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राजकीय मेडिकल कॉलेज में दो घंटे बिना ऑक्सीजन के रहे संक्रमित
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बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना संक्रमितों के सामने ऑक्सीजन की किल्लत के चलते जान पर बनी हुई है। यहां सौ से ज्यादा संक्रमितों का इलाज चल रहा है। इनमें ज्यादातर को ऑक्सीजन पर रखना पड़ रहा है। रविवार रात एक बार फिर से कई संक्रमितों की ऑक्सीजन रोकनी पड़ी। दरअसल ऑक्सीजन बैकअप शून्य की ओर आने लगा था। हालांकि, सोमवार को बरेली से 200 ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई मिलने के बाद थोड़ी राहत मिली है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में 15 दिन से ऑक्सीजन संकट बना हुआ है। कई बार बैकअप खत्म होने पर किसी तरह से काम चलाया गया। इस दौरान सीएचसी-पीएचसी, जिला महिला अस्पताल तक के ऑक्सीजन सिलिंडर मेडिकल कॉलेज में खपाने पड़े। शनिवार को बरेली और काशीपुर से ऑक्सीजन सप्लाई न मिलने पर दिन में करीब तीन घंटे तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती संक्रमितों को ऑक्सीजन नहीं मिल सकी। इससे उनकी जान पर बन आई। बाद में कुछ समाजसेवियों ने ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराए। जिससे किसी तरह काम चलता रहा, लेकिन रात में एक बार फिर से संकट खड़ा हो गया। इससे कई ऐसे संक्रमितों की ऑक्सीजन बंद करनी पड़ी जिनके ऑक्सीजन स्तर में सुधार हो रहा था। करीब दो घंटे तक संक्रमित बिना ऑक्सीजन के रहे। कई संक्रमितों ने अपने परिवार वालों को इस बारे में कॉल करके सूचना भी दी। हालांकि, बाद में बरेली से 200 ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई मिल गई।
समय से नहीं मिल रहा भोजन, गुणवत्ता भी खराब
एक तरफ मेडिकल कॉलेज को मांग के अनुरूप ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है वहीं अब संक्रमितों को समय से भोजन भी नहीं मिल रहा है। जो भोजन मिल रहा है उसकी गुणवत्ता भी बेहद खराब है। कई संक्रमितों ने इस बारे में अपने परिचितों को कॉल करके शिकायत की है। उनका कहना है कि अगर वह किसी नोडल अधिकारी को कॉल करते हैं तो कॉल रिसीव ही नहीं होती। कंट्रोल रूम में सूचना देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। कई संक्रमितों के परिवार वाले तो मरीज की छुट्टी कराकर किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने के लिए सिफारिशें तक कराने लगे हैं।
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मौत हुई सतेंद्र की, प्रमाण पत्र बना दिया सत्य प्रकाश के नाम का
राजकीय मेडिकल कॉलेज में लापरवाही लगातार सामने आ रही हैं। शहर के पटियाली सराय निवासी सतेंद्र गुप्ता पुत्र ब्रजपाल गुप्ता संक्रमित होने के बाद तीन दिन से मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। सोमवार सुबह यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इससे पहले उन्होने अपने परिवार वालों को कॉल करके अव्यवस्थाओं के बारे में बताया। गौर करने वाली बात यह है कि परिवार वाले जब उनका शव लेने मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उनको मृत्यु प्रमाण पत्र सत्य प्रकाश गुप्ता के नाम का दिया गया। जिस पर परिजन ने रोष जाहिर किया।
खपत के अनुपात में ऑक्सीजन न मिलने के कारण समस्या तो आ ही रही है। संक्रमित जल्द स्वस्थ हों, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बरेली से 200 ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई मिल गई है। अभी ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। - डॉ. राम मिलन, कोविड नोडल अधिकारी
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में 15 दिन से ऑक्सीजन संकट बना हुआ है। कई बार बैकअप खत्म होने पर किसी तरह से काम चलाया गया। इस दौरान सीएचसी-पीएचसी, जिला महिला अस्पताल तक के ऑक्सीजन सिलिंडर मेडिकल कॉलेज में खपाने पड़े। शनिवार को बरेली और काशीपुर से ऑक्सीजन सप्लाई न मिलने पर दिन में करीब तीन घंटे तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती संक्रमितों को ऑक्सीजन नहीं मिल सकी। इससे उनकी जान पर बन आई। बाद में कुछ समाजसेवियों ने ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराए। जिससे किसी तरह काम चलता रहा, लेकिन रात में एक बार फिर से संकट खड़ा हो गया। इससे कई ऐसे संक्रमितों की ऑक्सीजन बंद करनी पड़ी जिनके ऑक्सीजन स्तर में सुधार हो रहा था। करीब दो घंटे तक संक्रमित बिना ऑक्सीजन के रहे। कई संक्रमितों ने अपने परिवार वालों को इस बारे में कॉल करके सूचना भी दी। हालांकि, बाद में बरेली से 200 ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई मिल गई।
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समय से नहीं मिल रहा भोजन, गुणवत्ता भी खराब
एक तरफ मेडिकल कॉलेज को मांग के अनुरूप ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है वहीं अब संक्रमितों को समय से भोजन भी नहीं मिल रहा है। जो भोजन मिल रहा है उसकी गुणवत्ता भी बेहद खराब है। कई संक्रमितों ने इस बारे में अपने परिचितों को कॉल करके शिकायत की है। उनका कहना है कि अगर वह किसी नोडल अधिकारी को कॉल करते हैं तो कॉल रिसीव ही नहीं होती। कंट्रोल रूम में सूचना देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। कई संक्रमितों के परिवार वाले तो मरीज की छुट्टी कराकर किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने के लिए सिफारिशें तक कराने लगे हैं।
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मौत हुई सतेंद्र की, प्रमाण पत्र बना दिया सत्य प्रकाश के नाम का
राजकीय मेडिकल कॉलेज में लापरवाही लगातार सामने आ रही हैं। शहर के पटियाली सराय निवासी सतेंद्र गुप्ता पुत्र ब्रजपाल गुप्ता संक्रमित होने के बाद तीन दिन से मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। सोमवार सुबह यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इससे पहले उन्होने अपने परिवार वालों को कॉल करके अव्यवस्थाओं के बारे में बताया। गौर करने वाली बात यह है कि परिवार वाले जब उनका शव लेने मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उनको मृत्यु प्रमाण पत्र सत्य प्रकाश गुप्ता के नाम का दिया गया। जिस पर परिजन ने रोष जाहिर किया।
खपत के अनुपात में ऑक्सीजन न मिलने के कारण समस्या तो आ ही रही है। संक्रमित जल्द स्वस्थ हों, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बरेली से 200 ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई मिल गई है। अभी ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। - डॉ. राम मिलन, कोविड नोडल अधिकारी