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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Now in the village Bothria Farmer 's death

अब गांव बोथरिया में किसान की मौत

Sun, 12 Apr 2015 08:52 PM IST
badaun
badaun Updated Sun, 12 Apr 2015 08:52 PM IST
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फसलों को देख सदमे में किसानों की मौत का सिलसिला थमा नहीं है। दातागंज क्षेत्र के गांव बोथरिया में एक किसान की मौत हो गई। इस प्रकरण में तहसील प्रशासन को रिपोर्ट तो मिली, लेकिन इस किसान को कैंसर का रोगी बताकर सहायता खारिज कर दी गई थी। परिवार वालों के हार्टअटैक से मौत होने की बात कही गई, तो एसडीएम दातागंज मौत के तीसरे दिन किसान के गांव पहुंचे। परिवार वालों का कहना था कि प्रधान पक्ष के न होने के कारण उसे कोई सहायता न मिल जाए इसलिए कुछ लोगों ने कैं सर से मौत होने की बात उड़ाई है। एसडीएम ने उनके परिवार को पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिलाने और खेती में नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया है।

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गांव बोथरिया निवासी छत्रपाल (50) पुत्र श्यामलाल पर मात्र चार बीघा खेती है। इसमें उन्होंने गेहूं की फसल कराई थी। इसके अलावा कुछ जमीन पेशगी पर लेकर गेहूं की फसल कराई। फसल उठने का समय आया तो बार-बार खेत के चक्कर लगा रहे थे। 10 अप्रैल को खेत पर गए और लौट कर आए तो परिवार में लोगों से कहने लगे सब तबाह हो गया। कुछ नहीं मिल पाएगा और कुछ देर बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार वालों ने इस संबंध में लेखपाल को सूचना दे दी। उनकी मौत पर प्रधानी की खींचतान आड़े आई। तहसील प्रशासन को बताया गया कि उसकी मौत कैंसर से हुई है। छह महीने पहले इलाज के दौरान इसकी पुष्टि हुई थी। परिवार वालों का कहना था कि उनको कैंसर था, लेकिन उनकी मौत कैंसर से नहीं हार्टअटैक से हुई है।  
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बोथरिया के इस किसान की मौत पर चल रहे विवाद के बाद एसडीएम दातागंज ओपी तिवारी ने असलियत जानने के लिए रविवार को गांव बोथरिया का दौरा किया और परिवार के लोगों से बात की।
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अब मिलेगा दोगुना मुआवजा: एसडीएम
दातागंज। बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से किसानों की हुई फसल की बर्बादी को देखते हुए शासन ने अब मुआवजे की धनराशि दोगुनी कर दी है। एसडीएम ओपी तिवारी ने बताया कि किसान का चाहे कितना ही कम नुकसान क्यों न हुआ हो उसे कम से कम 1500 रुपये का चेक दिया जाएगा। मुआवजे की धनराशि दोगनी कर दी गई है। शासन ने इस बात को माना है कि बरसात और चक्रवात में हर किसान प्रभावित हुआ है इसलिए मुआवजे की धनराशि बढ़ा दी गई है। श्री तिवारी ने कहा कि कोई भी किसान मुआवजा से वंचित नहीं रहेगा।


बबई में गश खाकर गिरे किसान की मौत
म्याऊं। उसावां ब्लाक क्षेत्र के गांव बबई के 44 वर्ष के शिवकुमार मंगलवार को खेत पर गए थे, यहां फसल बर्बादी देखकर चुपचाप घर लौट आए।  घर आते ही गश खाकर गिर गए। घर वाले उन्हे बेहोशी की हालत में इलाज के लिए बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया। बताते हैं कि तीन भाइयों में उनके हिस्से में केवल तीन बीघा जमीन थी। उनके चार बच्चों में दो बच्चे छोटे-छोटे हैं। इस बार फसल को मौसम ने बर्बाद कर दिए जाने से शिवकुमार परेशान थे। बताते हैं कि उन पर कुछ सूदखोरों का कर्ज भी था। ये भी उनको चिंता सता रही थी। परिवार वालों ने बताया कि राजस्व विभाग को सूचना तो दी, लेकिन मौके पर कोई भी नहीं आया।

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