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Budaun News: ककोड़ा मेले में पहले बजते थे ढोल-मजीरे, अब म्यूजिक सिस्टम से गूंज रहा गंगा तट

Fri, 24 Nov 2023 04:13 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 24 Nov 2023 04:13 PM IST
सार

गंगा की तलहटी में लगने वाला मेला ककोड़ा शुरू हो गया है और लगातार लोग अपने तंबू लगा रहे हैं। ककोड़ा मेले में कभी ढोल-मजीरे की गूंज रहती थी, लेकिन आधुनिकता के दौर में अब उनकी जगह डीजे ने ले ली है। 

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Modernity is losing the cultural identity of Kakoda Mela in Budaun
गंगा तट पर बसा ककोड़ मेला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं के कादरचौक में गंगा तट पर लगने वाला ककोड़ा मेला यूं तो ग्रामीण परिवेश पर आधारित मेला है, लेकिन आधुनिकता के दौर में इसकी सांस्कृतिक पहचान धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। पहले तंबुओं में ढोल की थाप और मजीरे की आवाज सुनाई देती थी, लेकिन अब इसकी जगह आधुनिक म्यूजिक सिस्टम ने ली है। हालांकि मेले में आने वाले ग्रामीण लोग आज भी परंपराओं को बरकरार रखने की कोशिश कर रहे हैं।

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गंगा की तलहटी में लगने वाला मेला ककोड़ा शुरू हो गया है और लगातार लोग अपने तंबू लगा रहे हैं। 15 दिनों तक चलने वाले इस मेला में दूरदराज से लोग अपना पूरा साजो सामान लेकर आते हैं, जिसमें वह मनोरंजन के लिए संगीत का भी सामान लाते हैं। पूर्व में देखा जाता था कि पहले जो लोग मेला में आते थे वह पूरी तरह से भक्ति से डूबे रहते थे। गांव की महिलाएं एक स्थान पर बैठकर गंगा मैया के गीत गाती थी और उनके गीतों को सुनने के लिए लोग अपने तंबू से निकलकर वहां पर पहुंच जाते थे, लेकिन आधुनिकता ने इसको काफी प्रभावित कर दिया है। 
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अब भजन कीर्तन के स्थान पर संगीत के आधुनिक सिस्टम ने ले ली है ऐसे में मेला की रंगत भी फीकी पड़ती नजर आने लगी है। अब डीजे पर फूहड़ता भरे गाने ज्यादा सुनाई देते हैं। मनोरंजन के लिए जो साधन मेला में लगते हैं, उनमें फिल्मी गीत ही अधिक बजते हैंए जबकि पहले यहां आल्हा की तान सुनाई देती थी।

साधु-संतों समेत लोगों ने मनाई देवोत्थान एकादशी
मेला ककोड़ा में बृहस्पतिवार को देवोत्थान एकादशी मनाई गई। साधु-संतों व गंगा भक्तों ने गंगा में डुबकी लगाई, वहीं तंबुओं में देवों को जगाया गया। मेला स्थल पर धार्मिक आयोजन हुए, साथ ही खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। यज्ञ, पूजा का दौर शाम तक चलता रहा। सैकड़ों लोग बृहस्पतिवार भोर मेला में पहुंच गए। दिन भर श्रद्धालुओं का रेला चलता रहा। कई पीढि़यों से कल्पवास कर एकादशी मनाने वाले श्रद्धालु भी पहुंच गए। ऐसे में मेला में धर्म व संस्कृति की बयार दिखी। इस दौरान कई ट्रैक्टर ट्रालियों के पहिये सड़क में धंसते दिखाई दिए।

केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा करेंगे उद्घाटन
रविवार को होने वाले उद्घाटन समारोह को लेकर दिन भर तैयारियां चलती रहीं। केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा मेले का विधिवत उद्घाटन करेंगे। मेलाधिकारी ने मेला में नाव से गंगा का भ्रमण किया। पूर्वी घाट पर स्नान कराने के लिए शीघ्र घाट निर्माण कराने के निर्देश दिए।

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