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मनमानी रिपोर्ट दे रहीं 25 निजी पैथोलॉजी लैब को नोटिस
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्रतीकात्मक फोटो। (यदि जरूरत समझें तो प्रयोग कर लें।)
- फोटो : BADAUN
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग ने निजी पैथोलॉजी लैबों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। मनमानी रिपोर्ट देने वाली 25 निजी पैथोलॉजी लैब को चिह्नित कर इनको नोटिस दिया है। इन लैब को रजिस्ट्रेशन, तकनीकी स्टाफ और जाच संबंधी उपकरणों के संबंध में रिपोर्ट देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। रिपोर्ट न देने पर एफआईआर की चेतावनी दी गई है।
दरअसल, जिले में करीब दो महीने से डेंगू और बुखार का प्रकोप बना हुआ है। ऐसे लोगों की बड़ी संख्या है, जो निजी लैब में जांच कराते हैं। यह लैब डेंगू की पुष्टि कर रही हैं, लेकिन इस संबंध में रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को नहीं दे रहीं। गौर करने की बात यह है कि जिले में पैथोलॉजी लैब और कलेक्शन सेंटर की संख्या करीब 215 है, लेकिन इनमें केवल सात लैब ही स्वास्थ्य विभाग को संक्रामक बीमारियों की जांच के संबंध में रिपोर्ट उपलब्ध कराती हैं।
बड़ी संख्या में बिना रजिस्ट्रेशन के भी लैबों का संचालन हो रहा है। इन दिनों यह निजी लैब बुखार पीड़ितों को धड़ल्ले से डेंगू की पुष्टि कर रही हैं। इतना ही नहीं डेंगू की पुष्टि के बाद निजी लैब संचालक निजी डॉक्टर के यहां ही इलाज का भी सुझाव देते हैं। डेंगू की पुष्टि होने के बाद मरीज घबरा जाता है और यहां वहां इलाज कराने लगता है। ऐसे में उनकी जान चली जाती है। उरैना, ननाखेड़ा, लखनपुर, शाहपुर ताहर खेड़ा, बेहटा डंबर नगर आदि गांवों में जिन लोगों की भी मौत हुई है, उनको डेंगू की पुष्टि निजी लैबों में ही हुई थी। ज्यादातर लोगों का इलाज भी निजी अस्पताल में चल रहा था। निजी लैबों की मनमानी रिपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग ने अब शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
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यह बात सही है कि ऐसी निजी पैथोलॉजी लैबों की काफी संख्या जो मनमानी रिपोर्ट दे रहीं हैं। किसी को भी डेंगू की पुष्टि कर देती हैं। इनमें ऐसी लैब भी हैं जो बिना रजिस्ट्रेशन चल रही हैं। नियमानुसार निजी लैब को संक्रामक बीमारी की पुष्टि होने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को सूचना देनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अब तक ऐसी 25 लैब को चिह्नित करके नोटिस दिया गया है। सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - डॉ. तहसीन एसीएमओ/नोडल अधिकारी संक्रामक रोग नियंत्रण सेल
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दरअसल, जिले में करीब दो महीने से डेंगू और बुखार का प्रकोप बना हुआ है। ऐसे लोगों की बड़ी संख्या है, जो निजी लैब में जांच कराते हैं। यह लैब डेंगू की पुष्टि कर रही हैं, लेकिन इस संबंध में रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को नहीं दे रहीं। गौर करने की बात यह है कि जिले में पैथोलॉजी लैब और कलेक्शन सेंटर की संख्या करीब 215 है, लेकिन इनमें केवल सात लैब ही स्वास्थ्य विभाग को संक्रामक बीमारियों की जांच के संबंध में रिपोर्ट उपलब्ध कराती हैं।
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बड़ी संख्या में बिना रजिस्ट्रेशन के भी लैबों का संचालन हो रहा है। इन दिनों यह निजी लैब बुखार पीड़ितों को धड़ल्ले से डेंगू की पुष्टि कर रही हैं। इतना ही नहीं डेंगू की पुष्टि के बाद निजी लैब संचालक निजी डॉक्टर के यहां ही इलाज का भी सुझाव देते हैं। डेंगू की पुष्टि होने के बाद मरीज घबरा जाता है और यहां वहां इलाज कराने लगता है। ऐसे में उनकी जान चली जाती है। उरैना, ननाखेड़ा, लखनपुर, शाहपुर ताहर खेड़ा, बेहटा डंबर नगर आदि गांवों में जिन लोगों की भी मौत हुई है, उनको डेंगू की पुष्टि निजी लैबों में ही हुई थी। ज्यादातर लोगों का इलाज भी निजी अस्पताल में चल रहा था। निजी लैबों की मनमानी रिपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग ने अब शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
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यह बात सही है कि ऐसी निजी पैथोलॉजी लैबों की काफी संख्या जो मनमानी रिपोर्ट दे रहीं हैं। किसी को भी डेंगू की पुष्टि कर देती हैं। इनमें ऐसी लैब भी हैं जो बिना रजिस्ट्रेशन चल रही हैं। नियमानुसार निजी लैब को संक्रामक बीमारी की पुष्टि होने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को सूचना देनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अब तक ऐसी 25 लैब को चिह्नित करके नोटिस दिया गया है। सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - डॉ. तहसीन एसीएमओ/नोडल अधिकारी संक्रामक रोग नियंत्रण सेल