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Budaun News: 1363 स्कूलों में विकसित किए जाएंगे पोषण गार्डन
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बदायूं। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को अब और अधिक ताजा व पौष्टिक भोजन मिलेगा। जिले के सभी 1363 परिषदीय विद्यालयों में पोषण गार्डन (किचन गार्डन) विकसित किए जाएंगे। इन गार्डनों में उगाई गई सब्जियों का उपयोग प्रतिदिन तैयार होने वाले मिड-डे मील में किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोषण गार्डन स्थापित करने का उद्देश्य बच्चों को पोषण की दृष्टि से बेहतर भोजन उपलब्ध कराना है। अब तक विद्यालय मिड-डे मील के लिए बाजार से सब्जियां खरीदते थे, लेकिन पोषण गार्डन तैयार होने से ताजी और बिना रसायन वाली सब्जियों का उपयोग किया जा सकेगा। इससे जहां विद्यालयों का खर्च कम होगा, वहीं बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
शासन ने बीईओ और एआरपी को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक विद्यालय में पोषण गार्डन का निरीक्षण करते रहें और प्रधानाध्यापकों को आवश्यक सुझाव दें। गार्डन में स्थानीय मौसम के अनुसार उगने वाली मौसमी सब्जियां जैसे पालक, मैथी, लौकी, भिंडी, बैंगन, टमाटर और हरी मिर्च उगाने पर जोर दिया जाएगा।
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इसके साथ ही विद्यालयों को जैविक खाद के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए इन चयनित स्कूलों को दो-दो हजार रुपये की धनराशि भेज दी गई है। इससे स्कूल अपनी आवश्यकतानुसार पोषण गार्डन तैयार कर सकेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यह पहल पोषण स्तर सुधारने के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोषण गार्डन स्थापित करने का उद्देश्य बच्चों को पोषण की दृष्टि से बेहतर भोजन उपलब्ध कराना है। अब तक विद्यालय मिड-डे मील के लिए बाजार से सब्जियां खरीदते थे, लेकिन पोषण गार्डन तैयार होने से ताजी और बिना रसायन वाली सब्जियों का उपयोग किया जा सकेगा। इससे जहां विद्यालयों का खर्च कम होगा, वहीं बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
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शासन ने बीईओ और एआरपी को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक विद्यालय में पोषण गार्डन का निरीक्षण करते रहें और प्रधानाध्यापकों को आवश्यक सुझाव दें। गार्डन में स्थानीय मौसम के अनुसार उगने वाली मौसमी सब्जियां जैसे पालक, मैथी, लौकी, भिंडी, बैंगन, टमाटर और हरी मिर्च उगाने पर जोर दिया जाएगा।
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इसके साथ ही विद्यालयों को जैविक खाद के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए इन चयनित स्कूलों को दो-दो हजार रुपये की धनराशि भेज दी गई है। इससे स्कूल अपनी आवश्यकतानुसार पोषण गार्डन तैयार कर सकेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यह पहल पोषण स्तर सुधारने के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।