बदायूं में बड़ी वारदात: चाकू से गोदकर मां-बेटी की निर्मम हत्या, मौसेरे भाई समेत छह लोगों पर रिपोर्ट दर्ज
बृहस्पतिवार देर रात हमलावरों ने घर में घुसकर मां-बेटी पर चाकू से वार कर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस को पास में रह रहे मौसेरे भाई के हाथ में जख्म मिला है। उसको पुलिस हिरासत में लिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बदायूं के दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव वीरमपुर में 14 अगस्त की देर रात निर्माणाधीन मकान में सो रही मां-बेटी की चाकू से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या के पीछे कारण संपत्ति हथियाने का सामने आया है। दोहरे हत्याकांड के दौरान एक युवक घायल हुआ है। पुलिस उसे हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त मान रही है। वहीं, एडीजी रमित शर्मा, डीआईजी अजय साहनी व एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया है। वृद्धा के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने घायल युवक समेत छह अभियुक्तों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
गांव वीरमपुर निवासी जयंती (35) की शादी वजीरगंज थानाक्षेत्र के गांव रोटा निवासी गजेंद्र से हुई थी। गजेंद्र की 12 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई। कुछ साल जयंती ससुराल में रही। तीन साल पहले ससुरालियों की प्रताड़ना से तंग आकर वह वीरमपुर अपने मायके में आकर रहने लगी।
गांव के बाहर बनवा रही थीं मकान
उन्होंने तीन महीने पहले ससुराल की 28.50 लाख रुपये में जमीन बेची थी। इससे वह गांव के बाहरी दिशा में मकान का निर्माण करा रही थीं। जयंती अकेली थी। इसके चलते उसने मां शांति देवी को भी साथ रख लिया था, जबकि उसके छह भाई गांव में रह रहे हैं। वहीं, हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव चितरी निवासी जयंती की मौसी शीला ने भी पड़ोस में मकान बनवाया था। शीला की ढाई महीने पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद से उनका बेटा विपिन मकान में रह रहा था।
14 अगस्त की रात जयंती और उसकी मां शांति घर के अंदर अलग-अलग चारपाई पर सो रही थी। इसी बीच दोनों की गला रेतकर और चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। देर रात ही विपिन ने परिजनों को हत्याकांड की सूचना दी। परिजनों को बताया कि चीख पुकार होने पर वह घर के दरवाजे पर पहुंचा तो उसे एक बदमाश चाकू से वार करके भाग निकला। पुलिस व परिजनों को उसकी कहानी पर यकीन नहीं हुआ।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट
पुलिस व परिजनों को शक है कि विपिन ने ही मौसेरी बहन जयंती व मौसी शांति की हत्या की है। विपिन को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं, शांति के बेटे अवनीश ने बहन जयंती के जेठ वजीरगंज के गांव रोटा निवासी सुरेंद्र, प्रदीप सिंह, कब्बाली, जमीन खरीदने वाले पिंकू व सुरेंद्र व हजरतपुर के गांव चितरी के मौसेरे भाई विपिन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सभी अभियुक्त उसकी बहन की संपत्ति को हथियाना चाहते थे। पुलिस ने रविवार को हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है।
मां-बेटी के नृशंस हत्या को अंजाम देने में विपिन के अलावा कितने कातिल थे। इसका राजफाश पुलिस के खुलासे के बाद ही होगा, लेकिन परिजनों का दावा है कि घर के अंदर कई कातिल घुसे होंगे, जिन्होंने सोते समय ही दोनों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। अगर कातिल कोई एक होता तो वह दोनों पर एक साथ चाकू से वार नहीं कर सकता था। इसी वजह से पुलिस भी कातिलों की संख्या और वजह पर चुप्पी साधे हुए है।
शांति के बेटे अवनीश ने बताया कि उनकी मां व बहन की हत्या में कई लोग शामिल हैं। हत्याकांड को अंजाम देने के लिए उन्होंने उसके मौसेरे भाई विपिन को मोहरा बनाया है। बहन के पति गजेंद्र की मौत होने के बाद से ही उसके ससुराल पक्ष के लोग 12 बीघा जमीन व मकान हथियाना चाहते थे।
एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि निर्माणाधीन मकान में मां-बेटी की चाकू से गोदकर हत्या की गई है। एक युवक संदिग्ध रूप से घायल हुआ है। शांति के बेटे की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। प्राथमिक जांच में संपत्ति विवाद सामने आया है। घायल युवक से पूछताछ की जा रही है।