फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   oxygen crises

मांग 240 की, मिल रहे 120 ऑक्सीजन सिलिंडर

Sun, 02 May 2021 12:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 May 2021 12:55 AM IST
विज्ञापन
oxygen crises
बदायूं। ऑक्सीजन की कमी के कारण हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ मेडिकल कॉलेज प्रशासन के लाख प्रयासों के बाद भी राजकीय मेडिकल कॉलेज को मांग के अनुरूप ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। इस बीच मेडिकल कॉलेज में संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बमुश्किल किसी तरह से हालात पर नियंत्रण रखा जा रहा है।
विज्ञापन

राजकीय मेडिकल कॉलेज में इन दिनों 100 से ज्यादा गंभीर कोरोना संक्रमितों को ऑक्सीजन पर रखा गया है। गौर करने वाली बात यह है कि यहां हर घंटे करीब 10 ऑक्सीजन सिलिंडर की खपत है। इस तरह 24 घंटे में करीब 240 ऑक्सीजन सिलिंडर की मेडिकल कॉलेज को जरूरत है, लेकिन बरेली और काशीपुर ऑक्सीजन प्लांट से 120 सिलिंडर की ही मिल पा रही है। इसी कारण है कि अब तक कई बार आपात हालात पैदा हो चुके हैं। बृहस्पतिवार रात भी ऑक्सीजन बैकअप शून्य पर आने की स्थिति में जिले के सीएचसी-पीएचसी से ऑक्सीजन सिलिंडर जुटाकर स्थिति संभाली गई थी। इस बीच मेडिकल कॉलेज में लगातार संक्रमितों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं। कहा यह भी जा रहा है कि मौत के सही आंकड़ों को छिपाया जा रहा है।
विज्ञापन

राजकीय मेडिकल कॉलेज में 300 बेड के राजकीय मेडिकल कॉलेज में संक्रमितों के लिए 45 बेड का आईसीयू है। इसके अलावा 140 और बेड हैं। खुद अधिकारी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि कुल संक्रमितों में 95 फीसदी को ऑक्सीजन पर रखा जा रहा है। ऑक्सीजन की कमी के कारण बार-बार हालात बेकाबू हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मांग के अनुरूप ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी को पूरा किया जा रहा है। बरेली और काशीपुर से सप्लाई मिल रही है, लेकिन हालात लगातार आपात बने हुए हैं। संक्रमितों की संख्या न बढ़े, इसके लिए लोगों को भी बचाव की जरूरत है। कोरोना गाइड लाइन का सख्ती के साथ पालन करना होगा। - डॉ. यशपाल सिंह, सीएमओ
तीन सेक्टर मजिस्ट्रेट जुटे, फिर भी नहीं बन रहा समन्वय
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के साथ जिला अस्पताल में ऑक्सीजन के साथ जीवन रक्षक दवाओं की कोई कमी न हो और आने वाले मरीजों को भर्ती करने के साथ समुचित इलाज मिले, इसके लिए डीएम दीपा रंजन ने दो दिन पहले तीन सेक्टर मजिस्ट्रेट को जिम्मेदारी थी। तहसीलदार सदर करनवीर सिंह को राजकीय मेडिकल कॉलेज, नायब तहसीलदार आशीष सक्सेना को जिला अस्पताल और नायब तहसीलदार जितेंद्र वर्मा को जिला महिला अस्पताल की जिम्मेदारी दी गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखते हुए सभी स्थानों पर समुचित व्यवस्थाओं के लिए यह कदम उठाया गया था, लेकिन इसके बाद भी व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रहीं। खुद तहसीलदार करनवीर सिंह भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं।
ऑक्सीजन के लिए बरेली दौड़ी प्रशासनिक टीम, इसके बाद मिल सकी सप्लाई
बदायूं। जिला अस्पताल में लगातार ऑक्सीजन संकट बना हुआ है। यहां गंभीर सांस संबंधी रोगियों के लिए ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही। एक बार फिर से ऑक्सीजन बैकअप शून्य पर आने के बाद नायब तहसीलदार आशीष कुमार सक्सेना ने टीम के साथ खुद बरेली तक की दौड़ लगाई। इसके बाद यहां ऑक्सीजन मिल सकी, लेकिन मांग के अनुरूप सप्लाई न मिलने से फिर हालात खराब हो रहे हैं।
जिला अस्पताल के पास 78 छोटे और 29 बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। एक अनुमान के अनुसार यहां इन दिनों ऑक्सीजन की मांग 24 घंटे में 20 सिलिंडर तक पहुंच गई है, लेकिन आठ-दस सिलिंडर की भी सप्लाई नहीं मिल पा रही। पिछले सप्ताह ऑक्सीजन कोटा शून्य पर आने के बाद चार लोगों की यहां जान भी चली गई थी, लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत होने की बात को नकार दिया। शुक्रवार को फिर से यहां ऑक्सीजन बैकअप शून्य पर आ गया। इसके बाद जिला अस्पताल के सेक्टर मजिस्ट्रेट आशीष सक्सेना को ऑक्सीजन के लिए खुद ही बरेली तक की दौड़ लगानी पड़ी। शनिवार को एक बार फिर से हालात आपात हालात पैदा होने पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक टीम ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित कराने बरेली गई है।
तनाव में आए लोग घरों में रख रहे ऑक्सीजन सिलिंडर
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों के साथ मौतों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लोग तनाव में आ रहे हैं। जिले में अब तक आठ हजार से ज्यादा संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें काफी संख्या में स्वस्थ भी हो चुके हैं। करीब 2800 संक्रमित घरों में क्वारंटीन हैं। घरों में क्वारंटीन संक्रमित किसी न किसी जुगाड़ से ऑक्सीजन सिलिंडर जुटा कर घरों में रख रहे हैं। सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि मांग से ज्यादा ऑक्सीजन की उपलब्धता है। दूसरी ओर चिकित्सा संस्थानों में ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई है। लोगों के घरों में ऑक्सीजन सिलिंडर रखने के कारण यह किल्लत होने की बात कही जा रही है।
काफी ऐसे लोग भी हैं जो घरों में ऑक्सीजन सिलिंडर रख रहे हैं। चिकित्सा संस्थानों में ऑक्सीजन की कमी का यह भी एक कारण हो सकता है। मेडिकल कॉलेज के लिए हर घंटे करीब 10 सिलिंडर की जरूरत है, लेकिन खपत के अनुरूप सप्लाई नहीं मिल पा रही। जिला अस्पताल ऑक्सीजन की कमी होने पर मैं खुद बरेली गया था। कुछ सिलिंडर मिले हैं। बरेली प्लांट से संपर्क बना हुआ है। किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। - आशीष सक्सेना, नायब तहसीलदार/सेक्टर मजिस्ट्रेट

ऑक्सीजन की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। हालात गंभीर बने हुए हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेट भी ऑक्सीजन प्लांट और मेरे संपर्क में हैं। मांग के अनुरूप ऑक्सीजन उपलब्ध हो सके, इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। - डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed