फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   other

बकाया मांगा तो पालिका ने 25 साल का उधार बताते हुए कर दिया %तकाजा%

Fri, 09 Aug 2019 02:06 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 09 Aug 2019 02:06 AM IST
विज्ञापन
other
बदायूं। पावर कॉरपोरेशन का जिले के सभी विभागों पर कुछ न कुछ बकाया जा चल रहा है। ऐसे में जब पावर कॉरपोरेशन की ओर से नगर पालिका के जलकल विभाग पर चल रहे एक साल के एक करोड़ 68 लाख रुपये बकाये को लेकर बिल भेजा गया, तो पालिका ने उल्टा पावर कॉरपोरेशन को ही अपना बकायेदार बताते हुए तकाजा कर दिया। केवल इतना ही नहीं पालिका ने विभाग पर वर्ष 1994 से पिछले 25 साल का एक करोड़ 92 लाख का बकाया निकालकर उसके सामने रख दिया। पालिका का तर्क है कि वर्ष 1994 से अब तक उसकी जमीन पर पावर कॉरपोरशन के खंभे और ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं, जिसका किराया विभाग को देना है। अब पालिका के बकाया निकाले जाने पर पावर कॉरपोरेशन ने कोर्ट के एक आदेश का हवाला दिया है, जिसमें इस तरह का कोई भी बकाया विभाग पर नहीं निकाला जा सकता।
विज्ञापन

शहर में पेयजल, पथ प्रकाश आदि जनसुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगर पालिका की होती है। पथप्रकाश के लिए कनेक्शन पावर कॉरपोरेशन से लिया जाता है, साथ ही नलकूपों को चलाने के लिए ट्रांसफार्मर, लाइन, कनेक्शन आदि भी पावर कॉरपोरेशन से लिए जाते हैं। बिजली का जो खर्च होता है, उसे पावर कारपोरेशन पालिका से लेता है। पालिका की ओर से हर साल पावर कारपोरेशन को भुगतान भी किया जाता है। इस बार भी विभाग की ओर से अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक का एक करोड़ 66 लाख 30 हजार 866 रुपये का बिल पालिका को भेजा गया। जब पावर कॉरपोरेशन की ओर से बिजली बिल बकाया का पत्र पालिका दफ्तर पहुंचा तो वहां पर खलबली मच गई। खलबली इसलिए थी कि कहीं बकाया अदा न करने पर जलापूर्ति और पथप्रकाश व्यवस्था का कनेक्शन न काट दिया जाए। यदि ऐसा होता है तो सीधे तौर पर जनता प्रभावित होगी। क्योंकि बिजली कनेक्शन कटते ही शहर की सड़कें और गलियां रात होते ही अंधकार में डूब जाएंगी और लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस जाएंगे, जो सिर्फ नगरपालिका की जलापूर्ति पर ही आश्रित रहते हैं।
विज्ञापन

ऐसे में नगर पालिका प्रशासन ने उसकी काट तलाशना शुरु कर दिया। इसके बाद नगर पालिका की ओर से उल्टा पावर कॉरपोरेशन पर एक करोड़ 98 लाख रुपये का बकाया निकाल दिया गया और वह भी सन 1994 से लेकर अब तक का। इसे सुनकर पावर कॉरपोरशन के अधिकारी भी सकते में आ गए हैं। अब वे समझ नहीं पा रहे हैं कि फिलहाल वह किस तरह का जवाब दें। हालांकि अधिकारियों की मानें तो वह कोर्ट का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन है कि पावर कॉरपोरेशन की ओर से जो खंभे और ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, उसके लिए उन्हें किसी भी प्रकार का किराया किसी को देने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

...तो 25 सालों से सो रही थी पालिका
-पालिका प्रशासन की ओर से इस बार पावर कॉरपोरेशन को जो पत्र भेजा गया है, इसमें जिक्र किया गया है कि सन 1994 से लेकर अब तक पावर कॉरपोरेशन ने किसी भी खंभे और ट्रांसफार्मर का किराया नहीं दिया है, जो गलत है, इसको तत्काल जमा कराया जाए। ऐसे में सवाल उठता है आखिर 25 सालों से पालिका क्या कर रही थी जो उसने आज तक अपने किराये का तकाजा करने की जरूरत नहीं समझी।
पावर कारपोरेशन नगर पालिका की जमीन का उपयोग कर रहा है। उन्होंने अपने ट्रांसफार्मर जगह-जगह लगा रखे हैं। उस जगह का किराया और कई बड़े-बड़े कार्यालय खोले हैं, जिसका उन्होंने हाउस टैक्स भी नहीं दिया है। ऐसे में पालिका प्रशासन का पावर कॉरपोरेशन पर बकाया निकल रहा है।

संजय तिवारी, ईओ
नगर पालिका के जलकल विभाग पर एक करोड़ 68 लाख रुपये बकाया है। इसके लिए लेटर भेजा था। ये धनराशि विभागों के सरकारी खातों में ही ट्रांसफर हो जाती है। लोकल स्तर पर ऑन पेपर काम होता है। बकाये के कागज पहुंचने के बाद में पालिका की ओर से एक करोड़ 98 लाख रुपये का विभाग पर बकाया दिखाया गया है। इसमें उसने 1994 से लेकर अब तक ट्रांसफार्मर की जगह का किराया मांगा है, जो उनकी जमीन पर लगे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन में पावर कॉरपोरेशन को किराये से अलग रखा गया है।
-वाईएस राघव, एक्सईएन प्रथम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed