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Budaun News: घर और मंदिर के बीच 250 मीटर के दायरे से लापता हुआ था नितेश
Sun, 28 Jul 2024 05:48 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 28 Jul 2024 05:48 AM IST
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बदायूं। सिरसा दबरई गांव में 12 साल के बालक नितेश कुमार की हत्या के मामले में अभी तक पुलिस किसी तह तक नहीं पहुंची है। शनिवार सुबह से लेकर दोपहर बाद तक इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह और चौकी इंचार्ज रामपाल तोमर ने ग्रामीणों से पूछताछ की। उन्होंने मंदिर के पुजारी बाबा जीवाराम से भी पूछताछ की, लेकिन कोई अहम जानकारी निकलकर सामने नहीं आई। यह जरूर स्पष्ट हो गया कि बालक अपने घर और मंदिर के 250 मीटर के दायरे से लापता हुआ था। उसके देखे जाने से कुछ देर पहले की तस्वीर गांव की परचून की दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सिरसा दबरई निवासी सोरन सिंह का मकान गांव के बिल्कुल बाहरी किनारे पर बना है। उसके बराबर में एक झोपड़ी है और उसके पास ही प्राइमरी स्कूल है। उससे करीब 250 मीटर की दूरी पर माता आशा पूर्णा देवी का मंदिर है। इस मंदिर से करीब 50-60 कदम की दूरी पर ही झाड़ियों में बालक का शव पड़ा मिला था।
शनिवार सुबह से लेकर दोपहर बाद तक पुलिस ने जिन लोगों से पूछताछ की, उनमें कोई भी व्यक्ति यह नहीं बता सकता कि 23 जुलाई को 2:30 बजे के बाद उन्होंने बालक को देखा था।
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पिता सोरन सिंह का कहना है कि नितेश कुमार 23 जुलाई को दोपहर करीब 2:30 बजे राजवीर की परचून की दुकान पर खाने को नमकीन लेने गया था। उनकी दुकान पर सीसीटीवी कैमरा लगा है, जिसमें बालक की तस्वीर कैद हुई है। हालांकि नमकीन खरीदने के बाद बालक लौटकर घर आया । उसके 10-15 मिनट बाद घर से निकल गया था।
पुलिस की अब तक की छानबीन में पता चला है कि बालक गांव की ओर दोबारा नहीं गया। वह अपने घर से और मंदिर के बीच कहीं से लापता हुआ, लेकिन हैरानी की बात यह भी है कि मंदिर पर हर समय चहल-पहल रहती है। सुबह से लेकर शाम तक गांव के तमाम लोग मंदिर पर बैठे रहते हैं। बाबा जीवाराम 24 घंटे मंदिर पर रहते हैं। ऐसे में बालक की हत्या करके झांड़ियों में उसका शव कौन फेंक गया। अभी इसका पता नहीं चला है लेकिन यह जरूर माना जा रहा है कि उसका हत्यारा कहीं बाहर का नहीं है। उसकी नजर बालक पर थी या फिर बालक उसके संपर्क में था, जिससे वह आसानी से उसके पास पहुंच गया। फिर उसकी गर्दन काटकर हत्या कर दी गई।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सिरसा दबरई निवासी सोरन सिंह का मकान गांव के बिल्कुल बाहरी किनारे पर बना है। उसके बराबर में एक झोपड़ी है और उसके पास ही प्राइमरी स्कूल है। उससे करीब 250 मीटर की दूरी पर माता आशा पूर्णा देवी का मंदिर है। इस मंदिर से करीब 50-60 कदम की दूरी पर ही झाड़ियों में बालक का शव पड़ा मिला था।
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शनिवार सुबह से लेकर दोपहर बाद तक पुलिस ने जिन लोगों से पूछताछ की, उनमें कोई भी व्यक्ति यह नहीं बता सकता कि 23 जुलाई को 2:30 बजे के बाद उन्होंने बालक को देखा था।
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पिता सोरन सिंह का कहना है कि नितेश कुमार 23 जुलाई को दोपहर करीब 2:30 बजे राजवीर की परचून की दुकान पर खाने को नमकीन लेने गया था। उनकी दुकान पर सीसीटीवी कैमरा लगा है, जिसमें बालक की तस्वीर कैद हुई है। हालांकि नमकीन खरीदने के बाद बालक लौटकर घर आया । उसके 10-15 मिनट बाद घर से निकल गया था।
पुलिस की अब तक की छानबीन में पता चला है कि बालक गांव की ओर दोबारा नहीं गया। वह अपने घर से और मंदिर के बीच कहीं से लापता हुआ, लेकिन हैरानी की बात यह भी है कि मंदिर पर हर समय चहल-पहल रहती है। सुबह से लेकर शाम तक गांव के तमाम लोग मंदिर पर बैठे रहते हैं। बाबा जीवाराम 24 घंटे मंदिर पर रहते हैं। ऐसे में बालक की हत्या करके झांड़ियों में उसका शव कौन फेंक गया। अभी इसका पता नहीं चला है लेकिन यह जरूर माना जा रहा है कि उसका हत्यारा कहीं बाहर का नहीं है। उसकी नजर बालक पर थी या फिर बालक उसके संपर्क में था, जिससे वह आसानी से उसके पास पहुंच गया। फिर उसकी गर्दन काटकर हत्या कर दी गई।