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एनएमसी की चेतावनी बेअसर, मेडिकल कॉलेज में बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू नहीं
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बदायूं का राजकीय मेडिकल कॉलेज। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की सख्त चेतावनी भी बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज पर बेअसर हो रही है। प्रदेश के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एनएमसी ने 10 अक्तूबर तक आधार कार्ड आधारित बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू करने का निर्देश दिया था। राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन से यह भी कहा गया कि अगर दस अक्तूबर तक बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू नहीं की गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी अब तक मेडिकल कॉलेज मे हाजिरी शुरू नहीं हो सकी। मेडिकल कॉलेज को एनआईसी से भी नहीं जोड़ा गया है।
प्रदेश में छह मेडिकल यूनिवर्सिटी और सात राजकीय व 14 स्वायत्त राजकीय मेडिकल कॉलेज हैं। बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलावा लगभग अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों में बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था है। दरअसल, बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था न होने पर डॉक्टरों समेत स्टाफ और कर्मचारी मनमाने समय से आते और चले जाते हैं। इसका सीधा असर चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं पर होता है। बदायूं के मेडिकल कॉलेज में बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था न होने के कारण यहां भी व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ पा रहीं। इसे गंभीरता से लेते हुए एनएमसी ने इस संबंध में राजकीय मेडिकल कॉलेज को अगस्त में तीन बार लिखा और चेतावनी दी, लेकिन बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू नहीं की गई।
एनएमसी ने चार अक्तूबर को एक बार फिर से चेतावनी देते हुए मेडिकल कॉलेज को दस अक्तूबर तक बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू करने की हिदायत दी। इसके बाद एईबीएएस (आधार इनेबिल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम) के नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार की ओर से 21 अक्तूबर को एक पत्र जारी करते हुए सभी सीनियर और जूनियर रेजीडेंट के साथ-साथ फैकल्टी, ट्यूटर और डेमोंस्ट्रेटर को बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के निर्देश जारी कर दिए। एनएमसी के दिशा निर्देशों का हवाला भी दिया, लेकिन अब तक व्यवस्था नहीं हो सकी है।
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एनएमसी के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। बायोमेट्रिक हाजिरी में कुछ समस्याएं आ रही हैं। इसके लिए दो मशीन एकेडमिक भवन और दो अस्पताल में लगा दी गई हैं। कुछ लोगों की शिकायत है कि फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं हो रहा। जो भी समस्या है उसे दूर किया जा रहा है। समस्या दूर होने के बाद पूरे सिस्टम को एनआईसी से भी जोड़ दिया जाएगा। -डॉ. अमित कुमार, नोडल अधिकारी, एईबीएएस
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प्रदेश में छह मेडिकल यूनिवर्सिटी और सात राजकीय व 14 स्वायत्त राजकीय मेडिकल कॉलेज हैं। बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलावा लगभग अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों में बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था है। दरअसल, बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था न होने पर डॉक्टरों समेत स्टाफ और कर्मचारी मनमाने समय से आते और चले जाते हैं। इसका सीधा असर चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं पर होता है। बदायूं के मेडिकल कॉलेज में बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था न होने के कारण यहां भी व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ पा रहीं। इसे गंभीरता से लेते हुए एनएमसी ने इस संबंध में राजकीय मेडिकल कॉलेज को अगस्त में तीन बार लिखा और चेतावनी दी, लेकिन बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू नहीं की गई।
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एनएमसी ने चार अक्तूबर को एक बार फिर से चेतावनी देते हुए मेडिकल कॉलेज को दस अक्तूबर तक बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू करने की हिदायत दी। इसके बाद एईबीएएस (आधार इनेबिल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम) के नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार की ओर से 21 अक्तूबर को एक पत्र जारी करते हुए सभी सीनियर और जूनियर रेजीडेंट के साथ-साथ फैकल्टी, ट्यूटर और डेमोंस्ट्रेटर को बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के निर्देश जारी कर दिए। एनएमसी के दिशा निर्देशों का हवाला भी दिया, लेकिन अब तक व्यवस्था नहीं हो सकी है।
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एनएमसी के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। बायोमेट्रिक हाजिरी में कुछ समस्याएं आ रही हैं। इसके लिए दो मशीन एकेडमिक भवन और दो अस्पताल में लगा दी गई हैं। कुछ लोगों की शिकायत है कि फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं हो रहा। जो भी समस्या है उसे दूर किया जा रहा है। समस्या दूर होने के बाद पूरे सिस्टम को एनआईसी से भी जोड़ दिया जाएगा। -डॉ. अमित कुमार, नोडल अधिकारी, एईबीएएस