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नगर पालिका दातागंज: छुट्टा पशु बने सबसे बड़ी समस्या

Sun, 30 Apr 2023 01:11 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Sun, 30 Apr 2023 01:11 AM IST
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Municipality Dataganj: stray animals became the biggest problem
दातागंज (बदायूं)। दातागंज नगर पालिका परिषद भले ही आदर्श नगर पालिका घोषित है, लेकिन यहां भी कई बड़ी समस्याएं निकाय चुनाव में बड़ा मुद्दा बनी हैं। सड़कों पर छुट्टा घूमते जानवर यहां का सबसे बड़ा मुद्दा है, जिसे अब तक पालिका प्रशासन दूर नहीं करा पाया। इन जानवरों से न सिर्फ आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों की जान को भी खतरा बना है। इसके अलावा भी छिटपुट समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जो प्रत्याशी इन समस्याओं से निजात दिलाएगा, उसी को वोट दिया जाएगा।
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दातागंज को वर्ष 2014 में नगर पालिका का दर्जा मिला था। इससे पहले यह नगर पंचायत हुआ करती थी। यहां सबसे पहला चुनाव वर्ष 1929 में हुआ था। तब पहले चेयरमैन चिरौंजीलाल गुप्ता बने थे। पिछले कुछ साल से जनता के मनमाफिक विकास नहीं हुआ है। कई ऐसी बड़ी समस्याएं हैं, जो इस समय जनता के सामने मुद्दा बनी हुई हैं। छुट्टा पशुओं से केवल ग्रामीण इलाके के लोग परेशान नहीं है, बल्कि नगर पालिका इलाके में भी यह समस्या है।
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सड़कों पर घूमते छुट्टा पशु कई लोगों की जान ले चुके हैं। नगर पालिका प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया, जिससे इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। कस्बे की गलियों में झूलते तार भी लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। जनता का कहना है कि कुछ साल पहले यहां विकास की रफ्तार देखने को मिली थी, लेकिन पिछले चार-पांच साल से इन समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया गया। कस्बे में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और जलापूर्ति भी एक समस्या बनी हुई है। इस बार 10 प्रत्याशी मैदान में हैं। ये तो समय तय करेगा कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा, लेकिन लोगों का कहना है कि वह देख परखकर ही अपना वोट देंगे।
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जलस्तर में आई गिरावट, खराब हो गए हैडपंप
नगर पालिका इलाके में पिछले कई साल में जलस्तर में भारी गिरावट आई है। हालात यह हो गए हैं कि अधिकतर हैडपंप खराब हो गए हैं। अब उनसे पानी नहीं आता लेकिन हैरानी की बात यह भी है कि उनका दोबारा से बोरिंग नहीं कराया गया। अगर उनको रीबोर ही करा दिया जाता तो शायद कम से कम राहगीरों की प्यास तो बुझ जाती। सड़कों पर लगे अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं।

सड़क पर इतने ब्रेकर, वाहन चलाना मुश्किल
लोगों का कहना है कि नगर पालिका इलाके में जितनी भी सड़क बनी है, उन पर ब्रेकर काफी बना दिए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एक बार बाइक सवार गुजर जाए तो उसको कमर में दर्द होने लगता है। यहां ब्रेकर बनाने का कोई मानक ही नहीं है। बिना मानक के ब्रेकर बना दिए गए हैं। ऐसे में वाहन चलाने में भी काफी परेशानी होती है।

क्या कहती है जनता
कस्बे में तमाम धर्मस्थल बने हैं। वर्षों से उनकी मरम्मत नहीं हुई है। नगर पालिका प्रशासन जिम्मेदारी से उनकी मरम्मत कराए। उनका ध्यान रखे। तमाम सरकारी संपत्ति भी पड़ी हैं। उनपर भी नगर पालिका ध्यान रखे। - पल्लव गुप्ता
नगर पालिका परिषद के क्षेत्र में कई तालाबों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं, जिससे तालाब नाले बनकर रह गए हैं। जो कब्जा कर लेता है। कभी नगर पालिका प्रशासन द्वारा रोकटोक नहीं की जाती और न ही कब्जा छुड़ाया जाता है।- विनोद अग्रवाल
कस्बे में मुख्य रूप से सफाई व्यवस्था सही होनी चाहिए। कुछ समय से इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे यहां की सफाई व्यवस्था की खराब हो गई है। नाले नालियों की सफाई नहीं हुई है। कई जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। - नीतेश जौहर

कस्बे में घुमंतू जानवर से लोग ज्यादा परेशान है। इस समय हर गली में पशु छुट्टा घूम रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। गलियों में झूलते तार से भी लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। इन तारों को ठीक कराया जाना चाहिए। - मनु गुप्ता
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