{"_id":"6085c70e8ebc3e8dc506fb88","slug":"oxygen-cylinder-crises-badaun-news-bly444979924","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म, मरीजों के सामने संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म, मरीजों के सामने संकट
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बदायूं का जिला अस्पताल।
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बदायूं। उत्तराखंड के काशीपुर ऑक्सीजन प्लांट से जिले को ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू होने के बाद जो हालात कुछ सुधरे थे, वह रविवार को फिर बिगड़ गए। एक बार फिर से ऑक्सीजन को लेकर आपात स्थिति पैदा हो गई है। दरअसल, बरेली के प्लांट ने बदायूं को ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी है। इससे अधिकारियों के हाथ-पांव फिर फूल गए हैं। रविवार को प्रशासन के साथ मेडिकल कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ऑक्सीजन की व्यवस्थाओं में जुटा रहा। इस बीच जिला अस्पताल में भी ऑक्सीजन खत्म हो गई है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 140 बेड की व्यवस्था है। यहां भर्ती संक्रमित मरीजों की संख्या 80 तक पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर की हालत नाजुक है। इतना ही नहीं 60 संक्रमितों को ऑक्सीजन पर रखा गया है। लगातार बढ़ती ऑक्सीजन की खपत से मेडिकल कॉलेज में कई दिन से ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई थी। हालात को काबू में रखने के लिए जिले भर के सीएचसी और पीएचसी से ऑक्सीजन के सिलिंडर तीन दिन पहले ही मेडिकल कॉलेज भेज दिए गए थे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज को 20 पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन भी उपलब्ध कराई गईं।
शनिवार को बरेली प्लांट से मेडिकल कॉलेज को 40 और काशीपुर प्लांट से 60 सिलिंडर ऑक्सीजन मिलने के बाद हालात कुछ काबू में होते नजर आ रहे थे। लेकिन एक बार फिर से स्थिति बिगड़ती दिख रही है। रविवार को जिला अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हो गई। बरेली से भी सप्लाई नहीं मिली। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने गंभीर मरीजों को लेकर हाथ खड़े करना शुरू कर दिए हैं।
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दरअसल, परिवार को बरेली प्लांट बंद होने के कारण यहां से सप्लाई ही नहीं मिली। देर रात काशीपुर प्लांट से 60 सिलिंडर की सप्लाई पहुंचने की बात कही जा रही है। एक बार फिर से मेडिकल कॉलेज ने बैकअप का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इस बीच रविवार को जिला महिला अस्पताल से ऑक्सीजन के भरे हुए 20 सिलिंडर भी मेडिकल कॉलेज भेज दिए गए हैं। अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि मांग के अनुरूप ऑक्सीजन सप्लाई न मिलने के कारण हालात कब नियंत्रण से बाहर हो जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता। किसी तरह से वह स्थिति को संभाले हुए हैं।
काशीपुर ने भी निर्बाध आपूर्ति जारी रखने को नहीं भरी हामी
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि बरेली प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो चुकी है। वहां संपर्क करने पर मालूम हुआ है कि कच्चा माल न होने के कारण ऑक्सीजन का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इधर, काशीपुर ऑक्सीजन प्लांट ने भी निर्बाध ऑक्सीजन सप्लाई जारी रखने में असमर्थता जताई है। ऐसे में अगर काशीपुर प्लांट से भी ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो जाती है तो समस्या होगी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के साथ पूरा प्रशासनिक अमला ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति के लिए हर स्तर पर जुटा हुआ है। निजी डीलरों के यहां से जब्त किए गए ऑक्सीजन सिलिंडर भी मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराए गए हैं।
एंबुलेंस 102 और 108 में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था
