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नोटबंदी और चुनाव के चलते धान की खरीद रह गई आधी
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 07 Feb 2017 11:25 PM IST
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एक लाख एमटी से घटाकर 40720 एमटी किया लक्ष्य, फिर भी रहा आधा
धान क्रय केंद्रों पर होने वाली सरकारी खरीद का लक्ष्य नोटबंदी और चुनाव की वजह से आधा रह गया। धान खरीद लक्ष्य एक लाख से घटाकर 40720 एमटी करने के बावजूद धान क्रय एजेंसियां लगभग आधी धान खरीद कर सकीं, जबकि जिले के तमाम किसानों ने अपना धान खुले बाजार में बेच दिया।
धान खरीद की पैदावार को देखते को हुए जिले को एक लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया। शुरुआत में धान खरीद कम होने की वजह से लक्ष्य को संशोधित करके 60 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया था। इसके बाद भी जब धान खरीद में तेजी नहीं आई तो लक्ष्य को दोबारा संशोधित करके 40720 मीट्रिक टन कर दिया गया था। धान खरीद के दौरान नोटबंदी के दो माह भी गुजर गए। इन दिनों में तमाम किसानों ने सिर्फ इस वजह से एजेंसियों को धान नहीं बेचा कि उन लोगों को बैंक शाखाओं से रुपये नहीं निकल पा रहे थे। इसके बाद जिला प्रशासन चुनाव कार्यालयों में व्यस्त हो गया, तो किसी ने धान खरीद की तरफ ध्यान नहीं दिया। इससे धान खरीद 21064.5 मीट्रिक टन हो सकी, जो संशोधित लक्ष्य का 51.73 है।
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क्रय एजेंसी धान खरीद प्रतिशत
1. मार्केटिंग 11604 एमटी 116.04
2. पीसीएफ 3909 एमटी 70.80
3. यूपी स्टेट एग्रो 2928.9 एमटी 29.80
4. एसएफसी 198 एमटी 1.70
5. एफसीआई 2371 एमटी 74.10
6. आढ़त शून्य शून्य
कुल 21064.5 51.73
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नोटबंदी की वजह से धान खरीद काफी प्रभावित हुई है। इन दिनों चुनाव कार्यों में व्यस्त हूं। लक्ष्य से कम धान खरीद करने वाली क्रय एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-हवलदार यादव, नोडल अधिकारी, धान खरीद केंद्र
धान क्रय केंद्रों पर होने वाली सरकारी खरीद का लक्ष्य नोटबंदी और चुनाव की वजह से आधा रह गया। धान खरीद लक्ष्य एक लाख से घटाकर 40720 एमटी करने के बावजूद धान क्रय एजेंसियां लगभग आधी धान खरीद कर सकीं, जबकि जिले के तमाम किसानों ने अपना धान खुले बाजार में बेच दिया।
धान खरीद की पैदावार को देखते को हुए जिले को एक लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया। शुरुआत में धान खरीद कम होने की वजह से लक्ष्य को संशोधित करके 60 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया था। इसके बाद भी जब धान खरीद में तेजी नहीं आई तो लक्ष्य को दोबारा संशोधित करके 40720 मीट्रिक टन कर दिया गया था। धान खरीद के दौरान नोटबंदी के दो माह भी गुजर गए। इन दिनों में तमाम किसानों ने सिर्फ इस वजह से एजेंसियों को धान नहीं बेचा कि उन लोगों को बैंक शाखाओं से रुपये नहीं निकल पा रहे थे। इसके बाद जिला प्रशासन चुनाव कार्यालयों में व्यस्त हो गया, तो किसी ने धान खरीद की तरफ ध्यान नहीं दिया। इससे धान खरीद 21064.5 मीट्रिक टन हो सकी, जो संशोधित लक्ष्य का 51.73 है।
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क्रय एजेंसी धान खरीद प्रतिशत
1. मार्केटिंग 11604 एमटी 116.04
2. पीसीएफ 3909 एमटी 70.80
3. यूपी स्टेट एग्रो 2928.9 एमटी 29.80
4. एसएफसी 198 एमटी 1.70
5. एफसीआई 2371 एमटी 74.10
6. आढ़त शून्य शून्य
कुल 21064.5 51.73
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नोटबंदी की वजह से धान खरीद काफी प्रभावित हुई है। इन दिनों चुनाव कार्यों में व्यस्त हूं। लक्ष्य से कम धान खरीद करने वाली क्रय एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-हवलदार यादव, नोडल अधिकारी, धान खरीद केंद्र