नौ घंटे बाद कुएं से जीवित निकला मजदूर
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थाना क्षेत्र के गांव घड़ा कंचन में ट्यूबवेल के कुएं की सफाई करते समय मिट्टी की ढांग ढहने से सोबरन नाम का मजदूर 40 फीट की गहराई में दब गया। बड़ा भाई नाहर सिंह उसे बचाने के लिए कुएं में उतरा तो एक ओर से मिट्टी गिरने पर वह भी दब गया। उसे तो साथी मजदूरों ने तत्काल ही बाहर निकाल लिया, लेकिन सोबरन को निकालने में करीब नौ घंटे का समय लगा। खबर मिलने पर एडीएम वित्त आरपी यादव, एसडीएम दातागंज ओपी तिवारी, सीओ एसके त्यागी भी मौके पर पहुंच गए। अफसरों की मौजूदगी में फायर ब्रिगेड और पीडब्लूडी की मदद से जेसीबी मंगाकर रेस्क्यू चलाया गया।
अलापुर के सगीर उद्दीन का खेत गांव घड़ा कंचन के पास है। उन्होनें अपने खेत में बने ट्यूबवेल के कुएं में लगीं पुरानी ईटें निकालने और कुआं पाटने का ठेका फाजिल नगला के सोबरन (35) को दिया था। सोबरन ने दो दिन पहले जंडौल, प्रेमचंद्र, अवनेश, चरन सिंह और लालमन के साथ मिलकर काम शुरू किया था। ईटें निकालने का कुछ ही काम बाकी रह गया था। मंगलवार को सुबह आठ बजे सोबरन ने काम शुरू किया। सोबरन काम निपटाने के लिए कुएं में नीचे उतर गया। वह 40 फीट गहराई में था। इसी दौरान मिट्टी की एक ढांग ढहने से वह इसमें दब गया।
खबर मिलने पर सोबरन का बड़ा भाई नाहर सिंह (48) भी पहुंच गया। अपने भाई को बचाने को नाहर सिंह रस्सी के सहारे कुएं में उतरा तभी एक और ढांग ढह गई। इसमें नाहर सिंह भी दब गया। यहां मौजूद लोगों ने नाहर सिंह को तो किसी तरह से बचा लिया, लेकिन सोबरन को नहीं निकाल सके। सूचना मिलने पर एसओ सीपी सिंह मौके पर पहुंचे। घटना के बारे में उच्च अधिकारियों को बताया। करीब नौ घंटे चले रेस्क्यू के बाद शाम 6:20 बजे सोबरन को भी सुरक्षित निकाल लिया गया। उसको जीवित देखकर सभी ने ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया। तुरंत ही सोबरन को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया। क्षेत्रीय विधायक सिनोद शाक्य ने भी मौके पर पहुंच कर बचाव कार्य का जायजा लिया।