भले ही जिला अस्पताल में ऑक्सीजन का स्टॉक शून्य पर आ गया हो और राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन को लेकर आपात स्थिति पैदा हो गई हो, लेकिन गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस 102 और 108 में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है। सोमवार शाम तक एंबुलेंस के लिए अलीगढ़ से ऑक्सीजन सिलिंडर की एक खेप और मिल जाएगी। जिले में 41 एंबुलेंस 102 और 36 एंबुलेंस 108 हैं। प्रत्येक एंबुलेंस के पास ऑक्सीजन के सिलिंडर हैं। इसके अलावा वैकअप भी रखा गया है। सोमवार को अलीगढ़ से ऑक्सीजन की एक खेप और पहुंच जाएगी। ऐसे में रेफर की स्थिति में गंभीर मरीजों के सामने ऑक्सीजन की समस्या नहीं आएगी।
जिला अस्पताल प्रशासन ने खड़े किए हाथ
बदायूं। ऑक्सीजन का स्टॉक खत्म होने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने एक तरह से हाथ खड़े कर लिए हैं। हालांकि, यहां ऑक्सीजन का ज्यादा खपत नहीं है। कोरोना संक्रमित यहां भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। सांस संबंधी रोगियों को ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे मरीजों को भर्ती करने के स्थान पर अस्पताल प्रशासन ने रेफर करना शुरू कर दिया है।
जिला अस्पताल को बरेली से ऑक्सीजन की सप्लाई मिलती है। कई दिन से यहां सप्लाई नहीं आई है। जिला अस्पताल में 78 छोटे और 29 बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। इस समय यहां भर्ती मरीजों की संख्या 100 के करीब है। यह संख्या प्रतिदिन घटती-बढ़ती रहती है। ऐसे मरीज नहीं हैं जिनको ऑक्सीजन की जरूरत हो। ज्यादा गंभीर मरीजों को अब पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन से ऑक्सीजन दी जा रही है। सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम ने बताया कि ऑक्सीजन की सप्लाई न मिलने के कारण वैकअप भी खत्म हो गया है। ऐसे मरीजों को जिनको ऑक्सीजन की जरूरत है भर्ती नहीं किया जा रहा है। ऑक्सीजन की कमी से किसी की जान जाने की बात से उन्होंने इंकार किया।
बरेली के प्लांट में ऑक्सीजन उत्पादन बंद होने से वहां से सप्लाई रुक गई है। ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित रहे, इसके लिए पूरा प्रशासनिक हमला जुटा हुआ है। काशीपुर प्लांट से 60 सिलिंडर की एक और खेत देर रात तक पहुंच जाएगी। महिला अस्पताल से ऑक्सीजन की 20 सिलिंडर मिले हैं। सीडीओ, एडीएम समेत प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालत पर नजर बनाए हुए हैं। पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें मिलने से कुछ राहत मिली है। पूरी टीम जुटी हुई है। हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे। - डॉ. ज्ञानेंद्र, नोडल अधिकारी ऑक्सीजन
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 140 बेड की व्यवस्था है। यहां भर्ती संक्रमित मरीजों की संख्या 80 तक पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर की हालत नाजुक है। इतना ही नहीं 60 संक्रमितों को ऑक्सीजन पर रखा गया है। लगातार बढ़ती ऑक्सीजन की खपत से मेडिकल कॉलेज में कई दिन से ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई थी। हालात को काबू में रखने के लिए जिले भर के सीएचसी और पीएचसी से ऑक्सीजन के सिलिंडर तीन दिन पहले ही मेडिकल कॉलेज भेज दिए गए थे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज को 20 पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन भी उपलब्ध कराई गईं।
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शनिवार को बरेली प्लांट से मेडिकल कॉलेज को 40 और काशीपुर प्लांट से 60 सिलिंडर ऑक्सीजन मिलने के बाद हालात कुछ काबू में होते नजर आ रहे थे। लेकिन एक बार फिर से स्थिति बिगड़ती दिख रही है। रविवार को जिला अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हो गई। बरेली से भी सप्लाई नहीं मिली। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने गंभीर मरीजों को लेकर हाथ खड़े करना शुरू कर दिए हैं।
