{"_id":"5798c3cc4f1c1bc06121e125","slug":"officer-with-the-working-of-outrage-among-advocates","type":"story","status":"publish","title_hn":"तहसीलदार की कार्यशैली से अधिवक्ताओं में आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तहसीलदार की कार्यशैली से अधिवक्ताओं में आक्रोश
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jul 2016 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
आज से न्यायिक कार्य से विरत रहने का लिया निर्णय
तहसील बार एसोसिएशन की बैठक बुधवार को अध्यक्ष हेमेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसमें तहसीलदार की कार्यशैली पर पर रोष जताया गया। साथ ही 28 जुलाई से तहसीलदार कोर्ट में न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सिंह ने कहा कि जब से तहसीलदार की तैनाती हुई है, तब से विधिक कार्यों के निस्तारण की गति काफी धीमी हो गई है। साथ ही उनका व्यवहार भी अधिवक्ताओं के प्रति ठीक नहीं है। इसको लेकर एसडीएम को कई बार अवगत कराया गया है। मगर उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया है। इसलिए अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया है कि जब तक उनको तहसील से रिलीव नहीं किया जाएगा, तब वह तहसीलदार कोर्ट में न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। बाद में डीएम को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी विधान जायसवाल को सौंपा गया। इस मौके पर रामनाथ शर्मा, संजीव कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, अरुण उदय सिंह, अखिल कुमार सिंह, मुनीश सक्सेना, संदीप सक्सेना, राजीव कुमार, रामप्रकाश श्रीवास्तव, रामनिवास, उपेंद्र कुमार, बागीश माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।
तहसील बार एसोसिएशन की बैठक बुधवार को अध्यक्ष हेमेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसमें तहसीलदार की कार्यशैली पर पर रोष जताया गया। साथ ही 28 जुलाई से तहसीलदार कोर्ट में न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सिंह ने कहा कि जब से तहसीलदार की तैनाती हुई है, तब से विधिक कार्यों के निस्तारण की गति काफी धीमी हो गई है। साथ ही उनका व्यवहार भी अधिवक्ताओं के प्रति ठीक नहीं है। इसको लेकर एसडीएम को कई बार अवगत कराया गया है। मगर उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया है। इसलिए अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया है कि जब तक उनको तहसील से रिलीव नहीं किया जाएगा, तब वह तहसीलदार कोर्ट में न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। बाद में डीएम को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी विधान जायसवाल को सौंपा गया। इस मौके पर रामनाथ शर्मा, संजीव कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, अरुण उदय सिंह, अखिल कुमार सिंह, मुनीश सक्सेना, संदीप सक्सेना, राजीव कुमार, रामप्रकाश श्रीवास्तव, रामनिवास, उपेंद्र कुमार, बागीश माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन