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छात्राओं से सिकवाई जा रहीं रोटियां
बदायूं।
Updated Tue, 10 Feb 2015 12:04 AM IST
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परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का हाल शिक्षक ही खराब कर रहे हैं। शिक्षक-शिक्षिकाएं पढ़ाना तो दूर बच्चों से काम कराते हैं। सोमवार को ब्लॉक जगत के एक प्राइमरी स्कूल में यहीं दृश्य देखने को मिला। यहां बच्चोें से एमडीएम तैयार करवाया जा रहा था। इतना ही नहीं खुले में कक्षाएं लगवाई जाती हैं। इन अव्यवस्थाओं से अभिभावक भी नाराज हैं।
शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर शासन हर कवायद कर रही है। लेकिन जमीनी हकीकत पर जिम्मेदार पलीता लगाने पर तुले हुए हैं। सोमवार को एक ऐसा ही मामला देखने को मिला। ग्राम नरऊ बुजुर्ग के प्राइमरी स्कूल में छात्राओं को पढ़ाया तो नहीं जा रहा था लेकिन उनसे काम जरूर कराया जा रहा था। छात्राएं रसोइया के साथ बैठकर रोटियां सिकवा रहीं थी।
इसके बारे में प्रधानाध्यापिका सपना देवी से जानकारी मांगी तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। उल्टे उच्च अधिकारियों से जान-पहचान होने का दावा करते हुए रौब दिखाने लगे। अभिभावकों की माने तो ऐसा आज पहली बार नहीं हुआ है। बताया कि शिक्षक-शिक्षिकाएं भी कभी-कभार ही विद्यालय पहुंचते हैं।
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मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है। अगर स्कूल में छात्राओं से खाना बनवाया जाता है तो यह गलत है। इसके लिए रसोइयां लगाई गई हैं। अगर इस तरह का मामला है तो इसकी जानकारी ली जाएगी। साथ ही उचित कार्रवाई भी की जाएगी।
- सोमनाथ विश्वकर्मा, प्रभारी बीएसए।
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शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर शासन हर कवायद कर रही है। लेकिन जमीनी हकीकत पर जिम्मेदार पलीता लगाने पर तुले हुए हैं। सोमवार को एक ऐसा ही मामला देखने को मिला। ग्राम नरऊ बुजुर्ग के प्राइमरी स्कूल में छात्राओं को पढ़ाया तो नहीं जा रहा था लेकिन उनसे काम जरूर कराया जा रहा था। छात्राएं रसोइया के साथ बैठकर रोटियां सिकवा रहीं थी।
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इसके बारे में प्रधानाध्यापिका सपना देवी से जानकारी मांगी तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। उल्टे उच्च अधिकारियों से जान-पहचान होने का दावा करते हुए रौब दिखाने लगे। अभिभावकों की माने तो ऐसा आज पहली बार नहीं हुआ है। बताया कि शिक्षक-शिक्षिकाएं भी कभी-कभार ही विद्यालय पहुंचते हैं।
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मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है। अगर स्कूल में छात्राओं से खाना बनवाया जाता है तो यह गलत है। इसके लिए रसोइयां लगाई गई हैं। अगर इस तरह का मामला है तो इसकी जानकारी ली जाएगी। साथ ही उचित कार्रवाई भी की जाएगी।
- सोमनाथ विश्वकर्मा, प्रभारी बीएसए।