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दरअसल, परिवार को बरेली प्लांट बंद होने के कारण यहां से सप्लाई ही नहीं मिली। देर रात काशीपुर प्लांट से 60 सिलिंडर की सप्लाई पहुंचने की बात कही जा रही है। एक बार फिर से मेडिकल कॉलेज ने बैकअप का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इस बीच रविवार को जिला महिला अस्पताल से ऑक्सीजन के भरे हुए 20 सिलिंडर भी मेडिकल कॉलेज भेज दिए गए हैं। अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि मांग के अनुरूप ऑक्सीजन सप्लाई न मिलने के कारण हालात कब नियंत्रण से बाहर हो जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता। किसी तरह से वह स्थिति को संभाले हुए हैं।
काशीपुर ने भी निर्बाध आपूर्ति जारी रखने को नहीं भरी हामी
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि बरेली प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो चुकी है। वहां संपर्क करने पर मालूम हुआ है कि कच्चा माल न होने के कारण ऑक्सीजन का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इधर, काशीपुर ऑक्सीजन प्लांट ने भी निर्बाध ऑक्सीजन सप्लाई जारी रखने में असमर्थता जताई है। ऐसे में अगर काशीपुर प्लांट से भी ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो जाती है तो समस्या होगी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के साथ पूरा प्रशासनिक अमला ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति के लिए हर स्तर पर जुटा हुआ है। निजी डीलरों के यहां से जब्त किए गए ऑक्सीजन सिलिंडर भी मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराए गए हैं।
एंबुलेंस 102 और 108 में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था
भले ही जिला अस्पताल में ऑक्सीजन का स्टॉक शून्य पर आ गया हो और राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन को लेकर आपात स्थिति पैदा हो गई हो, लेकिन गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस 102 और 108 में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है। सोमवार शाम तक एंबुलेंस के लिए अलीगढ़ से ऑक्सीजन सिलिंडर की एक खेप और मिल जाएगी। जिले में 41 एंबुलेंस 102 और 36 एंबुलेंस 108 हैं। प्रत्येक एंबुलेंस के पास ऑक्सीजन के सिलिंडर हैं। इसके अलावा वैकअप भी रखा गया है। सोमवार को अलीगढ़ से ऑक्सीजन की एक खेप और पहुंच जाएगी। ऐसे में रेफर की स्थिति में गंभीर मरीजों के सामने ऑक्सीजन की समस्या नहीं आएगी।
जिला अस्पताल प्रशासन ने खड़े किए हाथ
बदायूं। ऑक्सीजन का स्टॉक खत्म होने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने एक तरह से हाथ खड़े कर लिए हैं। हालांकि, यहां ऑक्सीजन का ज्यादा खपत नहीं है। कोरोना संक्रमित यहां भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। सांस संबंधी रोगियों को ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे मरीजों को भर्ती करने के स्थान पर अस्पताल प्रशासन ने रेफर करना शुरू कर दिया है।
जिला अस्पताल को बरेली से ऑक्सीजन की सप्लाई मिलती है। कई दिन से यहां सप्लाई नहीं आई है। जिला अस्पताल में 78 छोटे और 29 बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। इस समय यहां भर्ती मरीजों की संख्या 100 के करीब है। यह संख्या प्रतिदिन घटती-बढ़ती रहती है। ऐसे मरीज नहीं हैं जिनको ऑक्सीजन की जरूरत हो। ज्यादा गंभीर मरीजों को अब पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन से ऑक्सीजन दी जा रही है। सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम ने बताया कि ऑक्सीजन की सप्लाई न मिलने के कारण वैकअप भी खत्म हो गया है। ऐसे मरीजों को जिनको ऑक्सीजन की जरूरत है भर्ती नहीं किया जा रहा है। ऑक्सीजन की कमी से किसी की जान जाने की बात से उन्होंने इंकार किया।
बरेली के प्लांट में ऑक्सीजन उत्पादन बंद होने से वहां से सप्लाई रुक गई है। ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित रहे, इसके लिए पूरा प्रशासनिक हमला जुटा हुआ है। काशीपुर प्लांट से 60 सिलिंडर की एक और खेत देर रात तक पहुंच जाएगी। महिला अस्पताल से ऑक्सीजन की 20 सिलिंडर मिले हैं। सीडीओ, एडीएम समेत प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालत पर नजर बनाए हुए हैं। पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें मिलने से कुछ राहत मिली है। पूरी टीम जुटी हुई है। हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे। - डॉ. ज्ञानेंद्र, नोडल अधिकारी ऑक्सीजन