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‘निरंकारी मिशन ने शांति, अहिंसा की परंपरा को आगे बढ़ाया’
badaun
Updated Fri, 24 Apr 2015 07:23 PM IST
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संतों का मार्ग हमेशा शांति और अहिंसा का रहा है। निरंकारी मिशन ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया है। लोगों को शांति के साथ अहिंसा के मार्ग पर चलने की सलाह दी है।
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ये विचार संत निरंकारी मिशन के संयोजक डा. एके चौहान ने व्यक्त किए। सत्संग स्थल पर मानव एकता दिवस मनाते हुए चौहान ने बताया 24 अप्रैल 1980 को बाबा गुरवचन सिंह महाराज की शहादत हुई थी। उन्हीं के बलिदान को याद करते हुए ये दिन मनाया जाता है। बाबा ने कहा था कि जब किसी का भी खून बहता है तो मैं बहुत दुखी होता हूं। निरंकारी मिशन ने हमेशा से सत्य, अहिंसा और शांति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया है। इस मौके पर तिलकचंद ने कहा कि खून की कीमत पहचानो, ये नाली या सड़क पर बहने के लिए नहीं है। खून इंसानों को बचाने के लिए काम आना चाहिए। इसलिए मिशन लगातार रक्तदान शिविर लगवाता रहा है। संत राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि मानव एकता से विश्व एकता संभव है। जाति-बंधन की दीवारें अब तोड़ देनी चाहिए।
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कार्यक्रम का संचालन रामस्वरूप ने किया। बाबूराम, रामलाल, जगदीश चंद्र आर्य, राकेश कुमार वर्मा, डोरीलाल, बीना चौहान, कुसुम, कंचन, निर्मला, रामलली आदि ने भजन प्रस्तुत किए। महात्मा राजपाल और पुष्पेंद्र ने समागम सेवा में सहयोग किया।
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