बदायूं में बाढ़ का कहर: खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा, घरों में भरा पानी; उसहैत में आठ साल के बालक की मौत
बदायूं जिले में 11 जुलाई से लगातार गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे कई गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। कई ग्रामीणों के घरों में भी पानी भर गया है, जिससे बाढ़ प्रभावित गांव छोड़ने को मजबूर हो गए। उधर, उसहैत क्षेत्र में आठ साल के बालक बाढ़ के पानी में डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
विस्तार
बदायूं जनपद में गंगा नदी लगातार उफान पर बह रही है। नदी के जलस्तर में रोजाना बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसकी वजह से ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जिन लोगों के घर में पानी भर गया है, वे मजूबरी में गांवों को खाली कर रहे हैं। साथ ही जरूरी चीजें अपने साथ तटबंध पर ले जा रहे हैं। उसहैत थाना क्षेत्र के सरेली गांव में सोमवार को आठ वर्षीय बालक की बाढ़ के पानी में डूबकर मौत हो गई।
जिले में 11 जुलाई से लगातार गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रविवार को गंगा का जलस्तर जहां 162.770 दर्ज किया गया था, जो सोमवार को बढ़कर 162.850 हो गया है। ऐसे में बाढ़ का पानी खेतों से होते हुए गांवों में घुस गया है।
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संपर्क मार्ग पर पानी भरने से दातागंज के सकतपुर, सिमरिया, जरतौली, मौसमपुर, कादरचौक के लल्सी नगला, खुडवारा, तेलिया नगला, सहसवान के वीर सहाय नगला, भमरौलिया, खागी नगला समेत अन्य गांव टापू बन गए है। ऐसे में इन गांवों के 10 से 11 हजार लोग घरों कैद रहने को मजबूर हैं। हालांकि सहसवान के खागी नगला, वीर सहाय नगला के लोगों ने तटबंध पर रहना शुरू कर दिया। बाकी लोग अभी गांव में रह रहे हैं। इधर, प्रशासन स्तर से लगातार निगाहें रखी जा रही है।
सोमवार को बैराजों से छोड़ा गया पानी
- नरौरा से 211074 क्यूसेक
- बिजनौर 165219 क्यूसेक
- हरिद्वार से 113912 क्यूसेक
- गंगा के खतरे का निशान-162 मीटर पर
- गंगा बह रही 162.850 मीटर पर
पुल से पहले की सड़क कटी, संपर्क टूटा
सहसवान में सोमवार को तौफी नगला से सोरों होकर कासगंज को जाने वाले रोड पर पानी भर गया है। पुल से पहले बाढ़ का पानी इतनी तेज बहाव से आया कि सड़क भी कट गई। अब वहां पर बाढ़ का पानी भरा हुआ है। उधर के लोगों को अब सहसवान से कछला, सोरों होते हुए कासगंज को जाना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को 14 किमी की दूरी ज्यादा तय करनी पड़ रही है।
गंगा-महावा तटबंध की टलहटी पर बसे परशुराम नगला, खागी नगला, वीर सहाय नगला, भमरौलिया गांव में बाढ़ का पानी भर होने की वजह से लोगों ने गांव को खाली कर रहे हैं। हालांकि परशुराम नगला खाली हो चुका है। खागी नगला और वीर सहाय नगला से लोग लगातार तटबंध पर रहने आ रहे हैं। सोमवार को कई लोग नाव के जरिये बांध पर पहुंचे। कुछ लोग गांव में जाकर अपना जरूरत का सामान नाव से ले जा रहे हैं।तहसील प्रशासन लगातार इन गांव का दौरा कर रहा है।
घरों में ऊंचे स्थानों पर रखने लगे सामान
उसहैत और कादरचौक क्षेत्रों में बाढ़ के पानी अब ग्रामीणों के घरों में भी आ गया है। ऐसे में ग्रामीणों ने अपनी गृहस्थी की चीजों को ऊंचाई पर रख दिया है। हालांकि उसहैत और कादरचौक क्षेत्र के लोग अभी गांव नहीं छोड़ रहे हैं।
बिजली आपूर्ति भी बंद
कादरचौक के लल्सी नगला, गानियाई, तेलिया नगला और खुड़वारा में पानी भरने की वजह से बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई। वहां कुछ खंभों में करंट आने की शिकायत पावर कॉरपोरेशन के पास पहुंची थी। बिना बिजली के मोबाइल चार्ज करने में दिक्कत हो रही है।बाढ़ के पानी में डूबकर बालक की मौत
उसहैत क्षेत्र के सरेली गांव में सोमवार को आठ वर्षीय मोहित की बाढ़ के पानी में डूबकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बालक बांध के नजदीक खेल रहा था। तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और बाढ़ के पानी में जा गिरा। परिवार वालों ने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी है। उन्होंने बालक के शव को दफना दिया।रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
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