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धूप खिलने से तापमान में इजाफा, बढ़ रहा एक्यूआई, हवा में घुल रही धूल
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बदायूं। सर्दियों का मौसम लगभग गुजर गया है। फरवरी का दूसरा सप्ताह खत्म होने के साथ तापमान में भी इजाफा होने लगा है। मौसम विशेषज्ञ पहले ही पूर्वानुमान जता चुके हैं कि फरवरी खत्म होने तक अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार हो जाएगा। न्यूनतम तापमान में भी इजाफा होगा। विशेषज्ञों की मानें तो वातावरण में नमी कम होने के कारण इस दौरान उड़ने वाले धूल और धुआं के गुबार वायु की गुणवत्ता को खराब करेंगे। यह काफी नुकसानदेह साबित होगा।
शहर समेत जिले में कई स्थानों पर सड़कों का काम चल रहा है। यहां मिट्टी होने के कारण धूल के गुबार अभी से उड़ने लगे हैं। लगातार धूप खिलने से स्थिति और खराब हो रही है। शहर में पनबड़िया के पास पुलिया के दोनों ओर काफी मिट्टी पड़ी है। करीब पांच महीने के बाद भी पुलिया का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इधर, मंडी समिति के पास भी खड़क पर मिट्टी पड़ी है।
आवास विकास के पास एक बड़े नाले का निर्माण चल रहा है। यहां भी अभी से दिन भर धूल के गुबार उड़कर हवा में मिलकर वायु की गुणवत्ता को खराब कर रहे हैं। जो निर्माण कार्य चल रहे हैं उनका काम जल्द पूरा होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। इसके अलावा रोजाना सड़कों पर लग रहा जाम भी लोगों को परेशान कर रहा है। नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग की ओर से भी सड़कों पर उड़ती धूल पर पानी के छिड़काव की कोई व्यवस्था नहीं की जाती। इस कारण धूल उड़ने से सड़क पर गुजरने वाले लोगों से ज्यादा समस्या यहां आस-पास रहने वाला लोगों को होती है। आसपास के लोगों का कहना है कि सर्दियों के सीजन में कोहरा और वातावरण में नमी होने के कारण धूल नहीं उड़ती थी, लेकिन अब तापमान बढ़ने के साथ धूूल उड़ने लगी है। इससे काफी समस्या होती है।
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वायु का एक्यूआई बढ़कर 250 के पार होने का अनुमान
मौसम में जानकारों की मानें तो फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से ही वायु के एक्यूआई में लगातार इजाफा हो रहा है। एक्यूआई 250 के पार हो गया है। यह काफी नुकसानदेह है। अगर एक्यूआई 300 के पार होता है तो समस्या पैदा हो जाएगी। बदायूं के आस-पास बरेली, शाहजहांपुर और मुरादाबाद जैसे जिले हैं। यहां काफी कारखाने हैं। इसके अलावा एनसीआर में अगर वायु का एक्यूआई बढ़ता है तो उसका असर भी बदायूं तक होता है। दरअसल बदायूं की दिल्ली से दूरी की करीब 240 किमी है। इसके साथ ही बदायूं में वाहनों का दबाव भी काफी ज्यादा रहता है। इस कारण भी वायु में धूल और धुआं के सूक्ष्म कणों की मात्रा में इजाफा होता है।
अभी से 26 डिग्री के पास हुआ अधिकतम तापमान
फरवरी का दूसरा सप्ताह खत्म हुआ है और तापमान अभी से 26 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आलोक सागर गौतम का कहना है कि 28 फरवरी तक तापमान 30 डिग्री के पार हो जाएगा। फरवरी के महीने में इतना अधिक तापमान खतरे की घंटी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन से मिले पिछले सप्ताह के आंकड़ों के अनुसार मुरादाबाद के साथ बरेली और बदायूं में भी वायु की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। हालांकि, मार्च के पहले और दूसरे सप्ताह में बूंदाबांदी का पूर्वानुमान है। अगर ऐसा होता है तो एक्यूआई की स्थिति में कुछ सुधार होगा। बुधवार को अधिकतम तापमान जहां 26 डिग्री के आसपास रिकार्ड किया गया वहीं न्यूनतम तापमान भी 11 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया।
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शहर समेत जिले में कई स्थानों पर सड़कों का काम चल रहा है। यहां मिट्टी होने के कारण धूल के गुबार अभी से उड़ने लगे हैं। लगातार धूप खिलने से स्थिति और खराब हो रही है। शहर में पनबड़िया के पास पुलिया के दोनों ओर काफी मिट्टी पड़ी है। करीब पांच महीने के बाद भी पुलिया का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इधर, मंडी समिति के पास भी खड़क पर मिट्टी पड़ी है।
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आवास विकास के पास एक बड़े नाले का निर्माण चल रहा है। यहां भी अभी से दिन भर धूल के गुबार उड़कर हवा में मिलकर वायु की गुणवत्ता को खराब कर रहे हैं। जो निर्माण कार्य चल रहे हैं उनका काम जल्द पूरा होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। इसके अलावा रोजाना सड़कों पर लग रहा जाम भी लोगों को परेशान कर रहा है। नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग की ओर से भी सड़कों पर उड़ती धूल पर पानी के छिड़काव की कोई व्यवस्था नहीं की जाती। इस कारण धूल उड़ने से सड़क पर गुजरने वाले लोगों से ज्यादा समस्या यहां आस-पास रहने वाला लोगों को होती है। आसपास के लोगों का कहना है कि सर्दियों के सीजन में कोहरा और वातावरण में नमी होने के कारण धूल नहीं उड़ती थी, लेकिन अब तापमान बढ़ने के साथ धूूल उड़ने लगी है। इससे काफी समस्या होती है।
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वायु का एक्यूआई बढ़कर 250 के पार होने का अनुमान
मौसम में जानकारों की मानें तो फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से ही वायु के एक्यूआई में लगातार इजाफा हो रहा है। एक्यूआई 250 के पार हो गया है। यह काफी नुकसानदेह है। अगर एक्यूआई 300 के पार होता है तो समस्या पैदा हो जाएगी। बदायूं के आस-पास बरेली, शाहजहांपुर और मुरादाबाद जैसे जिले हैं। यहां काफी कारखाने हैं। इसके अलावा एनसीआर में अगर वायु का एक्यूआई बढ़ता है तो उसका असर भी बदायूं तक होता है। दरअसल बदायूं की दिल्ली से दूरी की करीब 240 किमी है। इसके साथ ही बदायूं में वाहनों का दबाव भी काफी ज्यादा रहता है। इस कारण भी वायु में धूल और धुआं के सूक्ष्म कणों की मात्रा में इजाफा होता है।
अभी से 26 डिग्री के पास हुआ अधिकतम तापमान
फरवरी का दूसरा सप्ताह खत्म हुआ है और तापमान अभी से 26 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आलोक सागर गौतम का कहना है कि 28 फरवरी तक तापमान 30 डिग्री के पार हो जाएगा। फरवरी के महीने में इतना अधिक तापमान खतरे की घंटी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन से मिले पिछले सप्ताह के आंकड़ों के अनुसार मुरादाबाद के साथ बरेली और बदायूं में भी वायु की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। हालांकि, मार्च के पहले और दूसरे सप्ताह में बूंदाबांदी का पूर्वानुमान है। अगर ऐसा होता है तो एक्यूआई की स्थिति में कुछ सुधार होगा। बुधवार को अधिकतम तापमान जहां 26 डिग्री के आसपास रिकार्ड किया गया वहीं न्यूनतम तापमान भी 11 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया।