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Budaun News: इलाज के लिए नहीं पैसे, जिंदगी से जूझ रहा रचित

Mon, 04 Dec 2023 01:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 04 Dec 2023 01:21 AM IST
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No money for treatment, Rachit is struggling with life
घायल छात्र रचित उर्फ रोहित। उसावां हादसे के फॉलोअप के साथ लगाना है
बदायूं। म्याऊ-हजरतपुर रोड पर हुए हादसे में घायल छात्र रचित आज भी जिंदगी से जूझ रहा है। उसके परिवार वालों के पास इतने रुपये भी नहीं हैं कि वह उसका ठीक से इलाज करा सकें। इसलिए उसका घर पर ही उपचार चल रहा है। उसके गले में नली पड़ी हुई है। वह खाना भी नहीं खा पा रहा है और न ही बोल पा रहा है। उसके परिवार वालों ने अधिकारियों से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
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विगत 30 अक्तूबर को म्याऊ-हजरतपुर रोड पर एसआरपीएस स्कूल की वैन और सत्यदेव विद्या पीठ इंटर कॉलेज की बस आमने-सामने से टकरा गई थीं। इसमें ग्राम बघौरा निवासी खुशी (6), ग्योति निवासी प्रदीप (12), ग्राम नवीगंज निवासी कौशल्या (1), ग्राम लभारी निवासी हर्षित (6) और उसके पिता ओमेंद्र (25) की मौत हो गई थी। इसके अलावा करीब 24 बच्चे घायल हो गए थे।
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घायलों में हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव बघौरा निवासी प्रदीप का नौ वर्षीय बेटा रचित उर्फ रोहित और ग्राम लभारी निवासी अवधेश कुमार का नौ वर्षीय पुत्र मानव को बरेली रेफर कर दिया गया था। इस हादसे में मृत खुशी रचित की छोटी बहन थी। सभी बच्चे एसआरपीएस स्कूल में पढ़ रहे थे।
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घायल 24 बच्चों में 22 काे तीन-चार दिन बाद जिला अस्पताल से छुट्टी कर दी गई थी, लेकिन रचित और मानव का सात दिन तक बरेली में उपचार चला। उसके बाद रचित को बरेली के अस्पताल से ऋषिकेश के एम्स रेफर कर दिया गया। वहां करीब 12 दिन भर्ती रहा। फिर उसे एम्स से छुट्टी कर दी गई। करीब पांच दिन तक परिवार वाले ऋषिकेश में कमरा किराये पर लेकर रचित का उपचार कराते रहे।
पिता प्रदीप का कहना है कि अब तक उनका करीब पांच लाख से ज्यादा खर्च हो चुका है। अब उनके पास इतने पैसे भी नहीं है कि वह अपने बच्चे का उपचार करा सके। इसलिए वह रचित को घर ले आए। एम्स के डॉक्टरों ने उसके गले में नली डाली है। सांस लेने के लिए भी एक अलग नली पड़ी है। तब से वह न तो कुछ खा पा रहा है और न ही कुछ बोल पा रहा है। शनिवार शाम रचित को परिजन बरेली के निजी अस्पताल ले गए।


उसावां हादसे में घायल छात्र रचित के परिवार वाले हमारे पास नहीं आए थे और न ही उन्होंने कार्यालय आकर कोई सूचना दी। अब उसके बारे में पता चला है तो दिखवाते हैं। जो भी संभव होगा, परिवार की मदद की जाएगी। - विजय कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन

घायल छात्र रचित उर्फ रोहित। उसावां हादसे के फॉलोअप के साथ लगाना है

घायल छात्र रचित उर्फ रोहित। उसावां हादसे के फॉलोअप के साथ लगाना है

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