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Budaun News: कुत्ते के काटने से नौ वर्षीय मासूम की एक माह बाद मौत, इलाज में लापरवाही के आरोप
Tue, 07 Jul 2026 01:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 07 Jul 2026 01:43 AM IST
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मोहम्मद ताजिम
उघैती। पागल कुत्ते के काटने के करीब एक माह बाद नौ वर्षीय मासूम की मौत हो गई। परिजनों ने बिसौली सीएचसी पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि बच्चे को समय पर एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं लगाई गई।
उघैती कस्बे के नौ वर्षीय मोहम्मद ताजिम पुत्र नाजिम को तीन जून को घर के बाहर खेलते समय कुत्ते ने काट लिया था। चार जून को परिजन उसे बिसौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे, जहां एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई थी। इसके बाद छह और नौ जून को इंजेक्शन लगाए गए। परिजनों का आरोप है कि चौथी डोज के लिए नहीं बुलाया गया। कुछ दिन तक बच्चा सामान्य रहा था, लेकिन चार जुलाई की रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। पहले उसे अलीगढ़ ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया। उपचार के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्चे के हाथ में कुत्ते के गहरे दांत धंसे थे और खून भी निकला था।
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गंभीर घाव में सीरम भी नहीं लगाया
- कुत्ते के काटने से गहरा घाव होने और खून निकले तो एंटी रैबीज वैक्सीन के साथ रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (सीरम) लगाना जरूरी होता है। यह सुविधा जिला अस्पताल में उपलब्ध रहती है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें वहां रेफर तक नहीं किया गया और सीरम के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई।
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डोज लगने में लापरवाही
- पिता नाजिम ने बताया कि पहली एंटी रैबीज डोज जब चार जून को लगी तो दूसरी डोज आठ जून और तीसरी डोज 12 जून को लगनी थी। इसके अलावा चौथी बूस्टर डोज दो जुलाई को लगाई जानी थी। जबकि विभाग ने चार जून को एंटी रैबीज डोज लगा दी। उसके लगाने के बाद दूसरी डोज छह जून और तीसरी डोज नौ जून को लगाई गई थी।
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वर्जन--
इस संबंध में जांच कराई जाएगी। जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ विकास शर्मा, सीएमओ
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उघैती कस्बे के नौ वर्षीय मोहम्मद ताजिम पुत्र नाजिम को तीन जून को घर के बाहर खेलते समय कुत्ते ने काट लिया था। चार जून को परिजन उसे बिसौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे, जहां एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई थी। इसके बाद छह और नौ जून को इंजेक्शन लगाए गए। परिजनों का आरोप है कि चौथी डोज के लिए नहीं बुलाया गया। कुछ दिन तक बच्चा सामान्य रहा था, लेकिन चार जुलाई की रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। पहले उसे अलीगढ़ ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया। उपचार के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्चे के हाथ में कुत्ते के गहरे दांत धंसे थे और खून भी निकला था।
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गंभीर घाव में सीरम भी नहीं लगाया
- कुत्ते के काटने से गहरा घाव होने और खून निकले तो एंटी रैबीज वैक्सीन के साथ रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (सीरम) लगाना जरूरी होता है। यह सुविधा जिला अस्पताल में उपलब्ध रहती है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें वहां रेफर तक नहीं किया गया और सीरम के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई।
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डोज लगने में लापरवाही
- पिता नाजिम ने बताया कि पहली एंटी रैबीज डोज जब चार जून को लगी तो दूसरी डोज आठ जून और तीसरी डोज 12 जून को लगनी थी। इसके अलावा चौथी बूस्टर डोज दो जुलाई को लगाई जानी थी। जबकि विभाग ने चार जून को एंटी रैबीज डोज लगा दी। उसके लगाने के बाद दूसरी डोज छह जून और तीसरी डोज नौ जून को लगाई गई थी।
वर्जन
इस संबंध में जांच कराई जाएगी। जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ विकास शर्मा, सीएमओ