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रिजोला में ग्राम पंचायत के धन का दुरुपयोग
ब्यूरो/बदायूं
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:02 AM IST
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एडीओ की जांच में उसावां ब्लॉक की ग्राम पंचायत रिजोला की 10.65 लाख रुपये की धनराशि के दुरुपयोग की बात सामने आई है। ग्राम पंचायत और सचिव ने ग्राम पंचायत की यह धनराशि संयुक्त हस्ताक्षर से निकाली थी, जिसके खर्च का ब्यौरा दोनों नहीं दे पाए। एडीओ पंचायत ने जांच के बाद कार्रवाई डीपीआरओ से कार्रवाई की संस्तुति की है।
रिजोला ग्राम पंचायत की धनराशि का दुरुपयोग किए जाने की शिकायत की गई थी, जिसकी जांच एडीओ पंचायत उसावां को दी गई थी। जांच के दौरान एडीओ ने पाया कि जनवरी से जुलाई 2016 तक 10 लाख 65 हजार 797 रुपये निकाले गए थे। इस धनराशि को निकालने के बाद खर्च किया जाना ग्राम प्रधान और सचिव जांच के दौरा साबित नहीं कर पाए। इसे प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता मानते हुए शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने पर ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए संस्तुति एडीओ ने डीपीआरओ से की है। एडीओ की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, पहला चेक सीमेंट एजेंसी को 20 हजार रुपये का जारी किया गया। इसके बाद एक लाख 83 हजार सौ रुपये का दूसरा चेक भी सीमेंट विक्रेता के नाम पर काटा गया। इसके अलावा अन्य धनराशि भी विवादित तरीके से खर्च की गई।
शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है। उनके स्पष्टीकरण आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-प्रीतम सिंह, डीपीआरओ
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रिजोला ग्राम पंचायत की धनराशि का दुरुपयोग किए जाने की शिकायत की गई थी, जिसकी जांच एडीओ पंचायत उसावां को दी गई थी। जांच के दौरान एडीओ ने पाया कि जनवरी से जुलाई 2016 तक 10 लाख 65 हजार 797 रुपये निकाले गए थे। इस धनराशि को निकालने के बाद खर्च किया जाना ग्राम प्रधान और सचिव जांच के दौरा साबित नहीं कर पाए। इसे प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता मानते हुए शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने पर ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए संस्तुति एडीओ ने डीपीआरओ से की है। एडीओ की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, पहला चेक सीमेंट एजेंसी को 20 हजार रुपये का जारी किया गया। इसके बाद एक लाख 83 हजार सौ रुपये का दूसरा चेक भी सीमेंट विक्रेता के नाम पर काटा गया। इसके अलावा अन्य धनराशि भी विवादित तरीके से खर्च की गई।
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शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है। उनके स्पष्टीकरण आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-प्रीतम सिंह, डीपीआरओ