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नहीं लिया सबक, रोडवेज बसों में सुरक्षा मानक नहीं

Fri, 23 Jun 2017 11:47 PM IST
बदायूं।
बदायूं। Updated Fri, 23 Jun 2017 11:47 PM IST
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Not taken lessons, Roadways buses do not have safety standards
मानक के अभाव बस। - फोटो : अमर उजाला
केस-1 
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समय दोपहर तीन बजे। रोडवेज की एक बस करीब 20 सवारियों को लेकर बदायूं डिपो से दिल्ली जाने के लिए तैयार खड़ी थी। इस बस में न तो अग्निशमन यंत्र था ओर न ही  मेडिकल किट।
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केस-2      
समय दोपहर सवा तीन बजे। डिपो परिसर में एक अन्य रोडवेज बस खड़ी थी। दिल्ली जाने के लिए करीब 25 सवारियां बस में बैठी थी, परिचालक यात्रियों को बुलाकर बैठा रहा था। इस बस में भी न तो अग्निशमन यंत्र था न ही न मेडिकल किट।
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ये है परिवहन निगम की बसों का हाल। बरेली में हुए सड़क हादसे में 24 लोगों की मौत के बाद भी परिवहन निगम यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हुआ है। कहने को तो बस स्टैंड पर चालकों और परिचालकों के लिए एआरएम राजेश कुमार ने दिशा निर्देश का बोर्ड लगा रखा है, जिसमें 11 बिंदुओं पर ध्यान देने के लिए कहा गया है। इसमेें साफ लिखा है कि चालक बस में अग्निशमन यंत्र लेकर चले, प्रतिदिन अपातकालीन गेट चैक करे, मेडिकल किट पर ध्यान दे। बावजूद इसके इन सब सुरक्षा मानकों को नजरंदाज करके परिवहन निगम डग्गामार बसों को लंबे रूट पर दौड़ा रहा है।  इन बसों में न तो फायर सिलेंडर लगा है, न ही मेडिकल किट। ऐसे में यात्रियों को मजबूरन जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।  रोडवेज अधिकारियों का कहना है मुख्यालय के आदेश के बाद अग्निशमन यंत्र और मेडिकल किट की डिमांड की गई है।
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यात्रियों बोले            
- बरेली निवासी जीतू प्रजापति बदायूं डिपो की बस में आगरा जाने के लिए बैठे थे। रास्ते में तकनीकी खराबी के कारण बस खराब हो गई। जीतू का कहना है कि खटारा बस का संचालन करीब आधे घंटे बाद हो सका। इस बस में न तो अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था थी न ही मेडिकल किट की।             
-टेलिकॉम कंपनी में काम करने वाले रियाज ने बताया कि वह रोजाना बदायूं-पीलीभीत अप-डॉउन करते है, अधिकतर बसों में फायर सिलेंडर और मेडिकल किट देखने को नहीं मिलती। उनका साफ कहना था कि बरेली के हादसे के बाद भी अधिकारी यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहे है।       

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जिम्मेदार बोले            
अधिकतर बसों में अग्निशमन यंत्र और मेडिकल किट लगा दी गई है, जिनमें नहीं है उसके लिए डिमांड भेजी गई है। आपूर्ति होते ही बसों में लगा दी जाएंगी। बसों में लगे लोहे के जाल हटवा दिए गए है।
-राजेश कुमार, एआरएम- रोडवेज
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