिश्रा, सीओ उझानी शक्ति सिंह, आरआई हकीमुद्दीन, आरटीसी प्रभारी इंद्रपाल सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
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इन रिक्रूटों ने प्राप्त किया प्रथम स्थान
प्रशिक्षण के दौरान दो रिक्रूटों के पांच समूह बनाए गए थे। पहले समूह में आकाश कुमार, दूसरे समूूह में दीपक कुमार, तीसरे में सतेंद्र कुमार, चौथे में लाखन सिंह और पांचवें समूह में रवि कुमार प्रथम स्थान पर आए, जबकि संजीव कुमार ने शारीरिक प्रशिक्षण में प्रथम स्थान प्राप्त किया। रवेंद्र सिंह ने पदाति में, पंकज कुमार ने फायरिंग में, दीपेंद्र कुमार ने शस्त्र में, अमित कुमार ने फील्ड क्राफ्ट और शिवम शर्मा ने साक्षात्कार में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
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इन बटालियन में शामिल हुए रिक्रूट
पुलिस लाइन में प्रशिक्षण ले रहे दो सौ रिक्रूटों में से 96 रिक्रूट 49 वीं वटालियन नोएडा भेजे गए हैं। 22 रिक्रूट 38 वीं बटालियन अलीगढ़, एक रिक्रूट 41 वीं बटालियन गाजियाबाद भेजा गया है, जबकि 69 रिक्रूट 37 वीं बटालियन कानपुर और 12 रिक्रूट 15 वीं बटालियन आगरा भेजे गए हैं।
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फोटो---20
मैं बुलंदशहर जिले में शिकारपुर थाना क्षेत्र के गांव भटौला का रहने वाला हूं। मैंने बीएससी और बीएड किया है। पिता सीआरएफ में एसआई हैं। उनसे मुझे मार्गदर्शन मिला। मैं उनकी ड्यूटी देखकर बड़ा हुआ हूं। पढ़ाई नौकरी के लिए कर रहा था लेकिन देश सेवा का जज्बा यहां खींच लाया।
- शिवम शर्मा, बुलंदशहर
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फोटो---21
मेरे पिता कृष्णपाल सिंह आर्मी से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने मुझे बचपन से सिखाया है कि देश से बड़ा कोई नहीं होता। आज उन्हीं की सीख यहां ले आई। उनका आशीर्वाद है कि मैं पीएसी में भर्ती हुआ हूं। मैं मूलरूप से बुलंदशहर के बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव नैसोरखा का रहने वाला हूं। मैं तीन भाइयों में सबसे छोटा हूं।
- आकाश कुमार, बुलंदशहर
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फोटो---22
मैं बुलंदशहर जिले में श्याहना थाना क्षेत्र के गांव रानापुर का रहने वाला हूं। पिता महेश चंद्र खेतीबाड़ी करते हैं। मैंने बीकॉम किया। खेतीबाड़ी में पिता का हाथ बटाया। उनका आशीर्वाद था कि पढ़ाई के बाद मुझे पीएसी में नौकरी मिल गई। अब देश सेवा करना चाहता हूं। जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी करूंगा।
- संजीव कुमार, बुलंदशहर
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फोटो---23
मेरे पिता सत्यप्रकाश किसान हैं। उन्होंने मुझे पढ़ाया लिखाया। उन्होंने मुझे पोस्ट ग्रेजुएट कराया, फिर बीएड कराया। इस समय मैं टीजीटी की तैयारी भी कर रहा हूं। जब मैंने इसमें आवेदन किया तो मेरा चयन हो गया और मैं अब पीएसी में भर्ती हो गया। मूलरूप से अलीगढ़ जिले में मडराक थाना क्षेत्र के गांव भकरौला का रहने वाला हूं।
- रवि कुमार, अलीगढ़
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इस मौके पर एडीजी राजकुमार ने कहा कि सिपाही हर वक्त सजगता से ड्यूटी करें। अधिकारियों के हर निर्देश का पालन करना ही ड्यूटी का दूसरा नाम है। इसमें लापरवाही न करें और अपने अधिकारियों से हमेशा पारदर्शिता बनाए रखें। डीएम दीपा रंजन ने कहा कि सुरक्षित समाज बनाना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। अपराधियों पर नकेल कसें और अपराध समाप्त करें। एसएसपी ने कहा कि यह गर्व की बात है जो आप लोग पुलिस का हिस्सा बने। केवल अपराधियों को ही नहीं बल्कि, अपराध को समाज से खत्म करने का काम करें।
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इसके बाद एडीजी ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले 11 रिक्रूट को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इसके अलावा सभी दो सौ रिक्रूटों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। इस दौरान एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान, एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा, सीओ सिटी आलोक मिश्रा, सीओ उझानी शक्ति सिंह, आरआई हकीमुद्दीन, आरटीसी प्रभारी इंद्रपाल सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
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इन रिक्रूटों ने प्राप्त किया प्रथम स्थान
प्रशिक्षण के दौरान दो रिक्रूटों के पांच समूह बनाए गए थे। पहले समूह में आकाश कुमार, दूसरे समूूह में दीपक कुमार, तीसरे में सतेंद्र कुमार, चौथे में लाखन सिंह और पांचवें समूह में रवि कुमार प्रथम स्थान पर आए, जबकि संजीव कुमार ने शारीरिक प्रशिक्षण में प्रथम स्थान प्राप्त किया। रवेंद्र सिंह ने पदाति में, पंकज कुमार ने फायरिंग में, दीपेंद्र कुमार ने शस्त्र में, अमित कुमार ने फील्ड क्राफ्ट और शिवम शर्मा ने साक्षात्कार में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
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इन बटालियन में शामिल हुए रिक्रूट
पुलिस लाइन में प्रशिक्षण ले रहे दो सौ रिक्रूटों में से 96 रिक्रूट 49 वीं वटालियन नोएडा भेजे गए हैं। 22 रिक्रूट 38 वीं बटालियन अलीगढ़, एक रिक्रूट 41 वीं बटालियन गाजियाबाद भेजा गया है, जबकि 69 रिक्रूट 37 वीं बटालियन कानपुर और 12 रिक्रूट 15 वीं बटालियन आगरा भेजे गए हैं।
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मैं बुलंदशहर जिले में शिकारपुर थाना क्षेत्र के गांव भटौला का रहने वाला हूं। मैंने बीएससी और बीएड किया है। पिता सीआरएफ में एसआई हैं। उनसे मुझे मार्गदर्शन मिला। मैं उनकी ड्यूटी देखकर बड़ा हुआ हूं। पढ़ाई नौकरी के लिए कर रहा था लेकिन देश सेवा का जज्बा यहां खींच लाया।
- शिवम शर्मा, बुलंदशहर
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मेरे पिता कृष्णपाल सिंह आर्मी से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने मुझे बचपन से सिखाया है कि देश से बड़ा कोई नहीं होता। आज उन्हीं की सीख यहां ले आई। उनका आशीर्वाद है कि मैं पीएसी में भर्ती हुआ हूं। मैं मूलरूप से बुलंदशहर के बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव नैसोरखा का रहने वाला हूं। मैं तीन भाइयों में सबसे छोटा हूं।
- आकाश कुमार, बुलंदशहर
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मैं बुलंदशहर जिले में श्याहना थाना क्षेत्र के गांव रानापुर का रहने वाला हूं। पिता महेश चंद्र खेतीबाड़ी करते हैं। मैंने बीकॉम किया। खेतीबाड़ी में पिता का हाथ बटाया। उनका आशीर्वाद था कि पढ़ाई के बाद मुझे पीएसी में नौकरी मिल गई। अब देश सेवा करना चाहता हूं। जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी करूंगा।
- संजीव कुमार, बुलंदशहर
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मेरे पिता सत्यप्रकाश किसान हैं। उन्होंने मुझे पढ़ाया लिखाया। उन्होंने मुझे पोस्ट ग्रेजुएट कराया, फिर बीएड कराया। इस समय मैं टीजीटी की तैयारी भी कर रहा हूं। जब मैंने इसमें आवेदन किया तो मेरा चयन हो गया और मैं अब पीएसी में भर्ती हो गया। मूलरूप से अलीगढ़ जिले में मडराक थाना क्षेत्र के गांव भकरौला का रहने वाला हूं।
- रवि कुमार, अलीगढ़